अयोध्या से योगी का बड़ा राजनीतिक हमला, सपा और कांग्रेस पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश: के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। राम मंदिर, रामभक्तों और अयोध्या की राजनीति को केंद्र में रखते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों की नीयत और नीतियों पर सवाल खड़े किए। इस दौरान उनका सबसे चर्चित बयान समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर आया, जिसमें उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की भक्ति प्रभु श्रीराम में नहीं बल्कि बाबर में दिखाई देती है।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बने हुए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राम मंदिर निर्माण, कारसेवकों के संघर्ष और विपक्षी दलों की भूमिका का विस्तार से उल्लेख किया।
₹378 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण
अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगभग 378 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
इसके अलावा उन्होंने वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं के सम्मान के लिए लगातार कार्य कर रही है और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
मनोज पांडेय का उदाहरण देकर अखिलेश पर हमला
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने समाजवादी पार्टी के विधायक रहे मनोज कुमार पांडेय का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब मनोज पांडेय ने सुझाव दिया था कि सभी विधायकों को अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने चाहिए, तब समाजवादी पार्टी नेतृत्व ने उन्हें रोक दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि कुछ राजनीतिक दलों की सोच राम मंदिर और रामभक्तों के प्रति सकारात्मक नहीं रही है। उन्होंने इसी संदर्भ में अखिलेश यादव पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनकी आस्था श्रीराम में नहीं दिखाई देती।
कांग्रेस पर भी लगाए गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर भी राम मंदिर निर्माण में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्षों तक कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए गए।
योगी ने दावा किया कि राम मंदिर निर्माण को रोकने के लिए कानूनी स्तर पर भी कई प्रयास किए गए थे। उनके अनुसार, कांग्रेस ने न्यायालय में बड़े वकीलों के माध्यम से मंदिर निर्माण की प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि आज वही लोग रामभक्तों की चिंता जताने का दावा कर रहे हैं, जबकि अतीत में उनका रुख बिल्कुल अलग था।

कारसेवकों और रामभक्तों का मुद्दा उठाया
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में राम मंदिर आंदोलन के दौरान हुए घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रामभक्तों और कारसेवकों ने वर्षों तक संघर्ष किया, लेकिन उस समय की सरकारों ने उनका समर्थन करने के बजाय विरोध का रास्ता चुना।
योगी ने कहा कि जय श्रीराम का उद्घोष करने वालों पर लाठियां चलाई गईं और कारसेवकों पर गोलियां तक चलाई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान रामभक्तों के साथ अन्याय हुआ।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भी बोले मुख्यमंत्री
अयोध्या में हाल ही में सामने आए राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर मुख्यमंत्री ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के अनुरोध पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच पूरी निष्पक्षता से होगी और सच्चाई सामने लाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच एजेंसियां दूध का दूध और पानी का पानी कर देंगी।
साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों से अपील की कि वे ऐसी टिप्पणियों से बचें जिनसे रामभक्तों की भावनाएं आहत हों।
अयोध्या विकास मॉडल पर भी दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं बल्कि विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक बन रही है। राम मंदिर निर्माण के बाद यहां पर्यटन, रोजगार और बुनियादी ढांचे में तेजी से विकास हुआ है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित करना है, जिससे स्थानीय लोगों को भी व्यापक आर्थिक लाभ मिल सके।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राम मंदिर और अयोध्या का मुद्दा आगामी चुनावी रणनीतियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सत्ता पक्ष इसे अपनी उपलब्धियों और वैचारिक प्रतिबद्धता से जोड़कर देख रहा है, जबकि विपक्ष इस पर अपनी प्रतिक्रिया देने की तैयारी में जुटा हुआ है।
निष्कर्ष
अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास परियोजनाओं की सौगात देने के साथ-साथ विपक्षी दलों पर तीखा राजनीतिक हमला भी बोला। अखिलेश यादव और कांग्रेस को राम मंदिर मुद्दे पर घेरते हुए उन्होंने अतीत की घटनाओं का हवाला दिया। वहीं राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच के लिए गठित SIT पर भरोसा जताते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। योगी का यह बयान आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे सकता है।

