आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में मंगलवार देर रात एक बड़े अग्निकांड ने आवास विकास कॉलोनी के लोगों को दहशत में डाल दिया। सिकंदरा थाना क्षेत्र के सेक्टर-12 में सड़क किनारे बनी झुग्गी-झोपड़ियों और एक ढाबे में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान ढाबे और झोपड़ी में रखे गैस सिलेंडर में जोरदार धमाका हो गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के घरों और सोसायटियों में रहने वाले लोग भी घबराकर बाहर निकल आए।
आधी रात अचानक उठने लगीं आग की लपटें
जानकारी के मुताबिक, घटना मंगलवार देर रात करीब दो बजे की है। आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-12 में सड़क के किनारे बनी झुग्गियों और ढाबे में आग लगने की शुरुआत हुई। शुरुआती दौर में लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया।
झोपड़ियों और ढाबे में ज्वलनशील सामान मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। आसपास मौजूद लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह थी कि कहीं आग पास की आबादी और अन्य दुकानों तक न पहुंच जाए।
सिलेंडर फटते ही दहल उठा पूरा इलाका
आग के बीच गैस सिलेंडर में अचानक जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। इससे आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया। कई लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थान की ओर चले गए।
सिलेंडर ब्लास्ट के बाद आग की तीव्रता और बढ़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा और लोगों को आग के नजदीक जाने से रोकने की कोशिश की।
दमकल की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की करीब छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने चारों तरफ से आग पर पानी डालकर उसे नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया।
आग काफी तेजी से फैल रही थी, इसलिए फायर कर्मियों को इसे पूरी तरह बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब एक घंटे के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इसके बाद दमकल कर्मियों ने आसपास के क्षेत्र में भी जांच की, ताकि कहीं कोई छिपी आग या दोबारा लपटें उठने का खतरा न रहे।

समय रहते आग पर काबू, टला बड़ा हादसा
आग की भयावहता को देखते हुए आशंका थी कि यह आसपास के इलाकों में भी फैल सकती है। यदि आग आबादी वाले हिस्से तक पहुंच जाती तो नुकसान काफी ज्यादा हो सकता था। हालांकि दमकल कर्मियों की तत्परता के कारण आग को सीमित क्षेत्र में ही रोक लिया गया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अनुसार, करीब एक घंटे में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस घटना में किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि आग की वजह से झुग्गियों और ढाबे में मौजूद सामान के बड़े स्तर पर जलने की आशंका है और लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
आग लगने की असली वजह क्या थी?
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक जानकारी में सिलेंडर ब्लास्ट की बात सामने आई है, लेकिन आग सबसे पहले किस वजह से लगी और सिलेंडर तक कैसे पहुंची, इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस और दमकल विभाग की टीम घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि ढाबे और झोपड़ियों में कितने गैस सिलेंडर रखे हुए थे और आग के दौरान उनमें से कितने प्रभावित हुए।
आगरा में गैस सिलेंडर को लेकर फिर उठे सुरक्षा के सवाल
इस घटना ने सड़क किनारे चलने वाले ढाबों और अस्थायी दुकानों में गैस सिलेंडर के इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल भी खड़े कर दिए हैं। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां आसपास घनी आबादी हो, वहां गैस सिलेंडर और ज्वलनशील सामान रखने में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
प्रशासन की ओर से घटना की जांच के बाद आग के कारण और नुकसान की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग ने राहत की सांस ली है क्योंकि आग को आसपास के बड़े क्षेत्र में फैलने से पहले नियंत्रित कर लिया गया।

