वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम की सुरक्षा को लेकर अब नया घटनाक्रम सामने आया है। पिछले कुछ दिनों से आश्रम के बाहर हो रहे प्रदर्शन और अलग-अलग परिवारों के पहुंचने के बीच आश्रम प्रबंधन ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। इसके लिए क्षेत्राधिकारी वृंदावन को लिखित पत्र भेजकर पुलिस बल तैनात करने की मांग की गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब एक शिष्य की मौत और कुछ लोगों के लापता होने से जुड़े मामलों को लेकर आश्रम लगातार चर्चा में है। बीते दिनों कुछ परिवार अपने बच्चों की तलाश में आश्रम पहुंचे थे। इस दौरान आश्रम के बाहर प्रदर्शन भी हुआ था। अब आश्रम प्रबंधन ने इन घटनाओं को लेकर पुलिस से सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मांगा है।
CO को भेजे पत्र में क्या कहा गया?
श्रीहित राधा केलि कुंज ट्रस्ट की ओर से क्षेत्राधिकारी वृंदावन को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से अपने बच्चों की तलाश में आने वाले कुछ लोगों की ओर से आश्रम के बाहर उपद्रव और कथित अभद्रता की स्थिति बन रही है।
आश्रम प्रबंधन का कहना है कि इसके अलावा आश्रम को लेकर ऐसे आरोप भी लगाए जा रहे हैं, जिन्हें वह तथ्यों से परे मानता है। पत्र में दावा किया गया है कि इन घटनाओं की वजह से आश्रम की शांति और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
ट्रस्ट की ओर से यह भी कहा गया है कि परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कुछ घटनाएं सुनियोजित तरीके से की जा रही हैं। हालांकि, यह आश्रम प्रबंधन का दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच से ही हो सकेगी।
आश्रम की छवि को नुकसान की चिंता
पत्र में आश्रम की छवि और वहां आने वाले साधकों तथा भक्तों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। प्रबंधन ने पुलिस प्रशासन से नियमानुसार आवश्यक कदम उठाने और परिसर के आसपास शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है।
आश्रम का कहना है कि अगर इसी तरह प्रदर्शन और विवाद की स्थिति बनी रही तो वहां आने वाले श्रद्धालुओं और साधकों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है। इसी वजह से पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ाने की मांग की गई है।

बच्चों की तलाश में पहुंच रहे परिवार
दरअसल, पिछले कुछ दिनों में कई परिवार अपने बच्चों या परिजनों की तलाश में वृंदावन पहुंचे हैं। कुछ परिवारों ने आश्रम से जुड़े स्थानों के आसपास अपने परिजनों के होने की आशंका जताई और पुलिस से मदद मांगी।
एक मामले में लंबे समय से लापता एक किशोर को पुलिस ने दूसरे आश्रम से बरामद किया था। पुलिस ने बताया था कि उसे तलाशने के लिए सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीर प्रसारित की गई थी, जिसके बाद एक व्यक्ति ने उसे पहचानकर पुलिस को सूचना दी।
इसके अलावा एक अन्य परिवार भी अपने लापता युवक की तलाश में आश्रम पहुंचा था। ऐसे मामलों के चलते आश्रम के आसपास माहौल काफी संवेदनशील बना हुआ है।
एक शिष्य की मौत के बाद बढ़ी चर्चा
प्रेमानंद महाराज से जुड़े आश्रम की चर्चा एक 25 वर्षीय शिष्य की मौत के बाद भी तेज हुई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में मौत को लेकर किसी आपराधिक साजिश की पुष्टि नहीं की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच की है तथा आगे की जांच जारी है।
घटना के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में भी कुछ बदलाव किए गए थे। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ धार्मिक गतिविधियों और व्यक्तिगत मुलाकातों से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया।
सुरक्षा को लेकर पहले भी उठी मांग
प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर इससे पहले भी मांग सामने आ चुकी है। एक संगठन के पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर संत को Z+ सुरक्षा देने की मांग की थी। पत्र में आश्रम से जुड़े कई आरोपों और विवादों की जांच की मांग भी की गई थी। हालांकि, पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
इससे साफ है कि आश्रम को लेकर पिछले कुछ दिनों में विवाद और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बना हुआ है। ऐसे में आश्रम प्रबंधन द्वारा पुलिस सुरक्षा बढ़ाने की मांग को इसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
अब पुलिस प्रशासन की भूमिका अहम
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस प्रशासन आश्रम की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाता है। आश्रम प्रबंधन ने स्पष्ट रूप से शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।
दूसरी ओर, आश्रम पहुंचने वाले परिवारों की शिकायतों और उनकी चिंताओं की भी निष्पक्ष जांच जरूरी है। यदि किसी परिवार का सदस्य लापता है तो उसकी तलाश और मामले की जांच पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी के साथ आश्रम परिसर और उसके आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि दोनों पक्षों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए किसी भी तरह के विवाद या तनाव को बढ़ने से रोका जाए।
निष्कर्ष:
प्रेमानंद महाराज के आश्रम की सुरक्षा बढ़ाने के लिए CO को भेजे गए पत्र ने एक बार फिर वृंदावन में चल रहे विवाद को चर्चा में ला दिया है। आश्रम प्रबंधन ने प्रदर्शन, कथित अभद्रता और माहौल बिगड़ने की आशंका जताते हुए पुलिस बल की मांग की है। वहीं, अपने लापता परिजनों की तलाश में आने वाले परिवारों की शिकायतें भी जांच का विषय हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई से ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद की वास्तविक स्थिति क्या है और आश्रम की सुरक्षा के लिए कौन से कदम उठाए जाते हैं।

