नई दिल्ली: फेस्टिव सीजन में जहां ऑनलाइन खरीदारी का बाजार अपने चरम पर है और अमेजन की बड़ी सेल चल रही है, वहीं कंपनी के कर्मचारियों के लिए एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। अमेजन ने भारत समेत अमेरिका और ब्रिटेन में कर्मचारियों की नई छंटनी शुरू की है। ताजा जानकारी के मुताबिक इस दौर में वैश्विक स्तर पर 1,000 से कम व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों के प्रभावित होने की बात सामने आई है।
कंपनी ने छंटनी की पुष्टि करते हुए इसे बड़े पैमाने की कटौती के बजाय अपेक्षाकृत छोटे स्तर पर किया गया संगठनात्मक बदलाव बताया है। सबसे ज्यादा असर अमेजन के Stores बिजनेस से जुड़े हिस्सों पर पड़ा है। यही वह कारोबार है जो कंपनी के मुख्य ऑनलाइन रिटेल और ई-कॉमर्स ऑपरेशन से जुड़ा हुआ है।
भारत, अमेरिका और ब्रिटेन में कर्मचारियों पर असर
इस नई छंटनी का असर तीन प्रमुख बाजारों—भारत, अमेरिका और ब्रिटेन—में काम कर रहे कर्मचारियों पर पड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रभावित भूमिकाओं में कस्टमर सर्विस, सेलिंग पार्टनर सर्विसेज, मार्केटप्लेस सपोर्ट और रिटेल ऑपरेशंस से जुड़े कुछ इंजीनियरिंग पद शामिल हैं।
कंपनी के भीतर कर्मचारियों के बीच भी इस खबर को लेकर हलचल देखी गई। कई कर्मचारियों ने आंतरिक कम्युनिकेशन चैनलों पर छंटनी से जुड़ी जानकारी और सवाल साझा किए। इससे यह संकेत मिलता है कि कर्मचारियों के बीच आगे होने वाले संभावित बदलावों को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
ग्रेट इंडियन फेस्टिवल के दौरान छंटनी क्यों चर्चा में?
अमेजन की यह कार्रवाई ऐसे समय सामने आई है जब भारत में Great Indian Festival 2026 सेल शुरू हो चुकी है। फेस्टिव सीजन कंपनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण बिक्री अवधि मानी जाती है। ऐसे समय में एक तरफ ग्राहकों को बड़े डिस्काउंट और ऑफर्स दिए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ कंपनी के कुछ कर्मचारियों को नौकरी जाने की सूचना मिलना इस घटनाक्रम को और ज्यादा चर्चा में ला रहा है।
हालांकि, दोनों घटनाओं को सीधे तौर पर जोड़ना सही नहीं होगा। कंपनी की ओर से छंटनी को अपने बिजनेस स्ट्रक्चर और प्राथमिकताओं में बदलाव के तौर पर बताया गया है।

पहले भी हो चुकी है बड़ी छंटनी
अमेजन में यह पहली बार नहीं है जब बड़ी संख्या में कर्मचारियों की नौकरियों पर असर पड़ा है। इससे पहले कंपनी ने वर्ष 2025 के अंत से जनवरी 2026 के बीच लगभग 30,000 कॉर्पोरेट पदों को खत्म किया था। उस समय कंपनी का उद्देश्य संगठन को सरल बनाने और लागत को नियंत्रित करने से जुड़ा था। नई कटौती अपेक्षाकृत छोटी है, लेकिन इससे संकेत मिलता है कि कंपनी में पुनर्गठन की प्रक्रिया अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
अमेजन के संस्थापक और कार्यकारी चेयरमैन जेफ बेजोस ने भी पिछली बड़ी छंटनी के संदर्भ में महामारी के दौरान हुई तेज भर्ती का उल्लेख किया था। उस समय ऑनलाइन खरीदारी में भारी उछाल आया था और कंपनी ने बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों को जोड़ा था। बाद में मांग और कारोबारी परिस्थितियों में बदलाव के साथ कर्मचारियों की संख्या को लेकर पुनर्संतुलन शुरू हुआ।
AI पर बड़ा दांव, फिर भी नौकरियों में कटौती
अमेजन का मौजूदा पुनर्गठन ऐसे समय हो रहा है जब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पर भारी निवेश की तैयारी कर रही है। कंपनी डेटा सेंटर, चिप्स और AI से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर खर्च बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। रिपोर्टों के अनुसार यह निवेश करीब 220 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
इससे यह तस्वीर सामने आती है कि कंपनी एक तरफ कुछ पारंपरिक या पुनर्गठित भूमिकाओं में कर्मचारियों की संख्या कम कर रही है, वहीं दूसरी तरफ AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और तकनीकी क्षेत्रों में संसाधन बढ़ाने पर जोर दे रही है।
भारत से कारोबार समेटने का संकेत नहीं
नई छंटनी के बावजूद इसे भारत से अमेजन के पीछे हटने के संकेत के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। कंपनी ने भारत में हाल के समय में बड़े स्तर पर निवेश जारी रखा है। मार्च 2026 में बेंगलुरु में अमेजन का नया बड़ा कैंपस भी शुरू हुआ था। करीब 11 लाख वर्ग फीट में फैले इस परिसर में ई-कॉमर्स, पेमेंट्स, टेक्नोलॉजी और सेलर सर्विसेज से जुड़े 7,000 से अधिक कर्मचारियों के काम करने की क्षमता बताई गई है।
इसलिए मौजूदा घटनाक्रम को भारत से कारोबार कम करने के बजाय कंपनी के भीतर भूमिकाओं, लागत और संसाधनों के पुनर्गठन के रूप में देखना ज्यादा उचित होगा।
निष्कर्ष:
अमेजन की नई छंटनी ने एक बार फिर टेक और ई-कॉमर्स सेक्टर में नौकरियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत, अमेरिका और ब्रिटेन में 1,000 से कम कर्मचारियों पर असर पड़ा है, जबकि कंपनी AI और नई तकनीकों में बड़े निवेश की तैयारी कर रही है। ऐसे में आने वाले समय में कंपनी किन क्षेत्रों में भर्ती बढ़ाती है और किन विभागों में पुनर्गठन जारी रखती है, इस पर कर्मचारियों और बाजार दोनों की नजर रहेगी।

