नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद डॉ. शशि थरूर एक बार फिर अपने बयान और लेख को लेकर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। इस बार उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल का विस्तृत आकलन करते हुए ऐसा लेख लिखा है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। खास बात यह है कि थरूर ने मोदी सरकार की कई उपलब्धियों की खुलकर सराहना की है, हालांकि साथ ही लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक समावेशन को लेकर अपनी चिंताएं भी दर्ज कराई हैं।
थरूर का यह लेख अंतरराष्ट्रीय मंच Project Syndicate में प्रकाशित हुआ है, जिसे उनके कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी साझा किया। लेख सामने आने के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ही खेमों में इसकी चर्चा तेज हो गई है।
मोदी सरकार के 12 साल पर थरूर का मूल्यांकन
अपने लेख में शशि थरूर ने लिखा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने आर्थिक आधुनिकीकरण, डिजिटल परिवर्तन और प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके अनुसार मोदी सरकार के कार्यकाल में इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल गवर्नेंस और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है और देश की आर्थिक क्षमता को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
नेहरू और इंदिरा गांधी के साथ मोदी का जिक्र
लेख में शशि थरूर ने स्वतंत्र भारत के सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों का जिक्र करते हुए जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और नरेंद्र मोदी को एक साथ रखा। उन्होंने लिखा कि इन तीन नेताओं ने अपने-अपने दौर में भारत की दिशा और भविष्य तय करने में अहम भूमिका निभाई।
थरूर के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की विरासत भी आने वाले वर्षों में भारत की राजनीति, अर्थव्यवस्था और वैश्विक भूमिका को प्रभावित करेगी।

उपलब्धियों के साथ जताई चिंता
हालांकि शशि थरूर ने केवल प्रशंसा ही नहीं की, बल्कि उन्होंने कुछ गंभीर चिंताएं भी सामने रखीं। उन्होंने लिखा कि आर्थिक विकास के समानांतर संस्थागत स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों और अल्पसंख्यकों के समावेशन के मुद्दों पर गिरावट देखने को मिली है।
उनका कहना है कि भारत की वास्तविक प्रगति तभी मानी जाएगी जब आर्थिक विकास के साथ लोकतांत्रिक संस्थाएं भी उतनी ही मजबूत रहें और समाज के सभी वर्गों को समान अवसर मिलें।
कांग्रेस में फिर शुरू हुई चर्चा
शशि थरूर इससे पहले भी कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति, कोविड वैक्सीन अभियान और वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका की सराहना कर चुके हैं। ऐसे बयानों के कारण उन्हें कई बार अपनी ही पार्टी के भीतर आलोचना का सामना करना पड़ा है।
अब एक बार फिर मोदी सरकार के 12 वर्षों पर लिखे गए इस लेख के बाद कांग्रेस के भीतर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि थरूर का यह लेख आगामी राजनीतिक विमर्श में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
भाजपा को मिला नया मुद्दा
भाजपा नेताओं ने शशि थरूर के लेख को मोदी सरकार के विकास मॉडल की पुष्टि बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब विपक्ष के वरिष्ठ नेता भी सरकार की उपलब्धियों को स्वीकार कर रहे हैं, तो यह मोदी सरकार की नीतियों की सफलता का प्रमाण है।
हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक इस लेख पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर
लेख में थरूर ने भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा, डिजिटल अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और निवेश आकर्षित करने की क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विकास की यह गति तभी टिकाऊ होगी जब लोकतांत्रिक संस्थाएं और संवैधानिक मूल्य भी समान रूप से मजबूत बने रहें।
निष्कर्ष:
डॉ. शशि थरूर का यह लेख केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पिछले 12 वर्षों के शासन का संतुलित राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषण भी प्रस्तुत करता है। जहां उन्होंने आर्थिक सुधारों, डिजिटल विकास और वैश्विक नेतृत्व की सराहना की, वहीं लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक समावेशन को लेकर चिंता भी व्यक्त की। ऐसे में यह लेख आने वाले दिनों में भारतीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है।

