नई दिल्ली। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर और ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा के प्रशंसकों के लिए बुरी खबर सामने आई है। टखने में लगी चोट के कारण नीरज चोपड़ा इस साल होने वाले कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से बाहर हो गए हैं। ट्रेनिंग के दौरान उनके टखने का लिगामेंट फट गया, जिसके चलते अब वह एशियन गेम्स के साथ-साथ डायमंड लीग फाइनल और पहली वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
नीरज ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी चोट की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि लॉजेन डायमंड लीग में सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ 88.05 मीटर का थ्रो करने के कुछ समय बाद ट्रेनिंग के दौरान उनके टखने में चोट लग गई। जांच में लिगामेंट फटने की पुष्टि हुई।
एक चोट ने बिगाड़ा पूरा शेड्यूल
टखने की इस चोट के कारण नीरज चोपड़ा को इस सीजन के तीन बड़े टूर्नामेंट छोड़ने पड़ेंगे। वह सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा 5 सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल से भी उनका नाम बाहर हो गया है।
इतना ही नहीं, 11 से 13 सितंबर तक बुडापेस्ट में आयोजित होने वाली पहली वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में भी नीरज नजर नहीं आएंगे।
यह खबर इसलिए भी बड़ा झटका है क्योंकि नीरज लगातार अपनी फॉर्म हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे थे और लॉजेन में 88.05 मीटर का शानदार थ्रो उनकी वापसी का बड़ा संकेत माना जा रहा था।
नीरज बोले- लय हासिल करने के करीब था
नीरज चोपड़ा ने अपनी पोस्ट में चोट को लेकर निराशा जाहिर की। उन्होंने बताया कि काफी मेहनत के बाद उन्हें महसूस होने लगा था कि वह अपनी पुरानी लय हासिल करने के करीब पहुंच रहे हैं।
लॉजेन में 88.05 मीटर का थ्रो भी उनके लिए इसी दिशा में आगे बढ़ने का संकेत था। लेकिन ट्रेनिंग के दौरान लगी चोट ने उनकी तैयारियों को अचानक रोक दिया।
नीरज ने यह भी बताया कि डॉक्टरों और मेडिकल टीम की सलाह के बाद उन्हें आगामी प्रतियोगिताओं से हटने का फैसला करना पड़ा।

डायमंड लीग फाइनल के लिए कर चुके थे क्वालिफाई
टखने की चोट से पहले नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया था। उन्होंने इस सीजन में दो डायमंड लीग मुकाबलों में हिस्सा लिया और दोनों में दूसरे स्थान पर रहे।
19 जून को दोहा डायमंड लीग और 21 अगस्त को लॉजेन डायमंड लीग में दूसरे स्थान पर रहने से उन्हें कुल 12 अंक मिले। इन अंकों के आधार पर वह स्टैंडिंग में छठे स्थान पर रहे और ब्रसेल्स में होने वाले फाइनल के लिए क्वालिफाई किया।
लेकिन अब चोट के कारण वह उस फाइनल में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे।
पहले से पीठ की चोट से जूझ रहे थे
नीरज के लिए चोट की समस्या नई नहीं है। वह पिछले साल सितंबर से लोअर बैक इंजरी से परेशान रहे थे। इसी वजह से उनका 2026 सीजन भी देर से शुरू हुआ था।
उन्होंने दोहा डायमंड लीग से प्रतिस्पर्धी वापसी की। इसके बाद उन्होंने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भी हिस्सा लिया। पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद उन्होंने 85.83 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।
श्रीलंका के रुमेश थरांगा ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता था।
एशियन गेम्स में लगातार दो गोल्ड जीत चुके हैं नीरज
एशियन गेम्स से बाहर होना नीरज के लिए इसलिए भी बड़ा झटका है क्योंकि वह इस प्रतियोगिता में भारत के लिए पहले ही दो गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।
नीरज ने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स और 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में जैवलिन थ्रो का गोल्ड मेडल हासिल किया था। उनकी गैरमौजूदगी से भारतीय एथलेटिक्स टीम को भी बड़ा नुकसान हो सकता है।
ओलंपिक में भी नीरज का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने टोक्यो 2021 में जैवलिन थ्रो का गोल्ड मेडल जीता था, जबकि पेरिस 2024 में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में रचा था इतिहास
नीरज चोपड़ा भारतीय एथलेटिक्स के सबसे बड़े नामों में शामिल हैं। 2023 बुडापेस्ट वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने इतिहास रचा था।
वह वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने थे। इसके अलावा लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के कारण उन्होंने जैवलिन थ्रो में भारत की पहचान को नई ऊंचाई दी है।
अब टखने की चोट के बाद नीरज के सामने सबसे बड़ी चुनौती पूरी तरह फिट होकर वापसी करने की होगी। उनके प्रशंसकों को उम्मीद होगी कि मेडिकल टीम की निगरानी में वह जल्द स्वस्थ होकर मैदान पर वापसी करेंगे।
फिलहाल इतना तय है कि 2026 के बाकी बड़े मुकाबलों में नीरज चोपड़ा की कमी भारतीय खेल प्रशंसकों को जरूर खलेगी।
निष्कर्ष
नीरज चोपड़ा के टखने का लिगामेंट फटने से उनका 2026 सीजन बड़ा प्रभावित हुआ है। चोट के कारण वह एशियन गेम्स, डायमंड लीग फाइनल और वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। अब उनका पूरा ध्यान चोट से उबरकर फिटनेस हासिल करने पर रहेगा।


