Motion Sickness: रोड ट्रिप का नाम सुनते ही कई लोगों के चेहरे पर खुशी आ जाती है, लेकिन कुछ लोगों के लिए कार या बस का सफर शुरू होते ही परेशानी भी शुरू हो जाती है। गाड़ी चलने के कुछ देर बाद जी मिचलाना, चक्कर आना, ठंडा पसीना, बेचैनी और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इस स्थिति को आम तौर पर मोशन सिकनेस कहा जाता है।
अगर आपको भी सफर के दौरान ऐसी परेशानी होती है, तो यात्रा पर निकलने से पहले थोड़ी तैयारी करना उपयोगी हो सकता है। कुछ चीजें बैग में रखने के साथ-साथ बैठने की सही जगह और सफर के दौरान कुछ आदतों का ध्यान रखने से लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।
आखिर गाड़ी में क्यों आती है उल्टी?
मोशन सिकनेस का संबंध शरीर के संतुलन से है। जब गाड़ी चलती है, तो आंतरिक कान (inner ear) शरीर की गति और दिशा में बदलाव को महसूस करता है, जबकि आंखें कई बार कार के अंदर किसी स्थिर चीज पर टिकी होती हैं। ऐसे में आंखों और आंतरिक कान से दिमाग को मिलने वाले संकेतों में अंतर पैदा हो सकता है।
इसी sensory mismatch की वजह से कुछ लोगों में मतली, चक्कर, पसीना और उल्टी जैसे लक्षण पैदा हो सकते हैं। मोबाइल चलाने या किताब पढ़ने से समस्या और बढ़ सकती है, क्योंकि उस समय आंखें अंदर की किसी स्थिर चीज पर केंद्रित रहती हैं।

1. बैग में रखें अदरक की कैंडी
सफर के दौरान जी मिचलाने की समस्या से परेशान लोगों के लिए अदरक की कैंडी, जिंजर ड्रॉप या अदरक की चाय एक विकल्प हो सकती है। Mayo Clinic भी मोशन सिकनेस में अदरक को संभावित मददगार विकल्पों में शामिल करता है। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति में समान नहीं होता।
इसलिए लंबी यात्रा पर निकलते समय बैग में कुछ अदरक वाली कैंडी रखना सुविधाजनक हो सकता है। अगर आपको अदरक से एलर्जी या कोई अन्य समस्या है, तो इसका इस्तेमाल न करें।
2. नींबू और पानी रखें साथ
यात्रा के दौरान पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। पानी की छोटी बोतल और नींबू साथ रखना उपयोगी हो सकता है। ठंडे पानी की थोड़ी-थोड़ी मात्रा लेते रहना कई लोगों को यात्रा के दौरान सहज महसूस करा सकता है।
हालांकि, नींबू को मोशन सिकनेस का निश्चित इलाज नहीं माना जाना चाहिए। यदि खट्टे पदार्थों से आपको एसिडिटी या पेट की परेशानी होती है, तो इन्हें लेने से बचना बेहतर है।
3. पुदीना या पेपरमिंट का विकल्प
कुछ लोग मतली के दौरान पुदीने की गोली या पेपरमिंट की खुशबू से आराम महसूस करते हैं। सफर के दौरान इसे व्यक्तिगत पसंद के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, पेपरमिंट ऑयल को सीधे मुंह में लेने या त्वचा पर लगाने से पहले उसके लेबल और सुरक्षा निर्देशों को देखना जरूरी है। बच्चों के मामले में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
4. हल्का स्नैक भी रखें
सफर से पहले बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी खाना खाने से कुछ लोगों में मतली की समस्या बढ़ सकती है। दूसरी तरफ पूरी तरह खाली पेट रहना भी असहजता पैदा कर सकता है।
इसलिए यात्रा से पहले हल्का भोजन करना और जरूरत पड़ने पर सादा क्रैकर या हल्का स्नैक रखना बेहतर विकल्प हो सकता है। Mayo Clinic भी हल्का खाने और पानी की चुस्कियां लेने का सुझाव देता है।
5. फोन और किताब से बनाएं दूरी
मोशन सिकनेस से बचने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण आदतों में से एक हो सकती है। सफर के दौरान मोबाइल पर लगातार स्क्रॉल करना, वीडियो देखना या किताब पढ़ना आंखों और आंतरिक कान के बीच sensory mismatch को बढ़ा सकता है।
इसके बजाय खिड़की से बाहर दूर की स्थिर चीजों या सड़क के आगे के हिस्से को देखें। NHS भी यात्रा के दौरान पढ़ने और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इस्तेमाल करने से बचने की सलाह देता है।
बैठने की जगह भी करती है फर्क
कार में संभव हो तो आगे की सीट पर बैठना और सामने की ओर देखना कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है। सिर को ज्यादा हिलाने से बचें और जरूरत पड़ने पर उसे सीट के सहारे स्थिर रखें।
कार में ताजी हवा का प्रवाह भी बनाए रखें। खिड़की खोलना या पर्याप्त ventilation रखना मतली कम करने में मदद कर सकता है।
दवा लेने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह
जिन लोगों को हर यात्रा में गंभीर मोशन सिकनेस होती है, उनके लिए कुछ दवाएं उपलब्ध हैं। Mayo Clinic के अनुसार कुछ antihistamines मोशन सिकनेस में इस्तेमाल की जाती हैं, लेकिन नींद आना उनका साइड इफेक्ट हो सकता है। इसलिए खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लेना उचित है। खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों या पहले से दवा लेने वाले लोगों में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
किन लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है?
मोशन सिकनेस किसी को भी हो सकती है, लेकिन बच्चों, गर्भवती महिलाओं, माइग्रेन से पीड़ित लोगों और पहले मोशन सिकनेस का अनुभव कर चुके लोगों में इसकी संभावना ज्यादा हो सकती है।
अगर उल्टी लगातार हो रही हो, बहुत ज्यादा चक्कर आ रहे हों, शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखें या यात्रा खत्म होने के बाद भी समस्या बनी रहे, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
निष्कर्ष:
कार या बस में सफर के दौरान होने वाली मोशन सिकनेस यात्रा का मजा खराब कर सकती है, लेकिन कुछ सावधानियां मददगार हो सकती हैं। अदरक की कैंडी, पानी, हल्का स्नैक और जरूरत के अनुसार नींबू या पुदीने का विकल्प बैग में रखा जा सकता है। साथ ही मोबाइल-किताब से दूरी, आगे बैठना, दूर की चीजों को देखना और ताजी हवा लेना भी उपयोगी हो सकता है। अगर समस्या बार-बार या गंभीर रूप से होती है, तो दवा लेने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह जरूर लें।

