LRN24LRN24
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Reading: सुप्रीम कोर्ट ने कहा—हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा अन्य धर्म अपनाने पर नहीं मिलेगा अनुसूचित जाति का लाभ
Share
LRN24LRN24
Font ResizerAa
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Search News
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Follow US
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
© LRN24 News Network

Home - दिल्ली - सुप्रीम कोर्ट ने कहा—हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा अन्य धर्म अपनाने पर नहीं मिलेगा अनुसूचित जाति का लाभ

सुप्रीम कोर्ट ने कहा—हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा अन्य धर्म अपनाने पर नहीं मिलेगा अनुसूचित जाति का लाभ

Rajat Kumar
Last updated: 2026/03/24 at 3:13 PM
Rajat Kumar
Share
4 Min Read
सुप्रीम कोर्ट ने कहा—हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा अन्य धर्म अपनाने पर नहीं मिलेगा अनुसूचित जाति का लाभ
सुप्रीम कोर्ट ने कहा—हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा अन्य धर्म अपनाने पर नहीं मिलेगा अनुसूचित जाति का लाभ
SHARE

Supreme Court of India: ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि धर्म परिवर्तन करने के बाद कोई व्यक्ति अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा बनाए नहीं रख सकता। अदालत ने इस मामले में Andhra Pradesh High Court के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि संविधान के अनुसार SC का दर्जा केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म मानने वालों तक ही सीमित है।

Contents
क्या है पूरा मामला?हाईकोर्ट का क्या था फैसला?सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?संविधान क्या कहता है?फैसले के व्यापक मायनेनिष्कर्ष:

यह फैसला एक ऐसे मामले में आया, जिसमें एक व्यक्ति ने ईसाई धर्म अपना लिया था और बाद में एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) कानून के तहत सुरक्षा की मांग की थी। हालांकि अदालत ने साफ किया कि धर्मांतरण के बाद ऐसे व्यक्ति को इस कानून के तहत संरक्षण का अधिकार नहीं मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा—हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा अन्य धर्म अपनाने पर नहीं मिलेगा अनुसूचित जाति का लाभ
सुप्रीम कोर्ट ने कहा—हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा अन्य धर्म अपनाने पर नहीं मिलेगा अनुसूचित जाति का लाभ

क्या है पूरा मामला?

मामले की शुरुआत तब हुई जब एक व्यक्ति, जो पहले अनुसूचित जाति से संबंधित था, ने ईसाई धर्म अपना लिया और पादरी (पेस्टर) के रूप में कार्य करने लगा। उसने कुछ लोगों के खिलाफ SC/ST (Prevention of Atrocities) Act के तहत मामला दर्ज कराया।

लेकिन आरोपियों ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि शिकायतकर्ता अब ईसाई धर्म अपना चुका है, इसलिए उसे एससी-एसटी कानून का लाभ नहीं मिल सकता। मामला पहले हाईकोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने आरोपियों की दलील को सही माना।

हाईकोर्ट का क्या था फैसला?

Andhra Pradesh High Court ने 30 अप्रैल 2025 को दिए अपने फैसले में कहा कि ईसाई धर्म में जाति व्यवस्था का अस्तित्व नहीं है। ऐसे में धर्मांतरण के बाद व्यक्ति अनुसूचित जाति की श्रेणी में नहीं आता।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज धाराओं को हटाया जाना चाहिए, क्योंकि शिकायतकर्ता इस कानून के तहत संरक्षण पाने का पात्र नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

इस फैसले को चुनौती देते हुए पीड़ित ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की। इस पर सुनवाई करते हुए Supreme Court of India की पीठ—जस्टिस Prashant Kumar Mishra और जस्टिस N.V. Anjaria—ने हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया।

पीठ ने अपने फैसले में कहा कि यह महत्वपूर्ण नहीं है कि व्यक्ति ने बाद में अपने मूल धर्म में वापसी की या नहीं, बल्कि यह देखा जाएगा कि घटना के समय वह किस धर्म का पालन कर रहा था।

अदालत ने कहा कि उपलब्ध सबूतों से स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता एक दशक से अधिक समय से ईसाई धर्म का पालन कर रहा था और नियमित रूप से पादरी के रूप में धार्मिक गतिविधियां संचालित कर रहा था। इसलिए उसे अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा—हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा अन्य धर्म अपनाने पर नहीं मिलेगा अनुसूचित जाति का लाभ
सुप्रीम कोर्ट ने कहा—हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा अन्य धर्म अपनाने पर नहीं मिलेगा अनुसूचित जाति का लाभ

संविधान क्या कहता है?

