भारत: में करीब 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। Government of India द्वारा संचालित यह दुनिया का सबसे बड़ा डेटा संग्रहण अभियान है, जो इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक और तकनीकी रूप से उन्नत होने वाला है। 1 अप्रैल 2026 से शुरू हुई यह जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी और पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी।
दो चरणों में पूरी होगी जनगणना
जनगणना का पहला चरण “मकान सूचीकरण और आवासीय जनगणना” है, जो अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 तक चलेगा। इस चरण में घरों की स्थिति, सुविधाएं और संपत्तियों से जुड़े करीब 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसमें मकान की बनावट, पानी की उपलब्धता, शौचालय, रसोई ईंधन और घर में मौजूद टीवी, स्मार्टफोन, वाहन जैसी चीजों की जानकारी ली जाएगी।
दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें व्यक्तिगत स्तर पर जनसंख्या गणना की जाएगी। इसमें लोगों के नाम, उम्र, लिंग, शिक्षा, वैवाहिक स्थिति, व्यवसाय, धर्म और प्रवास जैसी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। खास बात यह है कि इस बार पहली बार डिजिटल माध्यम से जातिगत डेटा भी एकत्र किया जाएगा।
इस बार क्या है खास?
2026-27 की जनगणना कई बड़े बदलावों के साथ आई है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव है डिजिटल सिस्टम। अब कागज की जगह जनगणना कर्मी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा इकट्ठा करेंगे। यह ऐप 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा, जिससे प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।
इसके अलावा, पहली बार “सेल्फ-एन्यूमरेशन” की सुविधा भी दी गई है। यानी नागरिक खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी भर सकते हैं। इससे समय की बचत होगी और लोगों को सुविधा भी मिलेगी।
एक और अहम बदलाव है जियो-टैगिंग। हर घर और इमारत को डिजिटल मैप के जरिए चिन्हित किया जाएगा, जिससे डेटा की सटीकता बढ़ेगी। साथ ही, अगर कोई लिव-इन कपल खुद को स्थायी संबंध में मानता है, तो उसे भी शादीशुदा जोड़े के रूप में गिना जाएगा।

आपसे कौन-कौन से सवाल पूछे जाएंगे?
पहले चरण में मुख्य रूप से घर और परिवार से जुड़े सवाल होंगे। इनमें शामिल हैं—
- मकान की बनावट और स्थिति
- परिवार के सदस्यों की संख्या
- पीने के पानी और शौचालय की सुविधा
- बिजली और रसोई ईंधन
- खाने की आदतें (मुख्य अनाज)
- टीवी, मोबाइल, इंटरनेट जैसी सुविधाएं
- वाहन की जानकारी
दूसरे चरण में व्यक्तिगत जानकारी ली जाएगी, जैसे—
- नाम, उम्र, लिंग
- शिक्षा और पेशा
- वैवाहिक स्थिति
- धर्म और भाषा
- प्रवास और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी
अगर अधिकारी घर न आए तो क्या करें?
यदि किसी कारणवश जनगणना कर्मी आपके घर नहीं पहुंचता और आपने खुद भी फॉर्म नहीं भरा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप अपने क्षेत्र के चार्ज ऑफिसर से संपर्क कर सकते हैं। यह अधिकारी आमतौर पर बीडीओ, तहसीलदार या नगर निगम से जुड़े होते हैं।
इसके अलावा आप जिला प्रशासन—जैसे डीएम या कलेक्टर—से भी संपर्क कर सकते हैं, ताकि आपका डेटा जनगणना में शामिल हो सके।
क्या जानकारी देना अनिवार्य है?
जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत सही जानकारी देना हर नागरिक के लिए अनिवार्य है। गलत जानकारी देने या सहयोग न करने पर 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
हालांकि, आपकी दी गई सभी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाती है। इसे किसी अन्य विभाग या एजेंसी के साथ साझा नहीं किया जाता और न ही इसे कोर्ट में सबूत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
कब आएंगे नतीजे?
डिजिटल प्रक्रिया के कारण इस बार जनगणना के नतीजे जल्दी आने की उम्मीद है। शुरुआती आंकड़े 2027 के अंत तक जारी हो सकते हैं, जबकि विस्तृत रिपोर्ट 2028 तक आएगी।
निष्कर्ष:
भारत की जनगणना 2026-27 केवल एक आंकड़ा संग्रहण प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के विकास की दिशा तय करने वाला अहम कदम है। डिजिटल बदलाव, सेल्फ-एन्यूमरेशन और नई जानकारियों के साथ यह जनगणना पहले से कहीं अधिक आधुनिक और प्रभावी होने जा रही है।

