गाजियाबाद/मेरठ: उत्तर प्रदेश के चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है। गाजियाबाद के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल दोषियों को कठोर सजा दिलाने का भरोसा दिया, बल्कि परिवार के पुनर्वास और आर्थिक सहायता के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और इस मामले में किसी भी दोषी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए ताकि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिल सके।
पीड़ित परिवार को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री सहायता कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश जारी किए। उनका कहना था कि इस कठिन समय में सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी ताकि परिवार को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मृतका के पिता और चाचा को एक-एक मुख्यमंत्री आवास उपलब्ध कराने की घोषणा भी की। यह फैसला परिवार के पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सरकारी योजनाओं का तत्काल लाभ देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार का आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और अन्य सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र परिवार को सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए और इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

क्या है पूरा मामला?
मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र स्थित गगन एन्क्लेव की रहने वाली ललिता गौतम बीए की छात्रा थीं। 15 मई को वह परीक्षा देने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। इसके बाद परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपी अंकुश को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार कर ली।
गन्ने के खेत में मिला शव
पुलिस के अनुसार, आरोपी को मोबाइल फोन में दूसरे युवक से जुड़ी चैट और तस्वीरें देखने के बाद शक हुआ। इसी विवाद के चलते उसने कथित रूप से ललिता की हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को रोहटा क्षेत्र के उपसिया जंगल स्थित गन्ने के खेत में फेंक दिया, जहां बाद में पुलिस ने बरामद किया।
हालांकि, इस मामले में मृतका के परिजनों ने दावा किया है कि घटना में अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। उन्होंने निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की है।
सभी दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए और यदि जांच में अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अदालत में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
प्रशासन को दिए स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों से कहा कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा, सरकारी सहायता और न्याय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे मामलों में किसी भी दोषी के प्रति नरमी नहीं बरती जाएगी।
पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना मामला
ललिता गौतम हत्याकांड ने पूरे उत्तर प्रदेश में व्यापक चर्चा पैदा की है। छात्रा की हत्या के बाद लोगों में आक्रोश देखा गया था और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
अब मुख्यमंत्री की घोषणाओं के बाद पीड़ित परिवार को आर्थिक राहत तो मिली है, लेकिन परिवार की प्रमुख मांग अभी भी सभी दोषियों को कठोर सजा दिलाने की है।
निष्कर्ष:
मेरठ के चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणाओं से पीड़ित परिवार को आर्थिक और सामाजिक सहारा मिलने की उम्मीद जगी है। सरकार ने ₹5 लाख की सहायता, दो मुख्यमंत्री आवास और सभी सरकारी योजनाओं का लाभ देने का एलान किया है। साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ प्रभावी पैरवी की जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

