नेपाल: की राजनीति में एक बड़े बदलाव के बीच शुक्रवार को नई सरकार ने कार्यभार संभाल लिया। 35 वर्षीय बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के साथ ही देश में एक नई राजनीतिक शुरुआत की चर्चा तेज हो गई है।
इस मौके पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए बालेन शाह को बधाई दी और दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने की बात कही।
Warm congratulations to Mr. Balendra Shah on being sworn in as the Prime Minister of Nepal.
Your appointment reflects the trust reposed in your leadership by the people of Nepal. I look forward to working closely with you to take India-Nepal friendship and cooperation to even…
— Narendra Modi (@narendramodi) March 27, 2026
पीएम मोदी का बधाई संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बालेन शाह को बधाई देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति नेपाल की जनता के भरोसे को दर्शाती है।
मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि वह भारत और नेपाल के बीच दोस्ती और सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी मजबूत हैं।

बालेन शाह ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ
बालेन शाह ने शुक्रवार को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। उनका सत्ता में आना कई मायनों में खास माना जा रहा है।
वह देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने हैं और उनकी एंट्री को नई पीढ़ी की राजनीति का संकेत माना जा रहा है।
शाह इससे पहले एक लोकप्रिय रैपर के रूप में जाने जाते थे और बाद में उन्होंने राजनीति में कदम रखा।
छह महीने बाद बनी नई सरकार
नेपाल में यह राजनीतिक बदलाव उस समय आया है जब के पी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार करीब छह महीने पहले गिर गई थी।
उस दौरान देश में युवाओं के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसने राजनीतिक समीकरण बदल दिए।
इन घटनाओं के बाद नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हुआ।
युवा नेतृत्व पर टिकी उम्मीदें
बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना केवल एक राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि एक पीढ़ीगत परिवर्तन के रूप में भी देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि युवा नेतृत्व के आने से नीतियों में नए दृष्टिकोण और तेजी देखने को मिल सकती है।
शाह मधेश क्षेत्र से इस पद तक पहुंचने वाले पहले नेता भी हैं, जो उनके राजनीतिक सफर को और खास बनाता है।

भारत-नेपाल संबंधों पर नजर
भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं।
ऐसे में नए प्रधानमंत्री के कार्यकाल में इन संबंधों को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा, इस पर दोनों देशों की नजर बनी हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी का शुरुआती संदेश इस बात का संकेत देता है कि भारत इस रिश्ते को और मजबूत करने के पक्ष में है।
कूटनीतिक सहयोग की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भारत और नेपाल के बीच व्यापार, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ सकता है।
इसके अलावा, सीमा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच संवाद जारी रहने की उम्मीद है।
नई सरकार के साथ भारत के संबंध किस तरह आगे बढ़ते हैं, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।
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नेपाल में बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के साथ एक नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत हुई है। वहीं, भारत की ओर से मिला सकारात्मक संदेश दोनों देशों के रिश्तों के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।
अब नजर इस बात पर होगी कि नई सरकार अपने वादों पर कितना खरा उतरती है और भारत-नेपाल संबंधों को किस स्तर तक ले जाती है।

