सेशेल्स में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ शुरू हुआ ऐतिहासिक दौरा
प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी के तीन दिवसीय राजकीय दौरे का रविवार को सेशेल्स में भव्य आगाज हुआ। राजधानी विक्टोरिया में उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका औपचारिक स्वागत किया और दोनों नेताओं के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक शुरू हुई। यह दौरा केवल औपचारिक नहीं बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
इस यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, कोस्ट गार्ड सहयोग और समुद्री निगरानी प्रणाली जैसे कई अहम मुद्दों पर समझौतों की संभावना है।
नेशनल असेंबली को संबोधित कर रचेंगे नया इतिहास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरे का सबसे ऐतिहासिक पड़ाव तब पूरा करेंगे जब वे सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे। ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। इसके साथ ही वे दुनिया के लगभग 20 देशों की संसद या राष्ट्रीय विधानसभा को संबोधित करने वाले चुनिंदा वैश्विक नेताओं में शामिल हो जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत लोकतांत्रिक संबंधों और बढ़ते रणनीतिक सहयोग का प्रतीक है।
समुद्री सुरक्षा पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस
भारत लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की नीति पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में सेशेल्स भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है।
बैठक में जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा होने की संभावना है, उनमें शामिल हैं—
- समुद्री सुरक्षा सहयोग
- कोस्ट गार्ड क्षमता बढ़ाना
- समुद्री निगरानी नेटवर्क
- आतंकवाद और समुद्री डकैती पर रोक
- ब्लू इकोनॉमी
- जलवायु परिवर्तन से निपटने के संयुक्त प्रयास
भारत पहले भी सेशेल्स को गश्ती पोत, निगरानी विमान और तटीय रडार नेटवर्क उपलब्ध करा चुका है।
भारत ने सौंपा आधुनिक पेट्रोल वेसल
दौरे के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने संयुक्त रूप से भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल ‘लेस्पवार’ को सेशेल्स को सौंपा।
इस आधुनिक पोत से सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता मजबूत होगी और उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
भारत की ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा क्षमता का यह भी एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

नेशनल बोटैनिकल गार्डन में लगाया पौधा
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ सेशेल्स के प्रसिद्ध नेशनल बोटैनिकल गार्डन का भी दौरा किया।
दोनों नेताओं ने मित्रता के प्रतीक के रूप में एक पौधा लगाया। इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वहां मौजूद विशालकाय एल्डाब्रा कछुओं को पत्ते खिलाए। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
भारत और सेशेल्स के रिश्ते क्यों हैं खास?
भारत और सेशेल्स के बीच इस वर्ष राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
दोनों देशों के रिश्ते केवल रणनीतिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भी हैं।
1770 में जब सेशेल्स में पहली स्थायी बस्ती बसाई गई थी, तब वहां पांच भारतीय भी शामिल थे। आज भी वहां बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सेतु का काम करते हैं।
भारत सेशेल्स के विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रक्षा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार सहयोग करता रहा है।
मोदी ने क्या कहा?
दौरे से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि—
“सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ का प्रमुख साझेदार है। दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास, लोकतंत्र और साझा मूल्यों पर आधारित हैं।”
उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और विकास के नए अध्याय की शुरुआत करेगी।
हिंद महासागर में भारत की रणनीति होगी और मजबूत
विशेषज्ञों के अनुसार, चीन लगातार हिंद महासागर क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में सेशेल्स जैसे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण द्वीपीय देश के साथ भारत का सहयोग दोनों देशों के लिए बेहद अहम है।
यह यात्रा भारत की ‘Neighbourhood First’ और ‘MAHASAGAR Vision’ नीति को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने का संदेश देंगे।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सेशेल्स दौरा केवल एक राजकीय यात्रा नहीं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक भूमिका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। गार्ड ऑफ ऑनर, राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ उच्चस्तरीय वार्ता, संसद को संबोधन और रक्षा सहयोग से जुड़े समझौते भारत-सेशेल्स संबंधों को नई ऊंचाई देने वाले साबित हो सकते हैं।

