यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू, ‘चंदा चोर-गद्दी छोड़’ के पोस्टरों के साथ सपा का प्रदर्शन; CM योगी ने दिया जवाब
उत्तर प्रदेश: विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार को राजनीतिक गर्माहट के बीच शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर के बाहर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने ‘चंदा चोर-गद्दी छोड़’ लिखे पोस्टर और बैनर हाथों में लिए, जबकि कुछ विधायक प्रतीकात्मक रूप से दानपेटी में सिक्के भरकर विधानसभा पहुंचे।
विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं, नीट पेपर लीक, बिजली, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का ऐलान किया। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को संबोधित करते हुए विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया और पिछली सरकारों पर निशाना साधा।
सत्र की शुरुआत शोक प्रस्ताव से हुई
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही देश के सबसे उम्रदराज समाजवादी पार्टी विधायक आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा गया। सदन ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
हालांकि, विधान परिषद की कार्यवाही निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रही।
सपा का जोरदार प्रदर्शन
सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन चर्चा का विषय रहा। सपा के कई विधायक पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे। कुछ विधायकों ने दानपेटी के माध्यम से प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया।
सपा नेताओं ने राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर कथित अनियमितताओं और नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारों और पोस्टरों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया।
साइकिल से विधानसभा पहुंचे सपा नेता
सपा विधायक ज़ाहिद बेग साइकिल से विधानसभा पहुंचे। उनके हाथों में ऐसे पोस्टर थे जिनमें राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और E20 पेट्रोल से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया था।
उनका यह विरोध प्रदर्शन मीडिया और अन्य विधायकों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।

नेता प्रतिपक्ष ने उठाए कई मुद्दे
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि विपक्ष इस सत्र में कई जनहित के मुद्दों को उठाएगा।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता में राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी, बिजली व्यवस्था, बेरोजगारी और प्रदेश की कानून-व्यवस्था शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
यह विपक्ष का पक्ष है और इन आरोपों पर सरकार की ओर से अलग दृष्टिकोण रखा गया है।
CM योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना
सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत करते हुए सभी विधायकों का स्वागत किया और कहा कि पिछले नौ वर्षों में लोकतांत्रिक संवाद के माध्यम से उत्तर प्रदेश को नई दिशा देने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में गन्ना किसानों का भुगतान लंबित रहता था और किसानों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज वही लोग राम मंदिर से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं, जिन पर अतीत में रामभक्तों के खिलाफ कार्रवाई कराने के आरोप लगते रहे हैं।
सरकार ला सकती है कई विधेयक
चार दिनों तक चलने वाले इस मानसून सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है।
जानकारी के अनुसार, पिछले सत्र के बाद जारी किए गए नौ अध्यादेशों को प्रतिस्थापित करने के लिए विधेयक लाए जाने की संभावना है। इसके अलावा कुछ नए विधेयक भी सदन में पेश किए जा सकते हैं।
सरकार का कहना है कि इन विधेयकों का उद्देश्य प्रशासनिक और विकास संबंधी कार्यों को और प्रभावी बनाना है।
राजनीतिक टकराव के संकेत
मानसून सत्र की शुरुआत से ही यह स्पष्ट हो गया कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिलेगी।
एक ओर विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रहा है, वहीं सरकार अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और विकास कार्यों को सामने रखकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है।
ऐसे में आगामी दिनों में सदन के भीतर तीखी बहस और हंगामे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र का पहला दिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और विरोध-प्रदर्शन के बीच शुरू हुआ। विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी, नीट पेपर लीक और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास किया, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। आने वाले दिनों में सदन में कई महत्वपूर्ण विधेयकों के साथ-साथ इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।

