उत्तर प्रदेश: के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रतापगढ़ दौरे के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो दल आज राम मंदिर और आस्था की बात कर रहे हैं, वही अतीत में भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और अयोध्या आंदोलन के दौरान रामभक्तों पर गोली चलने की घटनाओं पर मौन रहे।
मुख्यमंत्री ने यह बातें प्रतापगढ़ के जीआईसी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में कहीं, जहां उन्होंने लगभग 384 करोड़ रुपये की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र और प्रतीकात्मक चाबियां भी सौंपीं।
राम मंदिर मुद्दे पर विपक्ष पर हमला
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज कुछ राजनीतिक दल राम मंदिर और आस्था का मुद्दा उठा रहे हैं, लेकिन जब अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चली थी, तब उनकी आस्था आहत नहीं हुई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने सर्वोच्च न्यायालय में भगवान श्रीराम के अस्तित्व को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने लंबे समय तक अयोध्या विवाद में अलग रुख अपनाया और अब राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार अपना रुख बदल रही हैं।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों का अयोध्या से कभी कोई जुड़ाव नहीं रहा, वे आज मंदिर निर्माण और उससे जुड़े मामलों का हिसाब मांग रहे हैं।
वक्फ मुद्दे पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में वक्फ से जुड़े मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब वक्फ से जुड़े विषयों पर चर्चा होती है तो कांग्रेस और समाजवादी पार्टी चुप्पी साध लेती हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है मानो उनके “मुंह पर फेविकोल लग गया हो।”
उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी और कानून के दायरे में फैसले ले रही है।
जातिवाद की राजनीति पर टिप्पणी
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर समाज में जातीय विभाजन पैदा करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब विकास, सुशासन और कानून व्यवस्था के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, जबकि कुछ राजनीतिक दल समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने की राजनीति करते रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे ऐसी राजनीति से सावधान रहें और विकास आधारित राजनीति का समर्थन करें।

राम मंदिर चढ़ावा मामले पर क्या बोले?
राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है।
उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल (SIT) की सिफारिशों के आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े किसी भी मामले में दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई हो।
विकास परियोजनाओं की दी सौगात
राजनीतिक बयानबाजी के साथ मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने प्रतापगढ़ जिले के लिए लगभग 384 करोड़ रुपये की लागत वाली 111 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इन परियोजनाओं में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, ग्रामीण विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई कार्य शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने—
- आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को कार्ड प्रदान किए।
- मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चाबियां सौंपीं।
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को प्रमाणपत्र वितरित किए।
उन्होंने कहा कि सरकार गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
चुनावी संदेश भी दिया
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और निवेश का वातावरण बेहतर हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि पहले उत्तर प्रदेश अपराध और दंगों के लिए जाना जाता था, जबकि अब विकास और निवेश के लिए पहचाना जा रहा है।
साथ ही उन्होंने लोगों से विकास और सुशासन के एजेंडे को आगे बढ़ाने का समर्थन करने की अपील की।
निष्कर्ष
प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भाषण विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ-साथ विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमलों के कारण भी चर्चा में रहा। उन्होंने राम मंदिर, अयोध्या, वक्फ और जातीय राजनीति जैसे मुद्दों पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की आलोचना की, जबकि राम मंदिर चढ़ावा मामले में चल रही जांच का हवाला देते हुए दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया। विपक्ष की ओर से इन बयानों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।

