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Reading: ताजमहल को शिव मंदिर बताकर पूजा-अर्चना की अनुमति मांगने वाली याचिका पर अब 9 जुलाई 2026 को होगी सुनवाई, अदालत में फिर चर्चा में आया ‘तेजोमहालय’ विवाद।
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Home - आगरा - ताजमहल को शिव मंदिर बताकर पूजा-अर्चना की अनुमति मांगने वाली याचिका पर अब 9 जुलाई 2026 को होगी सुनवाई, अदालत में फिर चर्चा में आया ‘तेजोमहालय’ विवाद।

ताजमहल को शिव मंदिर बताकर पूजा-अर्चना की अनुमति मांगने वाली याचिका पर अब 9 जुलाई 2026 को होगी सुनवाई, अदालत में फिर चर्चा में आया ‘तेजोमहालय’ विवाद।

Rajat Kumar
Last updated: 2026/05/06 at 5:47 PM
Rajat Kumar
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4 Min Read
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आगरा: स्थित विश्व प्रसिद्ध ताजमहल को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। ताजमहल को ‘तेजोमहालय शिव मंदिर’ बताते हुए सावन माह में जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और पूजा-अर्चना की अनुमति मांगने वाली याचिका पर बुधवार को प्रस्तावित सुनवाई टल गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई 2026 को होगी। अदालत के इस फैसले के बाद एक बार फिर ताजमहल को लेकर ऐतिहासिक, धार्मिक और कानूनी बहस तेज हो गई है।

Contents
2024 में दायर हुई थी याचिकाASI और भारत सरकार को बनाया गया पक्षकारयाचिकाकर्ता ने क्या दावा किया?पिछली सुनवाई में कोर्ट ने लगाई थी फटकारसोशल मीडिया पर फिर छिड़ी बहस9 जुलाई 2026 पर टिकीं सबकी नजरेंनिष्कर्ष:

जानकारी के अनुसार, बुधवार को इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन पक्षकार बनने की अर्जी देने वाले सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी के अधिवक्ता रईसउद्दीन के ऑपरेशन के कारण अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। अदालत ने इसे स्वीकार करते हुए अगली तारीख 9 जुलाई 2026 निर्धारित कर दी।

2024 में दायर हुई थी याचिका

यह याचिका योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर द्वारा 23 जुलाई 2024 को दायर की गई थी। उनके अधिवक्ता शिव आधार सिंह तोमर और झम्मन सिंह रघुवंशी के माध्यम से यह मामला अदालत में पहुंचा। याचिका में दावा किया गया है कि ताजमहल वास्तव में ‘तेजोमहालय’ नामक एक प्राचीन शिव मंदिर है।

याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि सावन माह में हिंदू श्रद्धालुओं को ताजमहल परिसर में जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और पूजा-अर्चना करने की अनुमति दी जाए। साथ ही अन्य हिंदू त्योहारों पर भी धार्मिक अनुष्ठानों की अनुमति देने की अपील की गई है।

ASI और भारत सरकार को बनाया गया पक्षकार

इस मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीक्षक पुरातत्वविद् और भारत संघ को प्रतिवादी बनाया गया है। अदालत अब सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे की कानूनी दिशा तय करेगी।

ताजमहल को लेकर इस प्रकार के दावे पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन हर बार मामला कानूनी और ऐतिहासिक बहस के बीच उलझ जाता है। इस बार भी अदालत की अगली सुनवाई को लेकर लोगों की उत्सुकता बढ़ गई है।

याचिकाकर्ता ने क्या दावा किया?

वादी कुंवर अजय तोमर का दावा है कि ताजमहल मूल रूप से ‘तेजोमहालय’ नाम का शिव मंदिर था, जिसे राजा परमार्दिदेव ने 1155 से 1212 के बीच बनवाया था। उनके अनुसार बाद में राजा मानसिंह और राजा जयसिंह ने इसे अपने महल के रूप में इस्तेमाल किया और मंदिर की संरचना को सुरक्षित रखा।

याचिका में यह भी कहा गया है कि मुगल बादशाह शाहजहां ने बाद में इस भवन को अपने कब्जे में लेकर इसे मकबरे के रूप में प्रस्तुत किया। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था का विषय है और उन्हें पूजा-अर्चना का अधिकार मिलना चाहिए।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने लगाई थी फटकार

इस मामले की पिछली सुनवाई 23 फरवरी 2026 को हुई थी। उस दौरान सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी द्वारा बार-बार केस की कॉपी मांगने पर अदालत ने नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने इसे अनुचित मानते हुए उन पर 300 रुपए का जुर्माना भी लगाया था।

इस फटकार के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया था। अब नई तारीख मिलने के बाद सभी पक्ष फिर से अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।

सोशल मीडिया पर फिर छिड़ी बहस

सुनवाई टलने की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर ‘तेजोमहालय’ बनाम ‘ताजमहल’ को लेकर बहस तेज हो गई। कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय बता रहे हैं, जबकि कई इतिहासकार और विशेषज्ञ इसे ऐतिहासिक तथ्यों से जोड़कर देख रहे हैं।

वहीं, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी इस संवेदनशील मामले पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

9 जुलाई 2026 पर टिकीं सबकी नजरें

अब इस बहुचर्चित विवाद की अगली सुनवाई 9 जुलाई 2026 को होगी। माना जा रहा है कि उस दिन अदालत में दोनों पक्षों की ओर से अहम दलीलें रखी जा सकती हैं। इस केस का फैसला केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


निष्कर्ष:

ताजमहल को ‘तेजोमहालय शिव मंदिर’ बताने वाली याचिका ने एक बार फिर देशभर में बहस छेड़ दी है। अदालत ने फिलहाल सुनवाई टाल दी है, लेकिन 9 जुलाई 2026 की अगली तारीख पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह मामला इतिहास, आस्था और कानून—तीनों के संगम का केंद्र बन चुका है।

TAGGED: Agra News, ASI, Breaking News, Court Hearing, Hindu Temple Claim, Taj Mahal, Taj Mahal Controversy, Taj Mahal Petition, Tejo Mahalaya, Uttar Pradesh News
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