नई दिल्ली। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कार 2026 के दूसरे चरण का भव्य आयोजन मंगलवार को राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कला, साहित्य, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा और शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 65 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया।
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं। पूरे समारोह के दौरान सम्मानित व्यक्तियों की उपलब्धियों की चर्चा होती रही और राष्ट्रपति भवन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
सबसे अधिक चर्चा भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा को पद्मश्री सम्मान मिलने की रही। क्रिकेट के मैदान पर अपने शानदार प्रदर्शन, नेतृत्व क्षमता और भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। रोहित शर्मा का नाम पुकारे जाने पर पूरे हॉल में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
संगीत जगत की मशहूर गायिका अलका याग्निक को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। पिछले तीन दशकों से अपनी मधुर आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली अलका याग्निक ने हिंदी फिल्म संगीत को अनेक यादगार गीत दिए हैं। उनके सम्मान को भारतीय संगीत जगत के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है।
मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार ममूटी को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उन्होंने भारतीय सिनेमा में अपने बहुआयामी अभिनय और लंबे योगदान से एक अलग पहचान बनाई है। उनके सम्मान पर फिल्म जगत में खुशी की लहर देखी गई।
भारतीय टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी विजय अमृतराज को भी पद्म भूषण प्रदान किया गया। खेल के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला।

समारोह में अभिनेता आर. माधवन को कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया। भारतीय सिनेमा में अपनी शानदार अभिनय क्षमता और विविध भूमिकाओं के कारण माधवन को देशभर में विशेष पहचान मिली है।
भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और गोलकीपर सविता पूनिया को भी पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उन्हें भारतीय महिला हॉकी की “ग्रेट वॉल” कहा जाता है। लगातार तीन बार एफआईएच गोलकीपर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीतने वाली सविता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
इसके अलावा रूस की प्रसिद्ध इंडोलॉजिस्ट और भाषाविद् डॉ. ल्यूडमिला खोखलोवा को भी पद्मश्री सम्मान दिया गया। उन्होंने हिंदी भाषा, भारतीय संस्कृति और सिख धर्म के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज केटी थॉमस को जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। वहीं वरिष्ठ पत्रकार पी. नारायणन को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए पद्म विभूषण प्रदान किया गया।
इस वर्ष कुल 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों के लिए चुना गया है। पहले चरण में 66 व्यक्तियों को सम्मानित किया जा चुका है, जबकि दूसरे चरण में 65 हस्तियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें खेल, कला, साहित्य, चिकित्सा, विज्ञान, समाज सेवा और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं।
पद्म पुरस्कार भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं। ये पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिए जाते हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान देकर देश और समाज को नई दिशा दी हो।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह समारोह केवल पुरस्कार वितरण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन महान हस्तियों के योगदान को सम्मान देने का अवसर भी था जिन्होंने अपने कार्यों से भारत की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया है।
निष्कर्ष:
पद्म पुरस्कार 2026 का यह समारोह देश के उन असाधारण व्यक्तित्वों को सम्मानित करने का अवसर बना जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर भारत का नाम रोशन किया। रोहित शर्मा, अलका याग्निक, ममूटी और अन्य सम्मानित हस्तियां नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं।


