उत्तर प्रदेश: के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हाथरस दौरे के दौरान विकास और कानून-व्यवस्था के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति पर भी तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने जिले के सलेमपुर औद्योगिक आस्थान में आयोजित जनसभा में करीब 548 करोड़ रुपये की 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया, बच्चों को अन्नप्राशन कराया और जनता को सरकार की उपलब्धियों से अवगत कराया।
हालांकि, इस कार्यक्रम की सबसे अधिक चर्चा उनके राजनीतिक बयान को लेकर रही, जिसमें उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधते हुए राम मंदिर, कृष्ण जन्मभूमि और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर तीखा हमला बोला।
जय श्रीराम के उद्घोष के साथ शुरू किया संबोधन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण की शुरुआत ‘सियावर रामचंद्र भगवान की जय’, ‘पवनसुत हनुमान की जय’, ‘कृष्ण कन्हैया की जय’, ‘बलदाऊ जी महाराज की जय’ और ‘बांके बिहारी जी की जय’ के उद्घोष के साथ की। उन्होंने प्रसिद्ध हास्य कवि काका हाथरसी को याद किया और हाथरस की प्रसिद्ध हींग उद्योग की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि विकास वहीं संभव है जहां सुरक्षा और शांति का वातावरण हो। प्रदेश में पहले दंगों और कर्फ्यू के कारण विकास प्रभावित होता था, लेकिन पिछले नौ वर्षों में स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
कानून-व्यवस्था पर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश दंगों के लिए जाना जाता था। उन्होंने मथुरा, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर और अन्य स्थानों की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में आम जनता, व्यापारी और निवेशक सभी परेशान रहते थे।
उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ। हाल ही में संपन्न हुए मुहर्रम जुलूसों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 12 हजार ताजिया जुलूस निकले, लेकिन कहीं भी दंगा या कर्फ्यू जैसी स्थिति नहीं बनी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के सहयोग से धार्मिक आयोजनों का शांतिपूर्ण संचालन अब प्रदेश की नई पहचान बन चुका है।

हाथरस के विकास पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाथरस अब तेजी से औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में नए उद्योगों के आने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
उन्होंने आलू उत्पादक किसानों के लिए प्रोसेसिंग सेंटर, कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं और बेहतर विपणन व्यवस्था की बात कही। साथ ही जानकारी दी कि आगरा में अंतरराष्ट्रीय पोटैटो सेंटर स्वीकृत किया गया है, जिससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज और आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।
अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे अब धर्मनगरी बनाने की बात कर रहे हैं, जबकि उनकी सरकार के दौरान रामभक्तों पर गोलियां चली थीं और कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया था।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में मंदिरों की उपेक्षा होती थी, जबकि वर्तमान सरकार धार्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव से कहा कि वे रामलला के दर्शन करें और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर भी स्पष्ट रुख अपनाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष धार्मिक मुद्दों पर दोहरा रवैया अपनाता है।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने वर्ष 1975 के आपातकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय अनेक विपक्षी नेताओं को जेल भेज दिया गया था।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी आज उसी कांग्रेस के साथ खड़ी दिखाई देती है, जिसने कभी मुलायम सिंह यादव सहित कई विपक्षी नेताओं को जेल में डाला था।
विकास की नई योजनाओं का ऐलान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी 75 जिलों के समान विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सिकंदराराऊ बस स्टैंड, मेडिकल कॉलेज और युवाओं के लिए नए औद्योगिक निवेश की योजनाओं का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश में आधारभूत संरचना, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।
निष्कर्ष
हाथरस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा विकास परियोजनाओं के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा। एक ओर उन्होंने 548 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर जिले के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया, वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था, राम मंदिर, कृष्ण जन्मभूमि और विपक्ष की राजनीति पर तीखे बयान देकर आगामी राजनीतिक माहौल को भी गर्म कर दिया। आने वाले समय में इन बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना है।

