नेपाल में बाढ़ से तबाही, 17 लोगों की मौत; PM मोदी ने बालेन शाह से फोन पर की बात
नई दिल्ली: नेपाल में लगातार बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 17 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। हालात को देखते हुए भारत भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
नेपाल में बाढ़ से हुई जनहानि को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने इस मुश्किल घड़ी में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना जताई और नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की पेशकश की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाइयों और बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने बचाव और राहत कार्यों में भारत की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया।
बाढ़ और भूस्खलन से 17 लोगों की मौत
नेपाल में लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। इसके साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाओं ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार नेपाल में इस प्राकृतिक आपदा के कारण 17 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं और राहत एवं बचाव एजेंसियां उन्हें तलाशने में जुटी हुई हैं।
रसुवा और आसपास के इलाकों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर बताई जा रही है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड की जानकारी के अनुसार बाढ़ और भूस्खलन के बाद 384 से ज्यादा लोग लापता हैं।
105 भारतीय नागरिक भी लापता
सबसे ज्यादा चिंता भारतीय नागरिकों को लेकर है। लापता लोगों में 291 विदेशी पर्यटक और 93 नेपाली नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं। लापता विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
इस जानकारी के सामने आने के बाद भारत की चिंता बढ़ गई है। भारतीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की ओर से नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनकी सुरक्षित मदद के प्रयास किए जा रहे हैं।
नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक और नागरिक अलग-अलग इलाकों में मौजूद रहते हैं। ऐसे में बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क और आवाजाही प्रभावित होने से बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
PM मोदी ने दिया हरसंभव मदद का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालेन शाह से बातचीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर नेपाल के साथ भारत की एकजुटता जताई।
पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने नेपाल में बाढ़ के कारण हुई मौतों पर दुख जताया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल के साथ खड़े हैं।
भारत की ओर से नेपाल को मानवीय सहायता और राहत-बचाव कार्यों में सहयोग का भरोसा दिया गया है। दोनों देशों की संबंधित टीमें राहत एवं बचाव अभियान में समन्वय के साथ काम कर रही हैं।

उफान पर गंडक नदी, भारत में भी बढ़ी चिंता
नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ का असर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। खासकर गंडक नदी के जलस्तर को लेकर चिंता बढ़ी हुई है।
नेपाल से निकलने वाली गंडक नदी उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों से होकर गुजरती है। नेपाल में भारी बारिश होने पर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। यही वजह है कि सीमावर्ती भारतीय क्षेत्रों में प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।
उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में पहले ही अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
भारतीय दूतावास ने जारी किए इमरजेंसी नंबर
नेपाल में फंसे या प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
भारतीय नागरिक किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500
दूतावास की ओर से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों से अपील की गई है कि किसी भी जरूरी सहायता या जानकारी के लिए निर्धारित हेल्पलाइन से संपर्क करें।
राहत-बचाव अभियान पर नजर
नेपाल में हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। बाढ़ और भूस्खलन के कारण प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव टीमें जुटी हुई हैं।
भारत भी नेपाल की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। पीएम मोदी और बालेन शाह के बीच हुई बातचीत को दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग और संकट के समय एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता के तौर पर देखा जा रहा है।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों को सुरक्षित तलाशना और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाना है। इनमें 105 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित जानकारी हासिल करना भारत के लिए भी प्राथमिकता बना हुआ है।
निष्कर्ष
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। 17 लोगों की मौत और 384 से ज्यादा लोगों के लापता होने की सूचना ने चिंता बढ़ा दी है। लापता लोगों में 105 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं।
इस संकट के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर संवेदना जताई और भारत की ओर से हरसंभव मानवीय सहायता का भरोसा दिया। वहीं, गंडक नदी के जलस्तर को देखते हुए भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

