भावनगर में नकली शराब से हड़कंप, दो लोगों की मौत और 19 अस्पताल में भर्ती
भावनगर। गुजरात के भावनगर जिले में कथित तौर पर नकली शराब पीने से दो लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। घटना में 19 अन्य लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित लोगों ने कथित तौर पर एक IMFL यानी इंडियन मेड फॉरेन लिकर ब्रांड की नकली बोतलों से शराब का सेवन किया था। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है।
मामले में पुलिस ने चार संदिग्ध शराब तस्करों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नकली शराब कहां तैयार की गई, इसे किस नेटवर्क के जरिए लोगों तक पहुंचाया गया और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हो सकते हैं।
नकली बोतलों में भरी थी शराब
भावनगर के जिलाधिकारी मनीष कुमार के मुताबिक, कुछ लोगों ने कथित तौर पर नकली बोतलों में भरी शराब का सेवन किया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं के बाद अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में उपचार के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। वहीं 19 अन्य लोगों का इलाज जारी है। अधिकारियों की ओर से प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
चार संदिग्ध शराब तस्कर हिरासत में
घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार संदिग्ध शराब तस्करों को हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकली शराब की बोतलें कहां से आईं और इन्हें किन लोगों के जरिए प्रभावित लोगों तक पहुंचाया गया।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले के पीछे कोई बड़ा अवैध शराब नेटवर्क काम कर रहा था। नकली बोतलों में किस तरह की शराब भरी गई थी और उसमें कोई जहरीला या स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक रसायन मौजूद था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

गुजरात में शराब पर प्रतिबंध के बावजूद सामने आया मामला
गुजरात में शराब पर प्रतिबंध है। राज्य में शराब का निर्माण, बिक्री और सेवन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद समय-समय पर अवैध शराब की बिक्री और तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं।
भावनगर की घटना ने एक बार फिर अवैध शराब के कारोबार और उसकी निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतिबंधित शराब जब अवैध तरीके से लोगों तक पहुंचती है तो उसकी गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल किए गए पदार्थों की कोई गारंटी नहीं होती। ऐसे में नकली शराब लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
कहां से आई नकली शराब, जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद पुलिस का मुख्य फोकस शराब की सप्लाई चेन का पता लगाने पर है। हिरासत में लिए गए चारों संदिग्धों से पूछताछ के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली शराब की बोतलों की सप्लाई किसने की थी।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या एक ही स्थान से शराब की खेप लाई गई थी या अलग-अलग जगहों से इसकी सप्लाई हुई। पुलिस प्रभावित लोगों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
नकली शराब से जुड़े मामलों में बढ़ जाता है जान का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध और नकली शराब में इस्तेमाल होने वाले पदार्थ स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं। इसकी वजह से व्यक्ति की हालत तेजी से बिगड़ सकती है और गंभीर स्थिति में मौत तक हो सकती है।
भावनगर में दो लोगों की मौत और 19 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना ने इसी खतरे को सामने ला दिया है। हालांकि, मौत की वास्तविक चिकित्सकीय वजह और शराब में मौजूद पदार्थों की प्रकृति जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता अस्पताल में भर्ती लोगों को इलाज उपलब्ध कराना और घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों तक पहुंचना है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नकली शराब की यह खेप कहां तैयार हुई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
निष्कर्ष:
भावनगर में कथित नकली शराब पीने से दो लोगों की मौत और 19 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना ने गुजरात में अवैध शराब के कारोबार को लेकर चिंता बढ़ा दी है। चार संदिग्ध तस्करों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अब जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि नकली शराब की बोतलें कहां तैयार हुईं और इसके पीछे पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है।

