उत्तर प्रदेश: की राजधानी लखनऊ के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक Charbagh Railway Station पर शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर लगा करीब 60 से 70 फीट लंबा टिन शेड अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। हादसे में एक टीटीई समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में दहशत फैल गई।
हादसा सुबह करीब 8 बजे हुआ, जब प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी। चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे से कुछ देर पहले ही इंटरसिटी एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म से रवाना हुई थी। इसी वजह से प्लेटफॉर्म पर ज्यादा भीड़ नहीं थी, वरना बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था।
हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस को तुरंत रोका गया
घटना के दौरान Howrah-Dehradun Express प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर पहुंच चुकी थी। लेकिन हादसे की जानकारी मिलते ही ट्रेन को शेड गिरने वाली जगह से कुछ दूरी पहले ही रोक दिया गया।
रेलवे अधिकारियों की सतर्कता के चलते बड़ा रेल हादसा टल गया। घटना के बाद तुरंत प्लेटफॉर्म खाली कराया गया और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
टिन शेड में दब गए टीटीई और यात्री
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टिन शेड का बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे लटक गया और उसी दौरान वहां मौजूद टीटीई भूपेंद्र तथा यात्री अभिषेक और साहिल उसकी चपेट में आ गए।
हादसे के बाद रेलवे पुलिस और आरपीएफ के जवान दौड़कर मौके पर पहुंचे। जवानों ने किसी तरह भारी टिन शेड को उठाकर घायलों को बाहर निकाला।
घायल टीटीई भूपेंद्र के दोनों पैर गंभीर रूप से फ्रैक्चर हो गए। वहीं अन्य दोनों यात्रियों को भी गंभीर चोटें आईं। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया।
रेनोवेशन कार्य बना हादसे की वजह?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्टेशन पर रेनोवेशन और कॉनकोर्स निर्माण कार्य चल रहा था। इसी वजह से प्लेटफॉर्म नंबर-4 को बंद कर दिया गया था और प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर ट्रेनों का संचालन जारी था।
सूत्रों के मुताबिक, जिन पिलर्स और रेलिंग के सहारे टिन शेड को सपोर्ट मिला हुआ था, उन्हें निर्माण कार्य के दौरान कुछ जगहों से काट या ढीला कर दिया गया था।
इससे टिन शेड का संतुलन कमजोर हो गया और अचानक उसका बड़ा हिस्सा नीचे गिर पड़ा।
भास्कर रिपोर्टर वैभव तिवारी के अनुसार, टिन शेड का कुछ हिस्सा कॉनकोर्स निर्माण के कारण पहले ही काटा जा चुका था और उसके नीचे कोई मजबूत सपोर्ट सिस्टम नहीं बचा था।

स्टेशन पर मचा हड़कंप
हादसे के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों में दहशत फैल गई और कई लोग प्लेटफॉर्म छोड़कर बाहर निकलने लगे।
रेलवे प्रशासन ने तुरंत प्लेटफॉर्म खाली कराया और मौके पर क्रेन मंगवाई गई। स्टेशन पर पहले से मौजूद भारी मशीनों और क्रेन की मदद से गिरे हुए टिन शेड को हटाने का काम शुरू किया गया।
यात्रियों ने रेलवे पर उठाए सवाल
घटना के बाद यात्रियों में रेलवे प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली।
यात्री सौभाग्य सिंह ने कहा कि बिना टिकट यात्रा करने पर रेलवे 500 रुपये तक का जुर्माना वसूलता है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जाता।
उन्होंने कहा कि अगर समय रहते टिन शेड की मरम्मत कराई गई होती, तो यह हादसा टल सकता था।
घायल अभिषेक की हालत गंभीर
हादसे में घायल अभिषेक कुमार की जांघ पर टिन शेड गिर गया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई।
बताया जा रहा है कि अभिषेक University of Lucknow में पढ़ाई करते हैं और साथ ही नगर निगम की कार्यदायी संस्था “लायन एनवायरो” में सुपरवाइजर के तौर पर भी काम करते हैं।
DRM ने दिए जांच के आदेश
हादसे के बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। DRM सुनील कुमार ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
इसके अलावा रेलवे के जीएम आरके पांडेय और प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर प्रेम सागर गुप्ता के भी घटनास्थल का निरीक्षण करने की जानकारी सामने आई है।
रेलवे प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
निष्कर्ष:
लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर हुआ यह हादसा रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्यों की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े करता है। गनीमत रही कि हादसे के वक्त प्लेटफॉर्म पर ज्यादा भीड़ नहीं थी, वरना नुकसान और बड़ा हो सकता था। अब सभी की नजर रेलवे जांच रिपोर्ट और जिम्मेदारों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।

