4399 दिन का रिकॉर्ड: PM मोदी के सम्मान में NDA की बड़ी बैठक, भारत मंडपम में जुटे दिग्गज नेता
प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4399 दिन पूरे करते हुए उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस उपलब्धि के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।
इस ऐतिहासिक मौके को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में एक विशेष बैठक आयोजित की। बैठक में भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
भारत मंडपम में नेताओं का जमावड़ा
बैठक में शामिल होने के लिए सुबह से ही नेताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई वरिष्ठ नेता भारत मंडपम पहुंचे।
इसके अलावा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी बैठक में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत समेत कई प्रमुख नेता कार्यक्रम का हिस्सा बने।
बैठक की अध्यक्षता स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।
कैसे टूटा नेहरू का रिकॉर्ड?
प्रधानमंत्री मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल कर उन्होंने तीसरी बार केंद्र की सत्ता संभाली।
बुधवार को उन्होंने लगातार 4399 दिनों का कार्यकाल पूरा कर लिया। इसी के साथ उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4398 दिनों के निर्वाचित प्रधानमंत्री वाले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस तुलना में नेहरू के 1952 के बाद के निर्वाचित कार्यकाल को आधार माना गया है, क्योंकि 1947 से 1952 तक वे अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे।

कैबिनेट में पारित हुआ सराहना प्रस्ताव
प्रधानमंत्री की इस उपलब्धि पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशेष सराहना प्रस्ताव पारित किया। बैठक के दौरान मंत्रियों ने खड़े होकर प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन किया।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का यह रिकॉर्ड भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कैबिनेट ने इसे राष्ट्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
NDA बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
सूत्रों के अनुसार भारत मंडपम में आयोजित एनडीए की बैठक केवल रिकॉर्ड का जश्न मनाने तक सीमित नहीं रही। इसमें गठबंधन सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों की समीक्षा भी की गई।
बैठक में विकास परियोजनाओं, सुशासन, बुनियादी ढांचे, डिजिटल इंडिया, सामाजिक कल्याण योजनाओं और आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर चर्चा हुई।
साथ ही आगामी चुनावी चुनौतियों और गठबंधन को और मजबूत बनाने के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
12 साल की सरकार पर भाजपा का विशेष कार्यक्रम
एनडीए बैठक से पहले भाजपा ने केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर एक संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, पीयूष गोयल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। नेताओं ने सरकार की प्रमुख उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार रखे।
भाजपा का दावा है कि पिछले 12 वर्षों में देश ने इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
इंदिरा गांधी और मोदी के कार्यकाल की तुलना
भारतीय राजनीति में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम रहा है। हालांकि उनका कार्यकाल लगातार नहीं था।
इसके विपरीत नरेंद्र मोदी लगातार तीन आम चुनाव जीतकर बिना किसी रुकावट के प्रधानमंत्री पद पर बने हुए हैं। यही वजह है कि उन्हें लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में देखा जा रहा है।
देश-दुनिया से मिल रहीं बधाइयां
प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि पर कई राजनीतिक नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें बधाई दी है।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में भारत ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रगति की है। उन्होंने इसे स्वतंत्र भारत के विकास की एक महत्वपूर्ण अवधि बताया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र की निरंतरता और जनादेश की ताकत का भी प्रतीक है।
निष्कर्ष
4399 दिनों का रिकॉर्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। भारत मंडपम में आयोजित एनडीए की बैठक ने इस उपलब्धि को राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों दृष्टि से विशेष बना दिया। आने वाले समय में सरकार की नीतियों और राजनीतिक रणनीतियों पर इस बैठक के प्रभाव को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

