नई दिल्ली: देश की डिजिटल और दूरसंचार यात्रा में एक और बड़ा अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने भारत में डिजिटल तकनीक के तेजी से विस्तार, 5G नेटवर्क की पहुंच, मोबाइल निर्माण और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर सरकार की दिशा और उपलब्धियों पर बात की। इस साल के आयोजन की थीम ‘Scale Without Boundaries’ यानी ‘बिना सीमाओं के विस्तार’ रखी गई है।
5G से आगे बढ़ रहा भारत
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भारत में 5G नेटवर्क के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि अब 5G कनेक्टिविटी देश के हर जिले तक पहुंच चुकी है। उनके मुताबिक, देश में 5.5 लाख से अधिक 5G बेस स्टेशन काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की डिजिटल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आया है। मोबाइल फोन अब सिर्फ बातचीत और इंटरनेट इस्तेमाल करने का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह सरकारी सेवाओं और सुशासन का भी महत्वपूर्ण साधन बन गया है।
उन्होंने डिजिटल इंडिया को तकनीक के लोकतंत्रीकरण की दिशा में बड़ा प्रयास बताया। उनका कहना था कि आधुनिक तकनीक कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित न रहे और ज्यादा से ज्यादा नागरिक इसका फायदा उठा सकें, यही डिजिटल विस्तार का उद्देश्य है।
मोबाइल बना शासन का महत्वपूर्ण माध्यम
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों में मोबाइल फोन की भूमिका में बड़ा बदलाव आया है। यह सिर्फ संचार का माध्यम नहीं रहा, बल्कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
डिजिटल माध्यम से सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने के साथ आम नागरिकों और सरकार के बीच संपर्क भी आसान हुआ है। प्रधानमंत्री ने इस बदलाव को डिजिटल इंडिया की व्यापक यात्रा का हिस्सा बताया।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि तकनीक का असली फायदा तभी है जब वह आम लोगों तक आसानी से और किफायती तरीके से पहुंचे।

भारत में बढ़ा मोबाइल और टेलीकॉम निर्माण
प्रधानमंत्री ने देश में मोबाइल फोन और टेलीकॉम हार्डवेयर के निर्माण को लेकर भी सरकार की कोशिशों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में ही मोबाइल फोन और दूसरे दूरसंचार उपकरणों के निर्माण पर ध्यान दिया गया है।
इससे भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में घरेलू निर्माण और तकनीकी क्षमता को बढ़ावा देने की कोशिशों को बल मिला है। IMC जैसे मंच पर भारत अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी क्षमताओं को दुनिया के सामने भी प्रदर्शित कर रहा है।
डीपफेक और साइबर फ्रॉड पर पीएम मोदी की चिंता
तकनीकी विकास के साथ बढ़ते डिजिटल खतरों को लेकर भी प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने साइबर फ्रॉड और डीपफेक को बड़ी चुनौती बताते हुए वैश्विक स्तर पर इससे निपटने के लिए सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री के मुताबिक डिजिटल अपराध किसी एक देश की सीमा तक सीमित नहीं रह गए हैं। एक देश में बैठा व्यक्ति दूसरे देश में मौजूद किसी व्यक्ति की मदद से तीसरे देश में अपराध कर सकता है। ऐसे में डिजिटल सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा व्यवस्था की जरूरत बढ़ गई है।
उन्होंने दूरसंचार कंपनियों और वैश्विक संस्थाओं से मिलकर ऐसी व्यवस्था विकसित करने का आह्वान किया, जिससे डिजिटल धोखाधड़ी को लोगों तक पहुंचने से पहले ही रोका जा सके।
IMC 2026 में 5G-6G से लेकर रोबोटिक्स तक फोकस
इंडिया मोबाइल कांग्रेस का इस बार का आयोजन केवल मोबाइल और टेलीकॉम तकनीक तक सीमित नहीं है। कार्यक्रम में 5G और 6G, AI नेटवर्क, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हो रही है।
इसके अलावा इस बार स्मार्ट मोबिलिटी, स्टेडियम एक्सपीरियंस, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है।
आयोजकों के अनुसार, IMC 2026 में 100 से ज्यादा देशों से भागीदारी की उम्मीद है। आयोजन में 1.5 लाख से ज्यादा प्रतिभागी, 500 से अधिक पार्टनर्स और प्रदर्शक, 600 से ज्यादा स्टार्टअप और 900 से अधिक विचारकों की भागीदारी का अनुमान है। इसके अलावा 2,000 से ज्यादा टेक्नोलॉजी यूज केस और 120 से अधिक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
2022 में IMC से शुरू हुआ था 5G का नया दौर
प्रधानमंत्री ने भारत की 5G यात्रा को भी याद किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में भारत में 5G की शुरुआत भी इंडिया मोबाइल कांग्रेस के मंच से हुई थी। इसके बाद देश ने 5G के विस्तार और पहुंच को तेजी से आगे बढ़ाया।
अब 2026 में यही मंच अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी, AI, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों पर चर्चा का बड़ा केंद्र बन गया है।
डिजिटल भविष्य को लेकर बड़ा संदेश
IMC 2026 में प्रधानमंत्री का संदेश केवल 5G के विस्तार तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने तकनीक को आम नागरिकों के जीवन से जोड़ने और डिजिटल सुविधाओं को ज्यादा समावेशी बनाने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री के अनुसार, तकनीक का विस्तार तभी सार्थक है जब उसमें लोगों का भरोसा बना रहे। इसलिए आने वाले समय में डिजिटल विकास के साथ साइबर सुरक्षा, डेटा सुरक्षा और भरोसेमंद तकनीकी व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।
भारत अब केवल डिजिटल तकनीक का बड़ा बाजार बनने के बजाय उसके निर्माण, विकास और वैश्विक इस्तेमाल में अपनी भूमिका बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
निष्कर्ष
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 भारत की डिजिटल यात्रा के अगले चरण का महत्वपूर्ण मंच बनकर सामने आया है। यशोभूमि में इसके 10वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने 5G विस्तार, डिजिटल इंडिया, मोबाइल निर्माण और तकनीक की पहुंच को लेकर भारत की प्रगति पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने डीपफेक और साइबर फ्रॉड जैसे खतरों से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग की जरूरत बताई।
इस आयोजन में 5G-6G से लेकर AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कम्युनिकेशन, रोबोटिक्स और स्मार्ट मोबिलिटी तक कई उभरती तकनीकों पर चर्चा हो रही है। ऐसे में IMC 2026 भारत के डिजिटल भविष्य और वैश्विक टेक्नोलॉजी क्षेत्र में उसकी बढ़ती भूमिका को समझने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

