नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के आईटीओ इलाके में रविवार को उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ‘गुमशुदा’ पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर दिखाई दिए। पोस्टर में राहुल गांधी की तस्वीर के साथ बड़े अक्षरों में ‘गुमशुदा’ लिखा गया था, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी।
इन पोस्टरों की तस्वीरें कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं। लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पोस्टर किसने लगाए और इसके पीछे किस संगठन या व्यक्ति का हाथ है। पुलिस या प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
भाजपा ने साधा निशाना
इस घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी के लिए LoP (Leader of Opposition) का अर्थ अब “Leader of Paryatan and Partying” बन गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद, जनता और पार्टी से अधिक विदेश यात्राओं और निजी दौरों को प्राथमिकता देते हैं। भाजपा का कहना है कि जब भी संसद का महत्वपूर्ण सत्र, चुनाव या कोई बड़ा राजनीतिक मुद्दा सामने आता है, राहुल गांधी अक्सर विदेश यात्रा पर चले जाते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी से की तुलना
भाजपा प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि मोदी लगातार वर्षों से बिना रुके देश की सेवा कर रहे हैं, जबकि राहुल गांधी बार-बार विदेश यात्रा पर चले जाते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी की कुछ विदेश यात्राओं को ऐसे संगठनों द्वारा प्रायोजित किया जाता है, जिनकी विचारधारा भारत के हितों के खिलाफ मानी जाती है। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार
पोस्टर विवाद पर कांग्रेस की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता ने भी इस मामले पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कांग्रेस इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देती है तो आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच यह विवाद और गहरा सकता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
‘गुमशुदा’ पोस्टर सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर यह मुद्दा तेजी से ट्रेंड करने लगा। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक व्यंग्य बताया, जबकि कुछ ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया।
कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के पोस्टर लगाने वालों की पहचान होनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने इसे चुनावी राजनीति का हिस्सा बताया।
पहले भी उठते रहे हैं विदेश यात्राओं के सवाल
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा पहले भी कई बार सवाल उठाती रही है। भाजपा का आरोप रहा है कि राहुल गांधी महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसरों पर देश से बाहर रहते हैं। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना रहा है कि विदेश यात्रा किसी भी जनप्रतिनिधि का निजी अधिकार है और भाजपा इसे अनावश्यक राजनीतिक मुद्दा बनाती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे मुद्दे अक्सर चुनावी माहौल या बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान अधिक चर्चा में आते हैं।
क्या बढ़ेगा राजनीतिक विवाद?
दिल्ली में लगे इन पोस्टरों ने एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग को हवा दे दी है। यदि पोस्टर लगाने वालों की पहचान होती है या इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई होती है, तो यह विवाद और भी बड़ा रूप ले सकता है।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि सभी की नजर कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
निष्कर्ष
दिल्ली के आईटीओ में राहुल गांधी के ‘गुमशुदा’ पोस्टर सामने आने के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। भाजपा ने इसे राहुल गांधी की विदेश यात्राओं से जोड़ते हुए कांग्रेस पर हमला बोला है, जबकि कांग्रेस की प्रतिक्रिया अभी बाकी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और चर्चा का विषय बन सकता है।

