बांदा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बांदा दौरे के दौरान जिले को 701 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। पंडित जवाहरलाल नेहरू डिग्री कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने बुंदेलखंड के विकास को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि प्रदेश सरकार इस क्षेत्र को “धरती का स्वर्ग” बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विकास योजनाओं के साथ-साथ कानून-व्यवस्था, निवेश, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश अब माफिया और अराजकता के दौर से निकलकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
701 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी 701 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और जनता के विश्वास के कारण आज बुंदेलखंड में विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है।
‘बुंदेलखंड बनेगा निवेश और रोजगार का केंद्र’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय बुंदेलखंड पलायन, सूखा और पिछड़ेपन की पहचान बन चुका था, लेकिन आज हालात तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) के माध्यम से क्षेत्र में बड़े उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिससे आने वाले समय में यहां रोजगार के लिए लोग बाहर नहीं जाएंगे, बल्कि दूसरे राज्यों से भी युवा काम करने आएंगे।
‘शजर पत्थर’ की पहचान को मिली नई उड़ान
मुख्यमंत्री ने ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि बांदा का प्रसिद्ध शजर पत्थर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र की आर्थिक प्रगति और स्थानीय कारीगरों के लिए नई संभावनाओं का मार्ग खोल रहा है।

विपक्ष पर साधा राजनीतिक निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में भू-माफिया, खनन माफिया और डकैतों का आतंक था, जबकि अब कानून का राज स्थापित हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद सरकार ने अवैध कब्जों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया और करीब 64 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया। मुख्यमंत्री के अनुसार अब इन जमीनों का उपयोग विकास और निवेश परियोजनाओं के लिए किया जा रहा है।
‘युवाओं के हाथ में रोजगार, तमंचा नहीं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य देने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले युवाओं को अवसरों के बजाय अपराध की ओर धकेला जाता था, जबकि वर्तमान सरकार उद्योग, तकनीक और रक्षा क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों का निर्माण प्रदेश में हो रहा है।
बुंदेलखंड में बदली विकास की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बुंदेलखंड में मेडिकल कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, एक्सप्रेसवे, पेयजल योजनाएं और अन्य आधारभूत सुविधाएं तेजी से विकसित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले यहां विकास के बजाय पलायन और पानी की समस्या चर्चा का विषय होती थी, लेकिन अब स्थिति बदल रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने बुंदेलखंड के विकास को प्राथमिकता दी है और इसका सकारात्मक परिणाम आज पूरे क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।
विरासत और विकास साथ-साथ
मुख्यमंत्री ने भगवान राम, हनुमान जी और महर्षि बामदेव को नमन करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी समान रूप से कार्य कर रही है।
उन्होंने चित्रकूट, अयोध्या, काशी और विंध्य क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि विरासत और आधुनिक विकास एक-दूसरे के पूरक हैं।
जनता का जताया आभार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का सबसे बड़ा श्रेय जनता को जाता है। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग और विश्वास से ही प्रदेश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से विकास कार्यों की गति बनाए रखने की अपील भी की।
निष्कर्ष:
बांदा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 701 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए बुंदेलखंड को निवेश, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का संकल्प दोहराया। अपने संबोधन में उन्होंने विकास योजनाओं के साथ कानून-व्यवस्था, विरासत संरक्षण और औद्योगिक प्रगति पर जोर दिया। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

