गुवाहाटी: में रविवार, 27 सितंबर 2026 को Cockroach Janta Party (CJP) की प्रस्तावित वॉलंटियर्स मीटिंग से पहले पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और कई अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह दावा किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, हिरासत के बाद रांका और अन्य लोगों को गुवाहाटी में एक पुलिस सुविधा केंद्र ले जाया गया।
घटना को लेकर CJP की ओर से कहा गया कि संगठन की पहली क्षेत्रीय वॉलंटियर्स मीटिंग गुवाहाटी में आयोजित की जानी थी। बैठक में असम और आसपास के क्षेत्रों से स्वयंसेवकों के शामिल होने की योजना थी। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन ने करीब 200 से 300 स्वयंसेवकों को एकत्र करने की योजना बनाई थी।
असम पुलिस ने आशुतोष रांका को हिरासत में लिया
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने बैठक शुरू होने से पहले कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों पर रोक लगाई। इसके बाद CJP के कई नेताओं और स्वयंसेवकों को हिरासत में लिया गया। इनमें आशुतोष रांका के अलावा अन्य संगठनात्मक पदाधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। Times of India ने अनिकेत भारद्वाज और प्रेम आकाश सहित कुछ अन्य नेताओं के हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी है।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि पुलिस आशुतोष रांका और उनकी टीम को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई। बाद में उन्होंने यह भी कहा कि वकील उस स्थान के बाहर मौजूद थे, लेकिन पुलिस उन्हें हिरासत में लिए गए लोगों से मिलने की अनुमति नहीं दे रही थी। यह दावा CJP नेतृत्व की ओर से किया गया है और इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस समय उपलब्ध नहीं है।

CJP की बैठक में क्या होना था?
CJP के अनुसार, असम में संगठन अपनी गतिविधियों का विस्तार कर रहा है। आशुतोष रांका के कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लेने और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से प्रभावित परिवारों से संपर्क करने की योजना का उल्लेख सामने आया था। India Today की रिपोर्ट के अनुसार, संगठन ने असम में स्वयंसेवक नेटवर्क बढ़ाने की भी बात कही थी।
रांका ने असम के स्कूलों, जमीन और अन्य मुद्दों को लेकर सवाल उठाने की बात कही थी। उन्होंने राज्य में स्कूलों की स्थिति और अन्य विषयों पर अभियान चलाने की बात भी कही। ये बातें CJP नेताओं के बयानों के रूप में सामने आई हैं।
आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके ने क्या कहा?
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पोस्ट में पुलिस कार्रवाई को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार उनके संगठन के स्कूलों और अन्य मुद्दों से जुड़े अभियान से चिंतित है। इन बयानों को CJP के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए; उपलब्ध रिपोर्टों में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अभिजीत दीपके ने भी पुलिस पर रांका और अन्य सदस्यों को अज्ञात स्थान पर ले जाने तथा वकीलों को उनसे मिलने से रोकने का आरोप लगाया। CJP ने बाद में हिरासत में लिए गए सदस्यों की रिहाई की मांग की और अभियान जारी रखने की बात कही।

