‘तुम्हें शर्म आनी चाहिए!’ ट्रंप के बयान पर भड़कीं जॉर्जिया मेलोनी, G-7 के बाद बढ़ा विवाद
फ्रांस: में आयोजित G-7 शिखर सम्मेलन समाप्त होने के बाद एक नया अंतरराष्ट्रीय विवाद सामने आ गया है। इस बार चर्चा का केंद्र अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी हैं। ट्रंप के एक बयान ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, जिसके बाद मेलोनी ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर करते हुए इसे “शर्मनाक” करार दिया।
G-7 सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता शामिल हुए थे। इस दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और अन्य राष्ट्राध्यक्षों के बीच कई अहम बैठकें हुईं।
हालांकि सम्मेलन समाप्त होने के बाद ट्रंप के एक बयान ने सारी सुर्खियां बटोर लीं।
क्या था ट्रंप का दावा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, G-7 सम्मेलन के बाद एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए विशेष आग्रह किया था। ट्रंप ने कहा कि सम्मेलन के दौरान कई नेता उनके साथ तस्वीरें लेना चाहते थे और मेलोनी भी उनमें शामिल थीं।
ट्रंप का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे राजनीतिक प्रचार बताया तो कुछ ने इसे सहयोगी देशों के नेताओं का अपमान करार दिया।
मेलोनी ने दिया करारा जवाब
ट्रंप के बयान के बाद जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने ट्रंप के दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि ऐसी बातें न केवल गलत हैं बल्कि सार्वजनिक जीवन की गरिमा के भी खिलाफ हैं।
मेलोनी ने अपने पोस्ट में लिखा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नेताओं का व्यवहार जिम्मेदार और सम्मानजनक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत लोकप्रियता के लिए इस प्रकार के दावे करना उचित नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मेलोनी का यह जवाब सीधे तौर पर ट्रंप की टिप्पणी पर हमला था।

पहले भी विवादों में रहे हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप अपने बेबाक और कई बार विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं। राष्ट्रपति रहते हुए भी उन्होंने कई वैश्विक नेताओं को लेकर ऐसे बयान दिए थे, जिनकी वजह से कूटनीतिक विवाद खड़े हुए थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप अक्सर अपनी लोकप्रियता और प्रभाव को प्रदर्शित करने के लिए ऐसे दावे करते रहे हैं। हालांकि इस बार उनका बयान यूरोप के एक प्रमुख सहयोगी देश की प्रधानमंत्री को लेकर था, इसलिए मामला और संवेदनशील बन गया।
G-7 में मोदी और मेलोनी की भी हुई थी मुलाकात
G-7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात भी चर्चा में रही। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, रक्षा सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की थी।
इसके अलावा मोदी और ट्रंप के बीच भी महत्वपूर्ण वार्ता हुई, जिसमें व्यापार, तकनीक और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की गई।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
ट्रंप और मेलोनी के बीच इस बयानबाजी के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग ट्रंप के समर्थन में उतर आए हैं, जबकि कई यूजर्स ने मेलोनी की प्रतिक्रिया को उचित बताया है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि G-7 जैसे मंच सहयोग और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा के लिए होते हैं। ऐसे में नेताओं के बीच व्यक्तिगत बयानबाजी से सम्मेलन के मूल उद्देश्य पर असर पड़ सकता है।
क्या बढ़ेगा कूटनीतिक तनाव?
फिलहाल दोनों देशों की सरकारों की ओर से कोई आधिकारिक विवाद नहीं दिख रहा है, लेकिन ट्रंप के बयान और मेलोनी की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मामला कुछ दिनों तक अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में बना रह सकता है, खासकर तब जब दोनों नेता आगामी वैश्विक मंचों पर फिर आमने-सामने दिखाई दें।
निष्कर्ष:
G-7 सम्मेलन के बाद डोनाल्ड ट्रंप और जॉर्जिया मेलोनी के बीच शुरू हुआ यह बयान विवाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ रहा है। ट्रंप के दावे को मेलोनी ने सिरे से खारिज कर दिया है और इसे शर्मनाक बताया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद यहीं थमता है या फिर वैश्विक राजनीति में नई कूटनीतिक तल्खी का कारण बनता है।

