श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर इलाके में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीम ने एक गुप्त आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह कार्रवाई समय रहते नहीं होती तो आतंकवादी किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे।
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया सूचना मिली थी कि सोपोर के बाहरी इलाके में आतंकियों ने एक पुराने बंकर में हथियार और गोला-बारूद छिपाकर रखा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी की और बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया।
पुराने बंकर में मिला हथियारों का जखीरा
कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों को एक पुराने बंकर जैसी संरचना मिली। जब सुरक्षा बलों ने बंकर की सावधानीपूर्वक खुदाई की तो वहां से हथियारों और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, बरामद सामग्री में आधुनिक हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक शामिल हैं। हालांकि अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से बरामद हथियारों की विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की है।
बड़े हमले की तैयारी में थे आतंकी
सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बरामद हथियारों की मात्रा और गुणवत्ता को देखते हुए यह साफ संकेत मिलता है कि आतंकवादी किसी बड़े हमले की योजना बना रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते कार्रवाई कर उनके मंसूबों को नाकाम कर दिया।
अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन घाटी में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे लगातार अभियानों की महत्वपूर्ण कड़ी है और इससे आतंकियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

पूरे इलाके में जारी है तलाशी अभियान
सुरक्षा एजेंसियों ने ऑपरेशन के बाद भी पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी रखा है। आसपास के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम बरामद हथियारों और विस्फोटकों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये हथियार कहां से लाए गए और किन आतंकी संगठनों से इनका संबंध है।
एक महीने में चौथी बड़ी बरामदगी
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पिछले एक महीने के भीतर सोपोर क्षेत्र में यह चौथी बड़ी हथियार बरामदगी है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह संकेत मिलता है कि सुरक्षा बल आतंकियों के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए लगातार दबाव बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में घाटी में इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन बढ़ने से आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा है।
ऑपरेशन ऑलआउट को मिली नई सफलता
सुरक्षा एजेंसियां इस कार्रवाई को घाटी में चल रहे ऑपरेशन ऑलआउट की बड़ी सफलता मान रही हैं। इस अभियान का उद्देश्य आतंकियों के ठिकानों को नष्ट करना, हथियारों की सप्लाई रोकना और उनके नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।
अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय नागरिकों का सहयोग भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को दें।
सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी
ऑपरेशन के बाद पूरे सोपोर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और आने-जाने वाले वाहनों की जांच भी तेज कर दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियां अब बरामद हथियारों के नेटवर्क, संभावित सहयोगियों और आतंकियों के संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि पूरे मॉड्यूल का खुलासा किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की लगातार कार्रवाई आतंकवादियों की गतिविधियों को सीमित करने और घाटी में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
निष्कर्ष:
सोपोर में सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया है कि खुफिया सूचना और त्वरित ऑपरेशन के जरिए आतंकियों की बड़ी साजिशों को समय रहते नाकाम किया जा सकता है। बरामद हथियारों की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हैं। फिलहाल पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी है और तलाशी अभियान लगातार चल रहा है।

