अहमदाबाद: गुजरात में पालतू कुत्तों के हमलों की लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद नगर निगम प्रशासन अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। हाल ही में सूरत में एक मासूम बच्चे की पालतू कुत्ते के हमले में हुई दर्दनाक मौत के बाद राज्य के कई नगर निगमों ने डॉग ओनर्स के लिए नए नियम लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अब अहमदाबाद, सूरत और मोरबी के बाद राजकोट महानगरपालिका भी ऐसा नियम लागू करने जा रही है, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को पालतू कुत्ता रखने से पहले अपने पड़ोसियों की लिखित सहमति (NOC) लेनी होगी। इसके साथ ही नगर निगम में कुत्ते का रजिस्ट्रेशन कराना भी अनिवार्य होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पिछले कुछ महीनों में गुजरात के अलग-अलग शहरों से पालतू कुत्तों द्वारा लोगों पर हमले की कई घटनाएं सामने आई हैं। सबसे गंभीर मामला सूरत का रहा, जहां एक मासूम बच्चे की पालतू कुत्ते के हमले में मौत हो गई। इस घटना के बाद लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई और प्रशासन पर नियम सख्त करने का दबाव बना।
नगर निगम का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य कुत्ता पालने वालों को परेशान करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पड़ोसियों की NOC क्यों होगी जरूरी?
नए प्रस्तावित नियम के अनुसार, कुत्ता पालने वाले व्यक्ति को अपने आसपास रहने वाले पड़ोसियों से लिखित NOC लेनी होगी।
इस NOC में यह स्पष्ट किया जाएगा कि—
- संबंधित कुत्ते से पड़ोसियों को कोई परेशानी नहीं है।
- कुत्ता हिंसक स्वभाव का नहीं है।
- कुत्ते के कारण आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा प्रभावित नहीं होगी।
प्रशासन का मानना है कि इससे भविष्य में होने वाले विवाद और हादसों को काफी हद तक रोका जा सकेगा।

नगर निगम करेगा अनिवार्य रजिस्ट्रेशन
नए नियमों के तहत सभी पालतू कुत्तों का नगर निगम में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से अपने कुत्ते का रजिस्ट्रेशन नहीं कराता है तो नगर निगम विशेष अभियान चलाकर डोर-टू-डोर सर्वे करेगा।
सर्वे के दौरान अधिकारियों द्वारा निम्न जानकारियां दर्ज की जाएंगी—
- कुत्ते का नाम और नस्ल
- मालिक का नाम और पता
- टीकाकरण की जानकारी
- स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड
- पहचान संबंधी विवरण
इससे नगर निगम के पास सभी पालतू कुत्तों का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि यदि जांच के दौरान कोई व्यक्ति बिना रजिस्ट्रेशन के कुत्ता पालता हुआ पाया गया या जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करता मिला तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि फिलहाल जुर्माने या अन्य दंड की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। प्रशासन जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा।
अहमदाबाद मॉडल का होगा अध्ययन
राजकोट महानगरपालिका इस नियम को लागू करने से पहले अहमदाबाद नगर निगम द्वारा बनाए गए नियमों और प्रक्रियाओं का अध्ययन कर रही है।
इसके बाद स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अंतिम नियम तैयार किए जाएंगे ताकि उन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
सुरक्षा और जिम्मेदारी दोनों पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि पालतू जानवर रखना किसी भी नागरिक का अधिकार है, लेकिन इसके साथ सार्वजनिक सुरक्षा की जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।
यदि कुत्तों का समय पर टीकाकरण, प्रशिक्षण और उचित देखभाल की जाए तो अधिकांश दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का मकसद जिम्मेदार पालतू पशु पालन को बढ़ावा देना है, ताकि नागरिकों की सुरक्षा और पशु कल्याण दोनों सुनिश्चित किए जा सकें।

