LRN24LRN24
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Search News

Archives

  • September 2026
  • August 2026
  • July 2026
  • June 2026
  • May 2026
  • April 2026
  • March 2026
  • February 2026
  • January 2026

Categories

  • AI
  • अजमेर
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अपराध
  • अयोध्या
  • अरुणाचल प्रदेश
  • अलीगढ़
  • असम
  • आगरा
  • आन्ध्र प्रदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • उन्नाव
  • ओडिशा
  • कर्नाटक
  • कानपुर
  • कार
  • केरल
  • कोलकाता
  • खेल
  • गाजियाबाद
  • गुजरात
  • गोंडा
  • चंडीगढ़
  • चेन्नई
  • जम्मू और कश्मीर
  • झारखंड
  • टेक्नोलॉजी
  • तथ्य
  • तमिलनाडु
  • तेलंगाना
  • दिल्ली
  • दौसा
  • धर्म
  • नोएडा
  • पंजाब
  • पश्चिम बंगाल
  • पुरी
  • प्रयागराज
  • बरेली
  • बिहार
  • बुलंदशहर
  • बेंगलुरु
  • भोपाल
  • मथुरा
  • मध्य प्रदेश
  • मनोरंजन
  • महाराष्ट्र
  • मेरठ
  • मौसम
  • राजनीति
  • राजस्थान
  • राज्य
  • राशिफल
  • राष्ट्रीय
  • रिजल्ट
  • लखनऊ
  • वायरल न्यूज़
  • वाराणसी ( बनारस )
  • व्यापार
  • शिक्षा
  • सरकारी योजनाएँ
  • सीकर
  • स्वास्थ्य
  • हरियाणा
  • हाथरस
  • हिमाचल प्रदेश
  • हैदराबाद
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
© LRN24 News Network
Reading: ‘मूर्ति छूना अपमान कैसे?’ सुप्रीम कोर्ट का तीखा सवाल, सबरीमाला विवाद पर क्या आने वाला है बड़ा फैसला?
Share
Font ResizerAa
LRN24LRN24
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Search News
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Follow US
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
© LRN24 News Network

Home - धर्म - ‘मूर्ति छूना अपमान कैसे?’ सुप्रीम कोर्ट का तीखा सवाल, सबरीमाला विवाद पर क्या आने वाला है बड़ा फैसला?

‘मूर्ति छूना अपमान कैसे?’ सुप्रीम कोर्ट का तीखा सवाल, सबरीमाला विवाद पर क्या आने वाला है बड़ा फैसला?

Rajat Kumar
Last updated: 2026/04/21 at 3:55 PM
Rajat Kumar
Share
3 Min Read
SHARE

देश: के सबसे चर्चित धार्मिक और संवैधानिक विवादों में से एक, सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई एक बार फिर तेज हो गई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक अहम सवाल उठाकर बहस को नया मोड़ दे दिया है—“मूर्ति को छूना ईश्वर का अपमान कैसे हो सकता है?”

यह सवाल न केवल धार्मिक परंपराओं बल्कि संविधान द्वारा दिए गए समानता के अधिकारों पर भी सीधा असर डालता है। सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संवैधानिक पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है, जिसमें धार्मिक आस्था, परंपरा और मौलिक अधिकारों के बीच संतुलन तलाशने की कोशिश की जा रही है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या संविधान उस व्यक्ति की रक्षा नहीं करेगा जिसे केवल उसके जन्म या लिंग के आधार पर मंदिर में प्रवेश या देवता को छूने से रोका जाता है। कोर्ट का यह रुख साफ संकेत देता है कि वह इस मामले को केवल धार्मिक परंपरा के नजरिए से नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों के संदर्भ में भी देख रहा है।

मंदिर पक्ष की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील एडवोकेट वी. गिरी ने कोर्ट में दलील दी कि हर मंदिर की अपनी धार्मिक परंपराएं होती हैं और वे उस धर्म का अभिन्न हिस्सा होती हैं। उन्होंने कहा कि सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा को ‘नैष्ठिक ब्रह्मचारी’ माना जाता है, इसलिए वहां की पूजा पद्धति और नियम उसी के अनुरूप बनाए गए हैं। उनके अनुसार, इन परंपराओं में किसी तरह का हस्तक्षेप धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन होगा।

