नई दिल्ली: भारत सरकार ने साइबर सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला लेते हुए ई-रिक्शा को रिमोट के जरिए नियंत्रित करने वाले तीन चीनी मोबाइल ऐप्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। केंद्र सरकार ने BAT-BMS, Epoch-i-ion और Lossigy नाम के ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर और अन्य ऐप स्टोर्स से हटाने का निर्देश जारी किया है।
सरकार का मानना है कि इन ऐप्स के जरिए इंटरनेट से जुड़े ई-रिक्शा को दूर बैठकर नियंत्रित या बंद किया जा सकता है, जिससे न केवल वाहन चालकों की सुरक्षा बल्कि राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि कुछ ई-रिक्शा अचानक बीच सड़क पर रुक गए। शुरुआती जांच में सामने आया कि इन वाहनों में लगे स्मार्ट बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (Battery Management System) से जुड़े मोबाइल ऐप्स के जरिए रिमोट कंट्रोल की सुविधा मौजूद थी।
आईटी सचिव एस. कृष्णन ने की कार्रवाई की पुष्टि
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार को इन ऐप्स के बारे में जानकारी मिली थी और तत्काल कार्रवाई करते हुए इन्हें ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ऐसे किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म या ऐप के जरिए देश की सुरक्षा, सार्वजनिक परिवहन या आम नागरिकों की जिंदगी से खिलवाड़ न हो सके।
एस. कृष्णन ने यह भी कहा कि ऐप स्टोर संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी संदिग्ध या खतरनाक ऐप को अपने प्लेटफॉर्म पर जगह न दें। सरकार इस संबंध में ऐप स्टोर कंपनियों के साथ भी लगातार संपर्क में है।

क्या है BAT-BMS, Epoch-i-ion और Lossigy ऐप्स का मामला?
जानकारी के अनुसार ये तीनों ऐप मुख्य रूप से कुछ ई-रिक्शा और उनकी स्मार्ट बैटरियों के संचालन से जुड़े हुए थे।
इन ऐप्स के माध्यम से बैटरी की स्थिति, चार्जिंग, प्रदर्शन और अन्य तकनीकी जानकारी देखी जा सकती थी। लेकिन जांच में यह भी सामने आया कि इनमें कुछ ऐसे फीचर्स मौजूद थे, जिनके जरिए वाहन को दूर से नियंत्रित या बंद किया जा सकता था।
यही वजह है कि इन ऐप्स को संभावित साइबर खतरे की श्रेणी में रखा गया और तत्काल कार्रवाई की गई।
सोशल मीडिया वीडियो के बाद बढ़ी चिंता
पूरा मामला तब चर्चा में आया जब इंटरनेट पर कुछ वीडियो वायरल हुए। इनमें दावा किया गया कि चलते हुए ई-रिक्शा अचानक बीच सड़क पर बंद हो गए।
हालांकि सभी मामलों की तकनीकी पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इन घटनाओं ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया कि यदि कोई विदेशी ऐप किसी वाहन को दूर से नियंत्रित कर सकता है, तो यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट से जुड़े वाहनों (Connected Vehicles) की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में साइबर सुरक्षा पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
साइबर सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख
भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से विदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऐप्स की सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्क रही है।
सरकार पहले भी राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा सुरक्षा के आधार पर कई विदेशी मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगा चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी ऐप के जरिए किसी वाहन को रिमोट से नियंत्रित किया जा सकता है, तो इसका दुरुपयोग अपराधी, साइबर हमलावर या विदेशी एजेंसियां भी कर सकती हैं।
इसी संभावना को देखते हुए सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है।
ई-रिक्शा चालकों पर क्या पड़ेगा असर?
सरकार की इस कार्रवाई का उद्देश्य ई-रिक्शा सेवाओं को बंद करना नहीं बल्कि उन्हें अधिक सुरक्षित बनाना है।
यदि किसी वाहन में ऐसे ऐप का उपयोग किया जा रहा है, तो संबंधित निर्माता कंपनियों को सुरक्षित विकल्प उपलब्ध कराने होंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में भारत में बनने वाले स्मार्ट इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी सिस्टम में साइबर सुरक्षा के कड़े मानक लागू किए जा सकते हैं।
ऐप स्टोर कंपनियों को भी चेतावनी
आईटी मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में यदि किसी ऐप में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कोई गंभीर खामी पाई जाती है, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
सरकार चाहती है कि ऐप स्टोर संचालक भी ऐप प्रकाशित करने से पहले उनकी तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों की बेहतर समीक्षा करें।
सरकार का कहना है कि डिजिटल इंडिया के दौर में तकनीक का इस्तेमाल सुविधाएं बढ़ाने के लिए होना चाहिए, न कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बनने के लिए।
देश में Connected Vehicles पर बढ़ेगी निगरानी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना भारत में इंटरनेट आधारित वाहनों और स्मार्ट बैटरी सिस्टम की सुरक्षा नीति को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।
आने वाले समय में सरकार ऐसे सभी उपकरणों और ऐप्स की नियमित निगरानी कर सकती है जो इंटरनेट के जरिए वाहनों या अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों को नियंत्रित करते हैं।
निष्कर्ष:
ई-रिक्शा को रिमोट से नियंत्रित करने वाले कथित चीनी ऐप्स BAT-BMS, Epoch-i-ion और Lossigy के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम मानी जा रही है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आम नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। भविष्य में इंटरनेट आधारित वाहनों और स्मार्ट तकनीकों पर निगरानी और भी सख्त होने की संभावना है।

