शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी मोनू उर्फ गुल्लू (22) की हत्या का मामला कई चौंकाने वाले खुलासों के साथ सामने आया है। शुरुआती जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग और कथित पारिवारिक प्रतिष्ठा से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने घटना के महज चार घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए युवती के पिता और उसके चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
पुलिस के अनुसार, बागपत जिले के ककड़ीपुर गांव निवासी मोनू उर्फ गुल्लू राष्ट्रीय स्तर का कबड्डी खिलाड़ी था। उसकी कांधला क्षेत्र के नाला गांव की एक युवती से लंबे समय से बातचीत और करीबी संबंध बताए जा रहे हैं। इसी संबंध को लेकर दोनों परिवारों के बीच तनाव बना हुआ था।
दो गोली मारकर खेत में फेंका शव
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर मोनू को मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद उस पर दो गोलियां चलाई गईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया गया ताकि घटना को छिपाया जा सके।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने शुरू किए। शुरुआती जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे, जिन्होंने मामले के खुलासे में अहम भूमिका निभाई।
वारदात के बाद आरोपी पहुंचे अपने घर
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि हत्या करने के बाद आरोपी फरार होने के बजाय सीधे अपने गांव लौट गए। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी कार्तिक ने बताया कि उसे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि पुलिस इतनी तेजी से घटना का खुलासा कर देगी।
आरोपी सामान्य तरीके से अपने-अपने घर पहुंचे और रोजमर्रा के काम में लग गए, जिससे किसी को उन पर तत्काल शक नहीं हुआ।
मोबाइल लोकेशन और चप्पलों ने खोला राज
पुलिस ने तकनीकी जांच के साथ-साथ घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया। जांच के दौरान मुख्य आरोपी कार्तिक की मोबाइल लोकेशन घटना के समय घटनास्थल के आसपास मिली।
इसके अलावा घटनास्थल से बरामद तीन चप्पलें भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सबूत साबित हुईं। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई और कुछ ही घंटों में पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

युवती के शरीर पर मिले चोट के निशान
जांच के दौरान पुलिस उस युवती के घर भी पहुंची, जिससे मोनू के संबंध होने की बात सामने आई थी। पुलिस के अनुसार युवती के शरीर पर चोट के निशान मिले। फिलहाल पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि ये चोटें कैसे लगीं और क्या उनका इस मामले से कोई संबंध है।
बागपत और शामली से जुटाए गए हथियार
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि हत्या को अंजाम देने के लिए उन्होंने पहले से तीन अवैध तमंचों का इंतजाम किया था। पुलिस के अनुसार ये हथियार बागपत और शामली क्षेत्र से लाए गए थे।
अब पुलिस उन लोगों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने आरोपियों तक हथियार पहुंचाए। इस मामले में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
‘परिवार की बेइज्जती’ मानकर रची गई साजिश
मुख्य आरोपी कार्तिक ने पूछताछ में बताया कि उसने कई बार अपनी चचेरी बहन को मोनू से बातचीत बंद करने के लिए कहा था। उसके अनुसार, बार-बार समझाने के बावजूद दोनों संपर्क में रहे, जिससे उसे लगा कि परिवार की बदनामी हो रही है।
इसी सोच के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मोनू की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पूछताछ में नहीं दिखा पछतावा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी कार्तिक के चेहरे पर अपने कृत्य को लेकर किसी प्रकार का पछतावा नहीं दिखा। वह सामान्य तरीके से पुलिस के सवालों का जवाब देता रहा और घटना से जुड़े कई अहम तथ्य भी बताए।
दो आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में युवती के पिता और चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दो अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले में चार्जशीट मजबूत साक्ष्यों के आधार पर तैयार की जाएगी।
निष्कर्ष:
राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी मोनू उर्फ गुल्लू की हत्या का मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि व्यक्तिगत रिश्तों और पारिवारिक विवादों का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा कर दिया है, लेकिन जांच अभी जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार उपलब्ध कराने वालों तक पहुंचने के बाद मामले में और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

