नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद चर्चा में आई 15 वर्षीय लड़की की मां का पहला विस्तृत बयान सामने आया है। एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में उन्होंने भावुक होकर प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी बेटी को माफ कर उन्होंने “नया जीवन” दिया है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से दो महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं—पहली, उनकी बेटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए और दूसरी, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए।
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग लड़की का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में लड़की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती हुई दिखाई दी। वीडियो वायरल होने के बाद देशभर में इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
मां बोलीं—’प्रधानमंत्री ने मेरी बेटी को दूसरा जीवन दिया’
लड़की की मां ने साक्षात्कार में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी बेटी को माफ करके महानता का परिचय दिया है। उन्होंने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी के लिए यह किसी नए जीवन की शुरुआत जैसा है।
उन्होंने कहा कि परिवार अपनी गलती को समझ चुका है और इस घटना से बहुत कुछ सीखा है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा दिखाई गई उदारता उनके परिवार के लिए एक बड़ा संदेश है।
एफआईआर रद्द करने की मांग
भावुक होते हुए लड़की की मां ने प्रधानमंत्री से अपील की कि उनकी बेटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कराया जाए ताकि वह सामान्य और शांतिपूर्ण जीवन जी सके। उनका कहना था कि इस पूरे मामले का मानसिक प्रभाव उनकी बेटी और परिवार पर पड़ा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि दर्ज एफआईआर में उनकी बेटी का नाम और उम्र सही तरीके से दर्ज नहीं की गई है। उनके अनुसार, इस संबंध में भी उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरतलब है कि संबंधित मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और कानूनी प्रक्रिया जारी है। एफआईआर रद्द करने का निर्णय संबंधित न्यायिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही लिया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर नाबालिगों के लिए प्रतिबंध की मांग
लड़की की मां ने इस घटना के बाद सोशल मीडिया को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं करने दिया जाना चाहिए।
उनका मानना है कि कम उम्र के बच्चे आसानी से दूसरों के प्रभाव में आ जाते हैं और कई बार बिना पूरी समझ के ऐसे कदम उठा लेते हैं, जिनका असर उनके भविष्य पर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में सख्त नीति बनाने की अपील की।

क्या था पूरा मामला?
23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग लड़की का वीडियो सामने आया था, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती दिखाई दी। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक बहस का रूप ले लिया।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और कानूनी कार्रवाई शुरू की। इस बीच, घटना को लेकर विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं।
पीएम मोदी ने दिया था संयम का संदेश
घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि देश के कुछ युवा भटक सकते हैं, लेकिन उन्हें सही रास्ता दिखाना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे बच्चों को सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री के इस संदेश की कई लोगों ने सराहना की। लड़की की मां ने भी अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण ने उनके परिवार को भावुक कर दिया।
कानूनी प्रक्रिया जारी
इस मामले में पुलिस की जांच अभी भी जारी है। संबंधित एजेंसियां वायरल वीडियो, प्रदर्शन की परिस्थितियों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं। यदि एफआईआर में किसी प्रकार की तथ्यात्मक त्रुटि है, तो उसका परीक्षण भी कानूनी प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में कानून अलग प्रकार की सुरक्षा और प्रक्रिया प्रदान करता है। इसलिए आगे की कार्रवाई संबंधित प्रावधानों के अनुसार होगी।
सोशल मीडिया और नाबालिगों पर फिर छिड़ी बहस
इस घटना के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि कम उम्र के बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच को किस प्रकार नियंत्रित किया जाए। कई विशेषज्ञ डिजिटल साक्षरता, अभिभावकीय निगरानी और आयु सत्यापन जैसे उपायों की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
हालांकि, सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने या न लगाने का निर्णय सरकार की नीतियों और कानूनों पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी करने वाली नाबालिग लड़की की मां का भावुक बयान अब चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए अपनी बेटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने और नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। वहीं मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार होगी।

