मध्य प्रदेश में बारिश ने मचाई तबाही, बांध टूटा तो बह गया रामघाट पुल; आज 26 राज्यों पर IMD का बड़ा अलर्ट
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में हालात बिगाड़ दिए हैं। सतना जिले से लेकर चित्रकूट तक बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। नदियां और नाले उफान पर हैं, कई इलाकों में घरों के अंदर पानी पहुंच चुका है और सड़कों पर आवागमन तक बाधित हो गया है। सबसे चिंताजनक स्थिति चित्रकूट में बताई जा रही है, जहां मंदाकिनी नदी तेज बहाव के साथ बह रही है और रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा पुल पानी की चपेट में आ गया।
इसी बीच मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों के लिए भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में अगले कुछ घंटे और दिन कई इलाकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
गोरगी बांध टूटने से कई इलाकों में घुसा पानी
सतना जिले में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। गोरगी बांध टूटने के बाद आसपास के इलाकों में पानी पहुंच गया। नागौद, बिरसिंहपुर, मझगवां और सतना के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई।
बिरसिंहपुर के कई मोहल्लों में कमर तक पानी भरने की सूचना है। पानी घरों के अंदर पहुंचने से लोगों का सामान खराब हो गया, जबकि कई वाहन भी जलभराव में फंस गए। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं।
नागौद थाने और सिंहपुर चौराहे के पेट्रोल पंप तक पानी पहुंचने से स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। कोतवाली चौक से कलेक्ट्रेट जाने वाले रास्ते पर भी भारी जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का रौद्र रूप
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ा हुआ है। नदी करीब 30 फीट ऊंचे स्तर पर बहने की बात सामने आई है। तेज बहाव के कारण रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा पुल बह गया। घाट किनारे मौजूद कई दुकानों और आसपास के क्षेत्रों में भी पानी घुस गया।
हालात को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से घाटों तथा निचले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। सती अनुसुइया आश्रम समेत कई धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले रास्ते भी प्रभावित हुए हैं।

छतों पर फंसे लोगों का रेस्क्यू
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। एसडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात हैं। जिन इलाकों में पानी अधिक बढ़ गया है, वहां फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कुछ स्थानों पर लोग घरों की छतों पर फंसे नजर आए, जिन्हें हेलीकॉप्टर की मदद से एयरलिफ्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
रेल यातायात पर भी पड़ा असर
भारी बारिश और जलभराव का असर रेल सेवाओं पर भी दिखाई दिया। चित्रकूट के पास रेल पटरियों पर पानी भरने के कारण दो ट्रेनें प्रभावित हुईं। मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग पर भी जलभराव का असर पड़ा है।
इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। रेलवे और स्थानीय प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
कच्चा मकान गिरा, मवेशियों की मौत
बारिश के कारण कई कमजोर और कच्चे मकानों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। कोठी क्षेत्र में एक कच्चा मकान ढहने से दो मवेशियों की मौत हो गई। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
26 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
मध्य प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात के बीच मौसम विभाग ने 30 अगस्त को देश के 26 राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है। अलर्ट वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं।
इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, असम, त्रिपुरा, नागालैंड, सिक्किम, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में भी बारिश की चेतावनी बताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश की स्थिति बन सकती है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण और मानसून ट्रफ के प्रभाव से मध्य प्रदेश के रीवा संभाग समेत आसपास के क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की संभावना है।
प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी की अपील
बाढ़ और बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से जलभराव वाले रास्तों पर न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
निष्कर्ष:
सतना और चित्रकूट में लगातार बारिश ने हालात को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है। बांध टूटने, नदियों के उफान और पुल के बहने से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं, देश के 26 राज्यों में बारिश और आंधी की चेतावनी ने चिंता और बढ़ा दी है। ऐसे में प्रशासन की तैयारियों के साथ आम लोगों की सतर्कता भी बेहद जरूरी है।

