पांढुर्णा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले में सोमवार सुबह एक ऐसा सड़क हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। छिंदवाड़ा से लगे खतरनाक मोहि घाट पर महज 10 मिनट के भीतर दो यात्री बसें एक के बाद एक पलट गईं, जिससे घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में 22 से अधिक यात्री घायल हो गए, जबकि कई लोग बसों के अंदर बुरी तरह फंस गए थे। स्थानीय ग्रामीणों, पुलिस और रेस्क्यू टीम की तत्परता से बड़ी जनहानि टल गई।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय क्षेत्र में लगातार तेज बारिश हो रही थी, जिससे सड़क बेहद फिसलन भरी हो गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सड़क पर फैला तेल (ऑयल) भी दुर्घटना की बड़ी वजह माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
महज 10 मिनट में दो बड़े हादसे
जानकारी के अनुसार, पहली बस भोपाल से और दूसरी बस इंदौर से यात्रियों को लेकर पांढुर्णा की ओर आ रही थी। सुबह जब पहली बस मोहि घाट के तीखे मोड़ और ढलान वाले हिस्से पर पहुंची तो चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा और वाहन पलट गया।
अभी स्थानीय लोग और राहगीर पहली बस के यात्रियों की मदद में जुटे ही थे कि करीब 10 मिनट बाद दूसरी बस भी उसी स्थान के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। लगातार दो हादसों ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी।
ग्रामीण बने फरिश्ता, शीशे तोड़कर निकाले यात्री
हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर बिना किसी देरी के मदद के लिए दौड़ पड़े। कई यात्री बसों की सीटों और लोहे के ढांचे के बीच फंस गए थे। लोगों ने पत्थरों और लोहे की रॉड से बसों के शीशे तोड़े और अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया।
कुछ ही देर में पुलिस, एंबुलेंस और रेस्क्यू टीम भी मौके पर पहुंच गई। करीब एक घंटे तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

22 से ज्यादा घायल, छह की हालत गंभीर
हादसे में घायल हुए सभी यात्रियों को पांढुर्णा सिविल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार कई यात्रियों के सिर, हाथ-पैर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद छह गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया।
हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल में परिजनों की भारी भीड़ जमा हो गई। अस्पताल परिसर में कई घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
घायल यात्री ने बताया हादसे की वजह
हादसे में घायल यात्री अशफाक खुर्शीद ने अस्पताल में बताया कि घाट पर तेज बारिश हो रही थी और सड़क पर काफी दूर तक तेल फैला हुआ था।
उनके अनुसार, बारिश के पानी और सड़क पर फैले तेल के कारण सड़क कांच की तरह फिसलन भरी हो गई थी। चालक ने बस को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन ब्रेक लगाने के बावजूद वाहन फिसलता चला गया और पलट गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने भी सड़क पर तेल और फिसलन को इस दोहरे हादसे की प्रमुख वजह बताया है।
घंटों तक बाधित रहा यातायात
दोनों बसों के पलटने के कारण मोहि घाट मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने भारी-भरकम क्रेन की मदद से करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद दोनों बसों को हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाया जा रहा है कि सड़क पर तेल कैसे फैला। इसके अलावा बसों की तकनीकी स्थिति, चालक की भूमिका और सड़क सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।
प्रशासन ने बारिश के मौसम में घाट और पहाड़ी मार्गों पर वाहन चालकों से अतिरिक्त सावधानी बरतने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और खराब मौसम में सतर्क रहने की अपील की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान फिसलन भरी सड़कों पर थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़े हादसों का कारण बन सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
निष्कर्ष:
पांढुर्णा के मोहि घाट में हुआ यह दोहरा बस हादसा एक गंभीर चेतावनी है कि बारिश के मौसम में सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही भारी पड़ सकती है। स्थानीय ग्रामीणों की बहादुरी और त्वरित रेस्क्यू के कारण कई यात्रियों की जान बच गई। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है कि आखिर सड़क पर तेल कैसे फैला और इस हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है।

