गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र स्थित पूजा कॉलोनी में 23 जून को मिले जाकिर के शव के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड को जाकिर की परिचित किरण और उसकी बहन कशिश ने मिलकर अंजाम दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल किए जाने की तैयारी चल रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआत में घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य जांच के बाद मामला हत्या का निकला।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बदली जांच की दिशा
23 जून को जाकिर का शव उसके घर से बरामद हुआ था। अगले दिन आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की।
जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में घटना वाले दिन किरण को जाकिर के घर आते-जाते देखा गया। इसी आधार पर पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की।
पुलिस पूछताछ में सामने आया घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में किरण लगातार अपने बयान बदलती रही। इसके बाद जांच टीम ने उसकी 14 वर्षीय बेटी से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि बेटी द्वारा दी गई जानकारी के बाद जांच को नई दिशा मिली।
अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद दोबारा पूछताछ में किरण ने कथित रूप से हत्या की साजिश और वारदात से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य स्वीकार किए। हालांकि इन आरोपों का अंतिम परीक्षण न्यायालय में होगा।
हत्या की कथित वजह क्या थी?
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में किरण ने बताया कि वह पिछले करीब दस वर्षों से जाकिर के संपर्क में थी। आरोप है कि हाल के महीनों में दोनों के बीच विवाद बढ़ गया था।
जांच के अनुसार, किरण का आरोप था कि जाकिर उसे उसके पति के पास वापस नहीं जाने दे रहा था। साथ ही उसने यह भी आरोप लगाया कि जाकिर उसकी बेटी के प्रति अनुचित व्यवहार करता था। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।

कैसे रची गई हत्या की साजिश?
पुलिस के मुताबिक, घटना से लगभग 15 दिन पहले हत्या की योजना बनाई गई। वारदात वाले दिन किरण ने बच्चों को बाहर भेजने का बहाना बनाया और खुद जाकिर के घर पहुंच गई।
पुलिस का कहना है कि वहां उसकी बहन कशिश पहले से मौजूद थी। जांच के अनुसार, दोनों ने पहले किसी भारी वस्तु से जाकिर के सिर पर हमला किया और बाद में गमछे से उसका गला दबा दिया।
आत्महत्या दिखाने की कोशिश नाकाम
जांच अधिकारियों के अनुसार, हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। हालांकि पुलिस का दावा है कि वजन अधिक होने के कारण वे ऐसा नहीं कर सकीं।
इसके बाद कथित तौर पर गले में गमछा लपेटकर आत्महत्या की कहानी बनाई गई और परिजनों को सूचना दी गई कि जाकिर ने फांसी लगा ली है।
पुलिस के पास कौन-कौन से सबूत?
पुलिस के अनुसार, इस मामले में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं, जिनमें—
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट
- घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज
- फोरेंसिक जांच
- आरोपी की नाबालिग बेटी का बयान
- आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी
जांच अधिकारी का कहना है कि इन सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश की जाएगी।
जांच अंतिम चरण में
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विवेचना लगभग पूरी हो चुकी है। सभी तकनीकी और फोरेंसिक रिपोर्ट को केस डायरी में शामिल किया जा रहा है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई न्यायालय में आगे बढ़ेगी और अंतिम निर्णय अदालत द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लिया जाएगा।
निष्कर्ष:
गाजियाबाद का जाकिर हत्याकांड पुलिस जांच में नए मोड़ पर पहुंच चुका है। पुलिस ने हत्या की साजिश का खुलासा करने का दावा किया है और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने की बात कही है। हालांकि मामले में लगाए गए सभी आरोपों का अंतिम सत्यापन न्यायालय की सुनवाई और फैसले के बाद ही होगा।

