वाराणसी, 15 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दूसरे दिन स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में हिस्सा लिया। कबीरचौरा स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित इस कार्यक्रम में सफाई कर्मचारियों के योगदान को सराहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई मित्र शहर की व्यवस्था की नींव हैं। जब ज्यादातर लोग सुबह सोकर उठते हैं, तब तक ये कर्मचारी सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई में जुटे रहते हैं।
कार्यक्रम में 600 से अधिक सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वयं मंच पर 11 सफाई कर्मियों को सम्मान प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने नागरिकों की जिम्मेदारी, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और प्रदेश में माफिया के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी अपनी बात रखी।
सफाई मित्रों को बताया विकास की नींव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सफाई कर्मचारियों के काम को शहर की स्वच्छता और व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों का योगदान अक्सर लोगों की नजरों में नहीं आता, लेकिन शहर को व्यवस्थित रखने में उनकी भूमिका बुनियादी है।
उन्होंने सफाई मित्रों की तुलना नींव के पत्थर से करते हुए कहा कि जैसे किसी बड़ी इमारत की मजबूती नींव पर निर्भर करती है, उसी तरह शहर की स्वच्छता व्यवस्था इन कर्मचारियों की मेहनत पर टिकी होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी उन्हें नगर निगम से जुड़ा कोई कार्यक्रम करना होता है, तो वह सफाई कर्मियों के सम्मान को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां साफ-सफाई बनाए रखने में कर्मचारियों का योगदान महत्वपूर्ण रहा।
कार्यक्रम का उद्देश्य सफाई कर्मियों के काम को पहचान देना और समाज में उनके प्रति सम्मान की भावना बढ़ाना था।
76 दिनों के अभियान की सीएम ने की तारीफ
यह समारोह वाराणसी के शहर दक्षिणी क्षेत्र से विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय अभियान के समापन के अवसर पर आयोजित किया गया। इस अभियान के दौरान वार्ड स्तर पर लोगों तक पहुंचने और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल कार्यालय तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्हें लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना और समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इन 76 दिनों में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच बनाई गई और कई परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर इसी तरह की जनभागीदारी और सेवा की भावना विकसित हो जाए, तो व्यापक बदलाव लाया जा सकता है।

सरकार के साथ जनता की जागरूकता भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता और विकास को लेकर नागरिकों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े निर्माण कार्य कर सकती है, लेकिन यदि जनता जागरूक नहीं है, तो इन प्रयासों का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा।
उन्होंने बरसात के मौसम में वार्डों की सफाई के दौरान सतर्कता बरतने और सरकारी निर्माण कार्यों की देखभाल करने की जरूरत बताई। उनके अनुसार, सड़कें, नालियां और सार्वजनिक सुविधाएं केवल सरकार की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे उनका सही इस्तेमाल करें और नुकसान से बचाएं।
योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों को भी संदेश दिया कि जनता के बीच सक्रिय रहने से ही उनकी वास्तविक उपयोगिता सामने आती है। उन्होंने परिवार तक सीमित सोच रखने के बजाय पूरे समाज को अपना परिवार मानकर काम करने की बात कही।
माफिया पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में माफिया के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि अब माफिया की जगह मिट्टी में है। उनका बयान राज्य में अपराध और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ में आया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी के कार्यक्रम के बाद वह मिर्जापुर जाएंगे और फिर प्रयागराज का दौरा करेंगे। प्रयागराज में अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीब परिवारों के लिए बनाए गए मकानों को लाभार्थियों को सौंपने का कार्यक्रम भी उनके दौरे में शामिल था।
उनके इस बयान को प्रदेश सरकार की कानून-व्यवस्था और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर देने के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या है वाराणसी के विकास का संदेश?
स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह ने शहर की सफाई व्यवस्था में लगे कर्मचारियों के योगदान को सामने लाने के साथ स्थानीय जनभागीदारी का महत्व भी रेखांकित किया। कार्यक्रम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि स्वच्छ शहर बनाने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है।
वाराणसी जैसे धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले शहर में साफ-सफाई, सार्वजनिक सुविधाओं का रखरखाव और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन खास मायने रखता है। सफाई कर्मियों का सम्मान इस दिशा में उनके योगदान को पहचान देने का अवसर बना।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान करें। अब इस तरह के अभियानों की सफलता इस बात से आंकी जाएगी कि लोगों को योजनाओं का लाभ कितना मिलता है और वार्ड स्तर पर सफाई व नागरिक सुविधाओं में कितना सुधार आता है।

