मीरजापुर: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को मीरजापुर दौरे के दौरान कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा मामले, सनातन धर्म, मदरसों की जांच, विंध्याचल धाम के विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार का पक्ष रखा। साथ ही विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर अयोध्या और सनातन संस्कृति की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
मीरजापुर के कोन ब्लॉक स्थित डॉ. टमटम हॉस्पिटल में आयोजित प्रबुद्धजन संवाद कार्यक्रम में शामिल होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और कदाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
‘अयोध्या को बदनाम करने की साजिश’ का आरोप
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर पूछे गए सवाल पर ब्रजेश पाठक ने कहा कि केवल सनातन धर्म से जुड़े मामलों को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि अन्य धार्मिक संस्थानों से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष मौन रहता है।
उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल और विरोधी समूह सनातन संस्कृति को कमजोर करने तथा अयोध्या की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या वित्तीय अनियमितता के मामले में निष्पक्ष जांच कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
बाबरी मस्जिद और मदरसों का भी किया जिक्र
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद के चंदे और मदरसों के संचालन जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठने चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मदरसों की जांच कराई है और जहां नियमों का उल्लंघन पाया गया, वहां नियमानुसार कार्रवाई भी की गई है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कानून के दायरे में रहकर सभी संस्थानों की जांच की जाती है।

राम मंदिर चढ़ावा मामले पर क्या बोले?
जब उनसे राम मंदिर चढ़ावा मामले में दर्ज एफआईआर में ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों के नाम शामिल न होने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच पुलिस कर रही है और जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगी।
गौरतलब है कि यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है और अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
विंध्याचल धाम विकास पर भी बोले
ब्रजेश पाठक ने अपने संबोधन में मां विंध्यवासिनी धाम के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विंध्याचल कॉरिडोर परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।
उनके अनुसार, सरकार का लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क, पार्किंग, आवागमन और दर्शन की सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि विंध्याचल धाम को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर किए कई ऐलान
उपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि विंध्याचल आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 24 घंटे एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा उन्होंने मंडलीय अस्पताल में खाली पड़े पदों को शीघ्र भरने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से स्थानीय स्तर पर भर्ती प्रक्रिया तेज करने को कहा ताकि लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
अस्पताल की शिकायतों की होगी जांच
डॉ. टमटम हॉस्पिटल को लेकर मिली शिकायतों का जिक्र करते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रशासन को जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी चर्चा
ब्रजेश पाठक के बयान ऐसे समय आए हैं जब राम मंदिर चढ़ावा मामले और धार्मिक संस्थानों से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज है। उनके बयान के बाद विपक्ष की ओर से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, संबंधित मामलों की जांच अभी जारी है और कई मुद्दों पर अंतिम स्थिति जांच रिपोर्ट तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष:
मीरजापुर दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अयोध्या, सनातन धर्म, राम मंदिर चढ़ावा विवाद, मदरसों की जांच और विंध्याचल धाम के विकास जैसे कई अहम विषयों पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने विपक्ष पर अयोध्या को बदनाम करने और सनातन संस्कृति को कमजोर करने का आरोप लगाया, वहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई घोषणाएं भी कीं। इन बयानों के राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव पर आने वाले दिनों में चर्चा जारी रहने की संभावना है।