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 1950 के राष्ट्रपति आदेश (Constitutional Order, 1950) का भी उल्लेख किया। इस आदेश के अनुसार अनुसूचित जाति का दर्जा केवल उन व्यक्तियों को दिया जाता है, जो हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म का पालन करते हैं।

अदालत ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इन धर्मों के अलावा किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो उसका SC दर्जा स्वतः समाप्त हो जाता है, चाहे उसका जन्म किसी भी जाति में हुआ हो।

Supreme Court of India
Supreme Court of India

फैसले के व्यापक मायने

यह फैसला सामाजिक और कानूनी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि धर्मांतरण के बाद व्यक्ति को अनुसूचित जाति से मिलने वाले कानूनी संरक्षण और लाभ नहीं मिलेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक स्पष्ट मार्गदर्शक बनेगा, जहां धर्म परिवर्तन और सामाजिक पहचान से जुड़े विवाद सामने आते हैं।

हालांकि इस फैसले पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों के बीच बहस भी तेज हो सकती है, क्योंकि यह सामाजिक न्याय और धार्मिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन का मुद्दा उठाता है।

ये भी पढ़ें: मोदी की बड़ी चेतावनी: ईरान जंग जारी रही तो भारत पर पड़ेगा गंभीर असर, होर्मुज में फंसे भारतीयों को लेकर चिंता


निष्कर्ष:

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला एक महत्वपूर्ण संवैधानिक स्पष्टता प्रदान करता है कि धर्म परिवर्तन का सीधा असर व्यक्ति की सामाजिक श्रेणी और कानूनी अधिकारों पर पड़ता है। अब यह स्पष्ट है कि अनुसूचित जाति का दर्जा धर्म से जुड़ा हुआ है और इसके लिए निर्धारित मानकों का पालन आवश्यक है।

TAGGED: SC ST Act, Supreme Court, अनुसूचित जाति, इंडिया न्यूज, कानूनी खबर, कोर्ट फैसला, धर्मांतरण, संविधान 1950 आदेश
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Joy0
Dead0
Wink0
Rajat Kumar
By Rajat Kumar
Follow:
Lrn24 News Editor
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisments

आपकी राय

सोने-चांदी के दामों में गिरावट का एक मुख्य कारण क्या बताया गया है?
  • Add your answer

क्रिकेट लाइव

Live Cricket Scores

ज्योतिष

आज का मौसम

Widget weather

सोने की कीमत

You Might Also Like

अब UPI से मिनटों में निकाल सकेंगे PF का पैसा, टेस्टिंग पूरी
टेक्नोलॉजीराष्ट्रीयवायरल न्यूज़सरकारी योजनाएँ

EPFO Update: अब PF निकालना होगा बेहद आसान, UPI से सीधे खाते में आएगा पैसा

3 hours ago
Delhi-NCR में उड़ने वाली टैक्सी की एंट्री! नोएडा एयरपोर्ट से फिल्म सिटी तक दौड़ेंगी Pod Taxi, जानें पूरा प्लान
टेक्नोलॉजीAIकारदिल्लीराज्यवायरल न्यूज़

Delhi-NCR में जल्द दौड़ेंगी Pod Taxi! ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत और मिनटों में पूरा होगा सफर, जानें पूरा प्लान

3 hours ago
ODI World Cup 2027
खेलअंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीय

ODI World Cup 2027 से बाहर हो सकती है मेजबान टीम! क्रिकेट इतिहास में पहली बार दिख सकता है ये चौंकाने वाला नजारा

3 hours ago
“भारत में Ebola का खतरा? WHO की ग्लोबल इमरजेंसी के बाद एयरपोर्ट्स पर हाई अलर्ट, हर यात्री की होगी स्क्रीनिंग!”
अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयवायरल न्यूज़स्वास्थ्य

“भारत में Ebola का खतरा? WHO की ग्लोबल इमरजेंसी के बाद एयरपोर्ट्स पर हाई अलर्ट, हर यात्री की होगी स्क्रीनिंग!”

3 hours ago
Follow US
© 2026 LRN24 News Network. All Rights Reserved.
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy

WhatsApp us

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?