पूर्वांचल एक्सप्रेसवे: पर बुधवार की भोर एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने देवरिया के तीन परिवारों को हमेशा के लिए गहरे दुख में डाल दिया। लखनऊ में क्रिकेट टूर्नामेंट खेलकर अपने घर देवरिया लौट रहे छह खिलाड़ी सुल्तानपुर के बल्दीराय क्षेत्र में हादसे का शिकार हो गए। उनकी अर्टिगा कार आगे चल रहे एक ट्रक के पीछे जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। हादसे में तीन खिलाड़ियों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
आखिर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दुर्घटना सुल्तानपुर जिले के बल्दीराय थाना क्षेत्र में सुखबड़ेरी के पास एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 97.5 के आसपास हुई। कार में छह खिलाड़ी सवार थे और सभी लखनऊ से देवरिया की ओर जा रहे थे। तड़के करीब पांच बजे उनकी कार आगे चल रहे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी।
टक्कर इतनी तेज थी कि अर्टिगा का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में फंसे लोगों को निकालने के लिए राहगीरों, पुलिस और यूपीडा के सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कार के दरवाजे खोलकर और क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटाकर घायलों को बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।
तीन खिलाड़ियों की मौत, तीन गंभीर घायल
हादसे में जान गंवाने वाले खिलाड़ियों की पहचान नित्या प्रजापति, इरफान अंसारी और अनिकेत के रूप में हुई है। तीनों देवरिया के रहने वाले थे और टेनिस-बॉल क्रिकेट के जाने-पहचाने खिलाड़ी बताए गए हैं। वे अलग-अलग स्थानों पर आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए लगातार यात्रा करते थे।
दुर्घटना में आनंद यादव, राजू और पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के जयंतो शर्मा घायल हुए हैं। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें अयोध्या के मेडिकल कॉलेज दर्शननगर रेफर किया गया।
कार में सवार सभी लोग सो रहे थे?
हादसे के बाद घायल खिलाड़ी जयंतो शर्मा ने बताया कि यात्रा के दौरान कार में सवार लोग सो रहे थे। उन्हें यह पता नहीं चल सका कि टक्कर आखिर किस वजह से हुई। शुरुआती जांच में चालक को झपकी आने की आशंका भी सामने आई है, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही होगी।
हादसे में शामिल ट्रक की पहचान और उसके चालक की तलाश भी की जा रही है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार टक्कर के बाद ट्रक चालक मौके से निकल गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

लखनऊ में टूर्नामेंट खेलकर लौट रहे थे खिलाड़ी
जानकारी के अनुसार खिलाड़ी लखनऊ में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता में हिस्सा लेने गए थे। इससे पहले कुछ खिलाड़ी बिहार के सीतामढ़ी में भी क्रिकेट मैच खेल चुके थे। प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद वे रात में ही देवरिया के लिए रवाना हुए थे।
किसी को अंदाजा नहीं था कि घर पहुंचने से कुछ घंटे पहले ही सफर इतना भयावह मोड़ ले लेगा। एक्सप्रेसवे पर हुई जोरदार टक्कर के बाद कार में चीख-पुकार मच गई। आसपास से गुजर रहे लोगों ने तुरंत राहत-बचाव में मदद की और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।
तीन गांवों में पसरा मातम
तीन युवा खिलाड़ियों की मौत की खबर जैसे ही देवरिया पहुंची, उनके गांवों में मातम छा गया। परिवार के लोग हादसे की सूचना मिलते ही सुल्तानपुर और अयोध्या की ओर रवाना हो गए। ग्रामीणों और स्थानीय खिलाड़ियों की भीड़ मृतकों के घर पहुंचने लगी।
नित्या प्रजापति की करीब दो वर्ष पहले शादी हुई थी और उनकी पत्नी गर्भवती बताई जा रही हैं। परिवार के लिए यह खबर बेहद दर्दनाक है। वहीं इरफान और अनिकेत के परिवार भी इस अचानक आई त्रासदी से टूट गए हैं।
सपना था क्रिकेट में आगे बढ़ने का
तीनों खिलाड़ी टेनिस-बॉल क्रिकेट में सक्रिय थे और अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। खेल के जरिए आगे बढ़ने और अपनी पहचान बनाने का सपना देखने वाले इन युवाओं की जिंदगी सड़क हादसे ने अचानक छीन ली।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की रात की यात्राओं में सतर्कता, चालक की पर्याप्त नींद और भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था जैसे सवालों को सामने ला दिया है। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और ट्रक तथा उसके चालक की तलाश जारी है।
निष्कर्ष:
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि तीन परिवारों के सपनों के अचानक खत्म होने की दर्दनाक कहानी है। क्रिकेट के मैदान पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे तीन युवा अब दुनिया में नहीं हैं, जबकि तीन अन्य खिलाड़ी अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं। हादसे की वजह की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आखिर वह कौन-सी परिस्थिति थी, जिसने छह खिलाड़ियों की यात्रा को इतनी बड़ी त्रासदी में बदल दिया।