यह मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन है। वर्ष 1991 में केरल हाईकोर्ट ने 10 से 50 वर्ष की आयु वाली महिलाओं के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दी थी, यह कहते हुए कि यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। हालांकि, 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रतिबंध को हटा दिया और महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दे दी। इस फैसले के खिलाफ कई पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल की गईं, जिन पर अब सुनवाई हो रही है।

मौजूदा सुनवाई में केवल सबरीमाला ही नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़े करीब 66 अन्य मामलों को भी जोड़ा गया है। इससे यह मामला और भी व्यापक और महत्वपूर्ण बन गया है, क्योंकि इसका प्रभाव देशभर के कई धार्मिक स्थलों और परंपराओं पर पड़ सकता है।

केंद्र सरकार ने भी इस मामले में अपना पक्ष रखा है। सरकार का कहना है कि देश में कई ऐसे मंदिर हैं जहां पुरुषों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। सरकार के अनुसार, न्यायालय को धार्मिक मामलों में सीमित हस्तक्षेप करना चाहिए।

हालांकि, महिला अधिकार संगठनों और कई याचिकाकर्ताओं का मानना है कि यह प्रतिबंध लैंगिक भेदभाव का स्पष्ट उदाहरण है और संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) का उल्लंघन करता है। उनका तर्क है कि किसी भी धार्मिक परंपरा को मौलिक अधिकारों से ऊपर नहीं रखा जा सकता।

इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या धार्मिक परंपराएं संविधान से ऊपर हो सकती हैं, या फिर उन्हें भी संवैधानिक दायरे में रहकर ही लागू किया जाना चाहिए।

सूत्रों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट इस मामले में जल्द ही अपना फैसला सुना सकता है। माना जा रहा है कि यह फैसला न केवल सबरीमाला मंदिर, बल्कि पूरे देश में धार्मिक और सामाजिक व्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव डालेगा।

सबरीमाला विवाद केवल एक मंदिर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह अब धार्मिक आस्था और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन का बड़ा सवाल बन चुका है। सुप्रीम कोर्ट का आने वाला फैसला तय करेगा कि परंपरा और समानता में किसे प्राथमिकता मिलेगी।

TAGGED: Ayappa Temple, Constitution Debate, India News, Religious Rights, Sabarimala Temple, Supreme Court, Women Entry
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Joy0
Dead0
Wink0
Rajat Kumar
By Rajat Kumar
Follow:
Lrn24 News Editor
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisments

क्रिकेट लाइव

Live Cricket Scores

ज्योतिष

आज का मौसम

Widget weather

सोने की कीमत

You Might Also Like

एक दिन पहले काफिले पर फेंके गए अंडे-टमाटर, अगले दिन CM मान के सामने बिट्टू ने किया ‘हिसाब बराबर’; पुलिस ने लिया हिरासत में
पंजाबदिल्लीराजनीतिराज्यवायरल न्यूज़

एक दिन पहले काफिले पर फेंके गए अंडे-टमाटर, अगले दिन CM मान के सामने बिट्टू ने किया ‘हिसाब बराबर’; पुलिस ने लिया हिरासत में

1 hour ago
धर्म

Ramayana को लेकर आया बड़ा अपडेट, विदेशों में 30 मिनट छोटी होगी फिल्म; English Version में नहीं होंगे गाने!

2 hours ago
राशिफल

आज का राशिफल 19 सितंबर 2026 : वृषभ, मिथुन, कन्या समेत कई राशियों को आज बुधादित्य योग से मिलेगा लाभ

11 hours ago
‘वंदे मातरम्’ पर फिर गरमाया विवाद, मनोज मुंतशिर ने कहा- ‘इस तरह की हरकतों से बाज आएं’; पूरे गीत को लेकर छिड़ी नई बहस
मनोरंजनवायरल न्यूज़

‘वंदे मातरम्’ विवाद पर मनोज मुंतशिर को आया गुस्सा, बोले- हमारे बाप का हिंदुस्तान था और है

11 hours ago
Lrn24 logo Lrn24 logo

About US

LRN24 is a digital news platform committed to delivering fast, accurate, and unbiased news from India and around the world. Our goal is to keep our readers informed with verified facts, meaningful stories, and real-time updates that matter.

Important Pages
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
Usefull Links

Contact Address

Lrn24
(MSME UDYAM-UP-01-0000389)
E-162, Rambagh Agra,UP
MOB : +91-9058005498
Email : liverealnews24official@gmail.com

© 2024, LRN24.com | All Rights Reserved.

Follow US
© 2026 LRN24 News Network. All Rights Reserved.
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy

WhatsApp us