नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर रविवार, 11 अक्टूबर को भी हलचल जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के विरोध में एक बार फिर मार्च निकालने का ऐलान किया है। शनिवार को हुए घटनाक्रम के बाद दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। वहीं, ट्रैफिक पुलिस ने 30 प्रमुख मार्गों और चौराहों पर यातायात डायवर्जन को लेकर एडवाइजरी जारी की है।
प्रदर्शन की वजह से नई दिल्ली और मध्य दिल्ली की ओर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दूसरी ओर, CJP के प्रमुख नेताओं और यूट्यूबर ध्रुव राठी की हिरासत को लेकर भी राजनीतिक और सार्वजनिक बहस तेज हो गई है।
आज फिर मार्च का ऐलान, दिल्ली में सुरक्षा सख्त
CJP और उससे जुड़े प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं तथा SIR से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जताया है। संगठन की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद शनिवार को कई स्थानों पर प्रदर्शनकारी जुटे और कुछ समूहों ने वैकल्पिक जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया।
रविवार को भी मार्च की घोषणा के बाद प्रशासन सतर्क है। जंतर-मंतर के आसपास और नई दिल्ली की ओर जाने वाले मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। अधिकारियों की ओर से स्थिति के अनुसार प्रतिबंधों में बदलाव किए जाने की संभावना भी जताई गई है।

30 प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक, 11 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से कई प्रमुख सड़कों और चौराहों पर जरूरत के अनुसार डायवर्जन लागू किए जा सकते हैं। इनमें मंडी हाउस, धौला कुआं फ्लाईओवर, झंडेवालान, पंचकुइयां, मिंटो रोड, कनॉट प्लेस, अशोक रोड, जंतर-मंतर रोड, संसद मार्ग और पटेल चौक जैसे इलाके शामिल हैं।
इसके अलावा रेल भवन, गोल डाक खाना, लोधी रोड फ्लाईओवर, आरएमएल अस्पताल के आसपास और टॉल्स्टॉय मार्ग-जनपथ क्रॉसिंग पर भी यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और एयरपोर्ट की ओर जाते समय अतिरिक्त समय लेकर निकलें। गैर-जरूरी यात्रा से बचने और सफर से पहले आधिकारिक ट्रैफिक अपडेट देखने की भी अपील की गई है। ध्यान रहे कि डायवर्जन की स्थिति मौके की परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।
अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास हिरासत में
शनिवार के प्रदर्शन से पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और संगठन से जुड़े आशुतोष रांका तथा सौरव दास को दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के भीतर से हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। बताया गया कि तीनों नेता मुंबई से दिल्ली आए थे और प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे।
दीपके ने पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो में कहा था कि उनकी अनुपस्थिति में संगठन के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। इसके बाद शिंदे ने समर्थकों से प्रदर्शन जारी रखने की अपील की।
CJP की ओर से नेताओं से संपर्क नहीं हो पाने और उन्हें कहां रखा गया है, इसकी जानकारी नहीं मिलने को लेकर सवाल उठाए गए। हालांकि, हिरासत से संबंधित आरोपों और पुलिस की कार्रवाई के बारे में संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
ध्रुव राठी की हिरासत पर भी चर्चा
प्रदर्शन से पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके निवास से हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। CJP से जुड़े नेताओं के साथ उनकी हिरासत का मामला भी चर्चा में रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार को हिरासत में लिए गए लोगों में से बड़ी संख्या को कुछ घंटों बाद छोड़ दिया गया, जबकि कुछ प्रमुख लोगों की हिरासत जारी रहने की जानकारी दी गई।
इस घटनाक्रम पर संगठन और उसके समर्थकों ने सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, प्रदर्शन को लेकर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं प्रशासनिक कार्रवाई के संदर्भ में सामने आई हैं। मामले की स्थिति में बदलाव होने पर आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निष्कर्ष निकालना उचित होगा।
नेहा बोरा समेत प्रदर्शनकारियों ने भी जताया विरोध
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम में सामने आईं। रिपोर्टों के मुताबिक, वह समर्थकों के साथ सड़क पर उतरीं और उन्हें हिरासत में लिया गया। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर रविवार को भी मार्च निकालने की घोषणा की।
शनिवार को जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा कड़ी होने के कारण कुछ प्रदर्शनकारियों ने दूसरे स्थानों पर एकत्र होकर विरोध जताया। इस दौरान पुलिस ने कई जगह लोगों को हिरासत में लिया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, करीब 3,000 लोगों को कुछ समय बाद रिहा किया गया, जबकि कुछ प्रमुख लोगों की हिरासत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी।
SIR और चुनाव प्रक्रिया पर टकराव जारी
इस पूरे विवाद के केंद्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवाल हैं। CJP का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। संगठन इसी मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
अब रविवार के मार्च पर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों, दोनों की नजर है। एक तरफ सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखना चुनौती है, तो दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को आगे बढ़ाने की बात कर रहे हैं। दिनभर के घटनाक्रम से साफ होगा कि मार्च किस रूप में आगे बढ़ता है और हिरासत में लिए गए लोगों के मामले में क्या प्रगति होती है।
निष्कर्ष
दिल्ली में जंतर-मंतर प्रदर्शन का मामला रविवार को भी गर्माया हुआ है। CJP ने फिर मार्च का ऐलान किया है, जबकि 30 प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन की एडवाइजरी जारी की गई है। अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और ध्रुव राठी की हिरासत को लेकर उठे सवालों ने विवाद को और बढ़ा दिया है। फिलहाल लोगों को सलाह है कि नई दिल्ली की ओर निकलने से पहले ट्रैफिक पुलिस के ताजा अपडेट देखें और हिरासत या प्रदर्शन से जुड़ी खबरों की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से करें।

