भूख हड़ताल के बीच भावुक हुए सोनम वांगचुक, प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे लोगों के रवैये पर जताई नाराजगी
दिल्ली: के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लगातार छठे दिन भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आंदोलन में शामिल लोगों से गंभीरता दिखाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन स्थल पर संघर्ष करने वालों से ज्यादा ऐसे लोग दिखाई दे रहे हैं जो इसे पिकनिक की तरह ले रहे हैं।
वांगचुक ने कहा कि कुछ लोग प्रदर्शन स्थल पर बैठकर “ठूंस-ठूंसकर खाना” खा रहे हैं, जिसे देखकर उन्हें बेहद दुख होता है। उनका मानना है कि जब कुछ लोग अपने अधिकारों और मांगों के लिए भूखे बैठे हों, तब उसी स्थान पर इस तरह का व्यवहार आंदोलन की भावना के विपरीत है।
‘पिकनिक नहीं, जनआंदोलन है’
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी आयोजन या मनोरंजन का माहौल बनाना नहीं है।
उन्होंने कहा कि यहां आने वाले हर व्यक्ति को आंदोलन की गंभीरता समझनी चाहिए। यदि लोग केवल फोटो खिंचवाने, सोशल मीडिया पोस्ट बनाने या खाना खाने के उद्देश्य से आ रहे हैं, तो इससे आंदोलन का मूल संदेश कमजोर पड़ता है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि वे वास्तव में इस आंदोलन का समर्थन करते हैं, तो कम से कम एक दिन का उपवास रखकर अपनी एकजुटता दिखाएं।
स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है
लगातार कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
जानकारी के अनुसार उनका ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर सामान्य स्तर से नीचे पहुंच गया है। मेडिकल टीम समय-समय पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है ताकि किसी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।
डॉक्टरों ने आराम और चिकित्सकीय निगरानी की सलाह भी दी है।

आंदोलन जारी रखने का ऐलान
आंदोलन से जुड़े नेताओं का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
आयोजकों के अनुसार यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे केवल उपस्थिति दर्ज कराने के बजाय आंदोलन की भावना को समझें और सक्रिय भागीदारी निभाएं।
सोशल मीडिया पर उपवास अभियान की अपील
आंदोलन के आयोजकों ने लोगों से अपील की है कि वे कम से कम एक दिन का उपवास रखें और उसका वीडियो या संदेश सोशल मीडिया पर साझा करें।
उनका कहना है कि इससे आंदोलन के प्रति लोगों की वास्तविक प्रतिबद्धता दिखाई देगी और समाज में व्यापक जागरूकता भी फैलेगी।
रात में बढ़ी पुलिस की मौजूदगी
आंदोलनकारियों का दावा है कि बीती रात जंतर-मंतर और उसके आसपास पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई।
उनका आरोप है कि प्रशासन प्रदर्शन पर कड़ी निगरानी रख रहा है। हालांकि पुलिस की ओर से अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
प्रदर्शनकारी इसे प्रशासन की सतर्कता मान रहे हैं, जबकि अधिकारियों की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कई छात्रों की तबीयत बिगड़ी
लगातार उपवास और प्रदर्शन के कारण कई छात्रों की तबीयत भी प्रभावित हुई है।
आयोजकों के मुताबिक कुछ छात्रों का ब्लड शुगर स्तर काफी कम हो गया, जबकि एक छात्र की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
डॉक्टरों की टीम अन्य प्रदर्शनकारियों की भी नियमित जांच कर रही है और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल
जंतर-मंतर पर जारी इस आंदोलन में छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि लगातार भाग ले रहे हैं।
आयोजकों का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से संचालित किया जा रहा है और सभी प्रतिभागियों से शांति एवं अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है।
अब लोगों की नजर इस बात पर है कि सरकार आंदोलन की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और आगे बातचीत की कोई पहल होती है या नहीं।
वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय
सोनम वांगचुक का भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कुछ लोग उनके बयान को आंदोलन की गंभीरता बनाए रखने की अपील मान रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने उनके शब्दों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस भी जारी है।
निष्कर्ष
जंतर-मंतर पर जारी भूख हड़ताल के बीच सोनम वांगचुक का भावुक संदेश आंदोलन की दिशा और गंभीरता को लेकर नई चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने समर्थकों से केवल मौजूदगी दर्ज कराने के बजाय वास्तविक भागीदारी निभाने और उपवास के माध्यम से आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखाने की अपील की। इस बीच उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर रखे हुए हैं और आंदोलन की आगे की दिशा पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

