DUSU Election Result 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव 2026 की मतगणना शनिवार, 19 सितंबर को कड़ी सुरक्षा के बीच जारी रही। विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में वोटों की गिनती की गई। खास बात यह रही कि मतगणना निर्धारित समय से करीब 90 मिनट की देरी से शुरू हुई, जिसके बाद छात्रों और उम्मीदवारों की नजरें हर राउंड के आंकड़ों पर टिकी रहीं।
इस बार DUSU के चार केंद्रीय पदों—अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—के लिए चुनाव हुआ। इन पदों के लिए ABVP, NSUI, AISA-SFI गठबंधन और निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में थे। कुल 20 उम्मीदवारों ने चार केंद्रीय पदों पर चुनाव लड़ा। मतदान 18 सितंबर को हुआ था और विश्वविद्यालय में कुल 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक था।
16वें राउंड के बाद अध्यक्ष पद पर बेहद करीबी मुकाबला
मतगणना के दौरान अध्यक्ष पद की तस्वीर लगातार बदलती रही। कभी ABVP के यश डबास आगे निकले तो कभी NSUI के विजय शंकर मीणा ने बढ़त बना ली। 16वें राउंड के बाद उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक यश डबास को 18,786 वोट, जबकि विजय शंकर मीणा को 18,707 वोट मिले थे। यानी दोनों के बीच महज 79 वोटों का अंतर रह गया था।
इससे साफ था कि अंतिम दौर तक अध्यक्ष पद का मुकाबला बेहद करीबी बना हुआ था। इससे पहले 13वें राउंड के बाद विजय शंकर मीणा 15,203 वोट के साथ यश डबास के 14,919 वोट से आगे थे। वहीं 15वें राउंड में यश डबास ने फिर बढ़त बना ली थी। यानी काउंटिंग के दौरान दोनों उम्मीदवारों के बीच बढ़त लगातार बदलती रही।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार की बड़ी बढ़त
उपाध्यक्ष पद की तस्वीर अध्यक्ष पद से काफी अलग रही। यहां निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन ने शुरुआत से ही मजबूत बढ़त बनाए रखी।
16वें राउंड के आंकड़ों में शोकीन को 24,943 वोट मिले थे। उनके मुकाबले ABVP के ईशू मौर्य को 12,739 वोट और NSUI के वीर चतरथ को 3,496 वोट मिले थे। इस पद पर शोकीन की बढ़त अन्य प्रमुख मुकाबलों की तुलना में काफी बड़ी दिखाई दे रही थी।
इससे पहले भी शुरुआती राउंड से ही शोकीन आगे चल रहे थे। 10वें राउंड में उनके पास 15,601 वोट थे, जबकि ABVP के ईशू मौर्य 7,838 और NSUI के वीर चतरथ 2,268 वोट पर थे।

सचिव पद पर ABVP की बढ़त
सचिव पद की मतगणना में ABVP की रिया छावड़ी आगे चल रही थीं। 16वें राउंड तक उन्हें 16,145 वोट मिले थे, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 12,223 वोट मिले। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस पद पर रिया छावड़ी की बढ़त अध्यक्ष पद की तुलना में ज्यादा स्पष्ट थी।
शुरुआती राउंड से ही सचिव पद पर ABVP उम्मीदवार आगे बनी हुई थीं। छठे राउंड में रिया छावड़ी के 6,425 वोट थे, जबकि नम्रता चौधरी के 4,510 वोट दर्ज किए गए थे। इसके बाद भी रिया ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।
संयुक्त सचिव पद पर भी कांटे की टक्कर
संयुक्त सचिव पद की तस्वीर भी दिलचस्प बनी हुई थी। 16वें राउंड के बाद NSUI के गोपाल चौधरी 12,647 वोट के साथ आगे थे। उनके पीछे SCS के निर्दलीय उम्मीदवार विशेष यादव 12,638 वोट पर और ABVP के लक्ष्य राज सिंह 12,435 वोट पर थे। यानी शीर्ष उम्मीदवारों के बीच अंतर बेहद कम था।
इससे पहले 10वें राउंड में विशेष यादव 8,007 वोट के साथ आगे थे, जबकि गोपाल चौधरी 7,918 और लक्ष्य राज सिंह 7,425 वोट पर थे। यानी इस सीट पर भी राउंड बढ़ने के साथ स्थिति बदलती रही।
40.46 प्रतिशत मतदान, 52 केंद्रों पर हुई वोटिंग
DUSU चुनाव के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के 52 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए थे। इस बार कुल मतदान प्रतिशत 40.46 प्रतिशत रहा। पिछले वर्ष यह आंकड़ा करीब 39.5 प्रतिशत था। चुनाव में चार केंद्रीय पदों के अलावा कॉलेज स्तर पर भी छात्र प्रतिनिधियों के चुनाव हुए।
मतगणना के दौरान नॉर्थ कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई। रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में 2,000 से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान तैनात किए गए थे। ट्रैफिक पुलिस ने भी नॉर्थ कैंपस के आसपास यातायात को लेकर एडवाइजरी जारी की थी।
जीत के जश्न पर भी रोक
DUSU चुनाव को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने विजय जुलूसों पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। यह कदम चुनाव के दौरान सामने आए विवादों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच उठाया गया। विश्वविद्यालय और दिल्ली पुलिस को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था।
निष्कर्ष:
DUSU Election Result 2026 की मतगणना में सबसे ज्यादा नजर अध्यक्ष पद पर रही, जहां 16वें राउंड के बाद ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच सिर्फ 79 वोटों का अंतर था। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शोकीन बड़ी बढ़त बनाए हुए थे और सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी आगे थीं। संयुक्त सचिव पद पर तीन उम्मीदवारों के बीच बेहद करीबी मुकाबला चल रहा था। अंतिम परिणाम घोषित होने तक राउंड-दर-राउंड आंकड़ों में बदलाव संभव था।

