उत्तर प्रदेश: की राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर शुक्रवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी का खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने एक यात्री को 14.5 करोड़ रुपए की हाइड्रोपोनिक वीड (उच्च गुणवत्ता वाली गांजा) के साथ गिरफ्तार किया है।
खुफिया सूचना पर बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) और सीसीएसआई की संयुक्त टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर की। अधिकारियों को पहले से इनपुट मिला था कि एक यात्री विदेश से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ लेकर आने वाला है।
बताया जा रहा है कि आरोपी यात्री Oman Air की फ्लाइट WY-265 से बैंकॉक से मस्कट होते हुए सुबह करीब 8:20 बजे लखनऊ पहुंचा था।
ग्रीन चैनल पर रोका गया यात्री
एयरपोर्ट पर ग्रीन चैनल से गुजरते समय सुरक्षा अधिकारियों को यात्री की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद उसे रोककर उसके बैग की गहन जांच की गई।
जांच के दौरान जो सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया।

29 पैकेट में छिपा था ड्रग्स
यात्री के बैग से 29 पारदर्शी वैक्यूम-पैक पाउच बरामद किए गए। इन पाउच में हरे रंग का फूलनुमा पदार्थ भरा हुआ था।
प्राथमिक जांच में इस पदार्थ की पहचान हाइड्रोपोनिक वीड (मारिजुआना) के रूप में हुई। कुल वजन 14.504 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 14.50 करोड़ रुपए आंकी गई है।
क्या है हाइड्रोपोनिक वीड?
हाइड्रोपोनिक वीड एक विशेष तकनीक से उगाई जाने वाली गांजा की किस्म होती है, जिसे मिट्टी के बिना नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है। इसकी गुणवत्ता और प्रभाव सामान्य गांजा से अधिक होता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत भी काफी ज्यादा होती है।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
सुरक्षा एजेंसियों ने बरामद मादक पदार्थ को NDPS Act 1985 की धारा 43 के तहत जब्त कर लिया है। आरोपी यात्री को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और उससे पूछताछ की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। इसके पीछे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के जुड़े होने की आशंका है।
तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह ड्रग्स कहां से आया, इसे किसे पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।
संभावना जताई जा रही है कि यह खेप भारत में किसी बड़े शहर या नेटवर्क तक पहुंचाने की योजना थी।
एयरपोर्ट सुरक्षा पर बड़ा सवाल और जवाब
हालांकि इस घटना ने एक बार फिर एयरपोर्ट सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि उनकी सतर्कता के कारण ही इतनी बड़ी खेप पकड़ी जा सकी।
AIU की टीम की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने संभावित रूप से करोड़ों रुपए की ड्रग्स को बाजार में पहुंचने से पहले ही रोक दिया।
निष्कर्ष:
लखनऊ एयरपोर्ट पर हुई यह कार्रवाई न केवल एक बड़ी ड्रग्स तस्करी को रोकने में सफल रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की ओर भी संकेत करती है। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से यह स्पष्ट है कि देश के एयरपोर्ट्स पर निगरानी लगातार मजबूत हो रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।


