केतन मर्डर केस में नया खुलासा, हत्या से पहले सिया के पास था मोबाइल; पुलिस जांच में डिजिटल सबूतों पर फोकस
पुणे: के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब पुलिस जांच में एक ऐसा तथ्य सामने आया है जिसने पूरे मामले को और अधिक रहस्यमय बना दिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, हत्या से ठीक पहले और उसके बाद कुछ समय तक केतन अग्रवाल का मोबाइल फोन उसकी मंगेतर सिया गोयल के पास था। बाद में सिया ने यह फोन केतन के एक रिश्तेदार को सौंप दिया, लेकिन अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस दौरान फोन से कोई महत्वपूर्ण चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो या अन्य डिजिटल सबूत तो नहीं हटाए गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल फोन इस केस की सबसे अहम कड़ियों में से एक साबित हो सकता है। यदि फोन से किसी प्रकार का डेटा डिलीट किया गया है, तो उसे फोरेंसिक तकनीक की मदद से रिकवर करने का प्रयास किया जाएगा।
हत्या के बाद परिवार को सौंपा गया मोबाइल
पुणे पुलिस के अनुसार, हत्या की घटना के बाद कुछ समय तक केतन का मोबाइल सिया के पास रहा। बाद में उसने मोबाइल केतन के परिवार को वापस दे दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि फोन के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई या नहीं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि डिजिटल फोरेंसिक टीम मोबाइल की बारीकी से जांच करेगी। यदि किसी चैट, कॉल हिस्ट्री, लोकेशन रिकॉर्ड या अन्य फाइल को हटाया गया होगा तो उसे रिकवर करने की कोशिश की जाएगी।
क्या मिटाए गए अहम सबूत?
जांच एजेंसियों का मानना है कि मोबाइल फोन में मौजूद चैट, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन समझने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
पुलिस यह भी जांच रही है कि हत्या से पहले केतन और सिया के बीच क्या बातचीत हुई थी, क्या चेतन चौधरी से संपर्क हुआ था और घटना के दौरान या उसके बाद किन लोगों से बातचीत की गई।
हालांकि अभी तक पुलिस ने यह पुष्टि नहीं की है कि मोबाइल से कोई डेटा डिलीट किया गया है। फिलहाल यह जांच का विषय है।
3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में आरोपी
इस हाई-प्रोफाइल मामले में सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया जा चुका है। अदालत ने दोनों आरोपियों को 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा है ताकि जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर सकें।
पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर लोहगढ़ किले पर केतन अग्रवाल को चट्टान से धक्का देकर उसकी हत्या की।
नवंबर में होनी थी भव्य शादी
जांच में सामने आया है कि केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी। दोनों की शादी नवंबर 2026 में होने वाली थी।
परिवार ने शादी की तैयारियां भी लगभग पूरी कर ली थीं। जानकारी के अनुसार जयपुर के एक आलीशान महल को करीब 17 करोड़ रुपये में बुक किया गया था। मेहमानों के लिए दो निजी विमान तक बुक किए गए थे।
लेकिन शादी से कुछ महीने पहले ही यह रिश्ता एक दर्दनाक हत्याकांड में बदल गया।

केतन को था अफेयर का शक
परिजनों के अनुसार, केतन को काफी समय से सिया और चेतन चौधरी की नजदीकियों पर संदेह था।
बताया जा रहा है कि उसने अपने परिवार से शादी से पहले सिया के बारे में पूरी जानकारी जुटाने की बात कही थी। उसके पिता विशाल अग्रवाल ने भी पुलिस को बताया कि केतन ने कई बार चेतन और सिया के रिश्ते को लेकर चिंता जताई थी।
यही एंगल अब पुलिस जांच का प्रमुख हिस्सा बन चुका है।
क्राइम सीन का दोबारा रीक्रिएशन
जांच को मजबूत करने के लिए पुणे पुलिस ने लोहगढ़ किले पर क्राइम सीन का दोबारा रीक्रिएशन किया।
पहले सिया गोयल को घटनास्थल पर ले जाकर पूरी घटना दोहराई गई। पुलिस ने डमी का इस्तेमाल कर यह समझने की कोशिश की कि कथित तौर पर केतन को किस तरह चट्टान से नीचे धक्का दिया गया।
इसके बाद चेतन चौधरी को भी घटनास्थल पर ले जाकर पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराया गया।
अब होगा ‘गेट एनालिसिस’
पुलिस अब इस मामले में वैज्ञानिक जांच का भी सहारा ले रही है।
सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान को लेकर बचाव पक्ष सवाल उठा रहा है। उनका दावा है कि फुटेज में नजर आ रहा व्यक्ति चेतन चौधरी नहीं है।
इसी दावे की जांच के लिए पुलिस ‘गेट एनालिसिस’ यानी व्यक्ति के चलने के तरीके का वैज्ञानिक अध्ययन कराने की तैयारी कर रही है। विशेषज्ञ आरोपी के चलने के अंदाज की तुलना सीसीटीवी फुटेज से करेंगे।
डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी नजर
अब इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच मानी जा रही है।
यदि जांच में यह सामने आता है कि फोन से कोई चैट, कॉल रिकॉर्ड या अन्य डेटा हटाया गया था, तो यह जांच की दिशा बदल सकता है। वहीं यदि कोई छेड़छाड़ नहीं मिलती है, तो पुलिस अन्य साक्ष्यों के आधार पर केस को आगे बढ़ाएगी।
फिलहाल पुलिस सभी डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की सटीक तस्वीर सामने लाने की कोशिश कर रही है।
निष्कर्ष
केतन अग्रवाल हत्याकांड लगातार नए मोड़ ले रहा है। हत्या से पहले सिया के पास केतन का मोबाइल होना पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट, क्राइम सीन रीक्रिएशन और गेट एनालिसिस जैसी वैज्ञानिक जांचें यह तय करेंगी कि हत्या की साजिश कैसे रची गई और क्या किसी ने सबूत मिटाने की कोशिश की। आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।


