Central Board of Secondary Education: यानी CBSE ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिका सत्यापन शुल्क में भारी कटौती का ऐलान किया है। ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच उठ रही चिंताओं के बीच बोर्ड का यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है।
अब छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका देखने, सत्यापन कराने और पुनर्मूल्यांकन के लिए पहले की तुलना में बेहद कम शुल्क देकर आवेदन कर सकेंगे। CBSE सचिव Sanjay Kumar ने बताया कि छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने फीस में बड़ा बदलाव किया है।
अब कितना देना होगा शुल्क?
CBSE के नए नियमों के अनुसार अब उत्तर पुस्तिका देखने के लिए छात्रों को सिर्फ 100 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं उत्तर पुस्तिका सत्यापन के लिए भी 100 रुपये ही देने होंगे। किसी विशेष प्रश्न के पुनर्मूल्यांकन के लिए शुल्क 25 रुपये प्रति प्रश्न निर्धारित किया गया है।
पहले यह शुल्क काफी ज्यादा था। उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए 700 रुपये और सत्यापन के लिए 500 रुपये प्रति विषय देने पड़ते थे। ऐसे में कई छात्र आर्थिक कारणों से आवेदन नहीं कर पाते थे। अब बोर्ड के इस फैसले से लाखों छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अंक बढ़े तो वापस मिलेगा पैसा
CBSE सचिव संजय कुमार ने बताया कि यदि पुनर्मूल्यांकन या सत्यापन के बाद छात्र के अंक बढ़ते हैं या उनमें कोई बदलाव होता है, तो उससे लिया गया पूरा शुल्क वापस कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बोर्ड का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र को उसके वास्तविक प्रदर्शन से कम अंक न मिलें। बोर्ड पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों का भरोसा मजबूत करने के लिए यह कदम उठा रहा है।

ऑन-स्क्रीन मार्किंग पर क्यों उठे सवाल?
हाल के वर्षों में CBSE ने मूल्यांकन प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम शुरू किया है। इसमें परीक्षक कॉपियों को डिजिटल स्क्रीन पर जांचते हैं। हालांकि कई छात्रों और शिक्षकों ने आरोप लगाया था कि इस प्रक्रिया में कभी-कभी अंक गलत जुड़ जाते हैं या कुछ उत्तरों का मूल्यांकन ठीक से नहीं हो पाता।
इन्हीं शिकायतों को देखते हुए बोर्ड ने फीस घटाने का फैसला लिया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र अपनी कॉपियों की जांच करा सकें।
कैसे मिलेगा उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी?
CBSE ने स्कैन कॉपी प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया भी स्पष्ट की है। बोर्ड के अनुसार पहला चरण मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करना होगा।
छात्रों को आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से खुद करना होगा। बोर्ड ने छात्रों को साइबर कैफे या किसी अन्य व्यक्ति के जरिए आवेदन करने से बचने की सलाह दी है।
स्कैन कॉपी छात्र की लॉगिन आईडी पर उपलब्ध कराई जाएगी, जहां से वह उसे डाउनलोड कर सकेगा। यह प्रक्रिया “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर होगी।
छात्र एक या एक से अधिक विषयों के लिए आवेदन कर सकता है, लेकिन आवेदन एक बार में ही करना होगा।
आगे क्या कर सकेंगे छात्र?
अगर छात्र उत्तर पुस्तिका देखने के बाद अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होता, तो वह सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकता है।
सत्यापन प्रक्रिया में यह जांच की जाती है कि सभी उत्तरों के अंक सही जोड़े गए हैं या नहीं। वहीं पुनर्मूल्यांकन में किसी विशेष प्रश्न के उत्तर को दोबारा जांचा जाता है।
CBSE का कहना है कि नई व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और छात्र हितैषी बनेगी।
छात्रों और अभिभावकों ने फैसले का किया स्वागत
CBSE के इस फैसले का छात्रों और अभिभावकों ने स्वागत किया है। कई शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि फीस कम होने से अब ज्यादा छात्र अपनी कॉपियों की जांच करा सकेंगे और मूल्यांकन प्रक्रिया पर भरोसा बढ़ेगा।
शिक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, पहले भारी फीस के कारण कई छात्र पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन नहीं करते थे, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता था।
शिक्षा मंत्रालय ने भी जताई प्राथमिकता
CBSE सचिव ने कहा कि Ministry of Education और बोर्ड दोनों के लिए छात्रों का हित सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो।
नई व्यवस्था के जरिए CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
निष्कर्ष:
CBSE का पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन शुल्क घटाने का फैसला लाखों छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। ऑन-स्क्रीन मार्किंग को लेकर उठ रहे सवालों के बीच बोर्ड का यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों का भरोसा मजबूत करने की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है। अब छात्रों के लिए अपनी उत्तर पुस्तिका की जांच कराना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सस्ता हो गया है।

