लखनऊ: रिश्वत मांगने के आरोप में दरोगा निलंबित, वायरल वीडियो ने खोली पोल
उत्तर प्रदेश: की राजधानी लखनऊ से पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। रहीमाबाद थाने में तैनात उपनिरीक्षक (SI) गुड्डू प्रसाद पर एक बैंक धोखाधड़ी मामले की विवेचना के दौरान आरोपी पक्ष को राहत देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दरोगा कथित तौर पर डेढ़ लाख रुपये की मांग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं, वीडियो में एक बिचौलिया भी मौजूद है, जो बाद में कथित तौर पर एक लाख रुपये में सौदा तय कराता नजर आता है।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग हरकत में आया और 9 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे आरोपी दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, माल थाना क्षेत्र के करेंद गांव निवासी विष्णु कुमार द्विवेदी के भाई संतोष कुमार द्विवेदी वर्ष 2023 से लापता हैं। उनकी गुमशुदगी पहले ही दर्ज कराई जा चुकी थी। इसी बीच वर्ष 2026 में बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक ने संतोष कुमार के खिलाफ गोल्ड लोन से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज कराई।
इस मुकदमे की विवेचना रहीमाबाद थाने में तैनात SI गुड्डू प्रसाद कर रहे थे। आरोप है कि जांच के दौरान आरोपी के परिवार पर दबाव बनाया गया और उन्हें राहत देने के बदले बड़ी रकम की मांग की गई।
वायरल वीडियो में क्या सुनाई देता है?
वायरल वीडियो में कथित तौर पर दरोगा कहते सुनाई देते हैं कि यदि तय रकम मिल जाती है तो वह रिकॉर्ड में लिख देंगे कि आरोपी घर पर नहीं मिला और उसकी तलाश की कोशिश भी नहीं करेंगे।
वीडियो में बिचौलिया भी मौजूद है, जो दरोगा और शिकायतकर्ता के बीच बातचीत कराता है। पहले डेढ़ लाख रुपये की मांग की जाती है। बाद में शिकायतकर्ता रकम कम करने की बात करता है, जिसके बाद कथित तौर पर एक लाख रुपये में बात तय होती दिखाई देती है।
वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

पीड़ित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता विष्णु कुमार का आरोप है कि 17 मई 2026 को उनके बेटे शांतनु को पुलिस घर से उठाकर थाने ले गई, जहां उसके साथ मारपीट की गई। उनका दावा है कि बाद में 25 हजार रुपये लेने के बाद उसे छोड़ा गया।
परिवार का यह भी आरोप है कि पुलिस कई बार उनके घर पहुंची, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया और पूरे परिवार को जेल भेजने की धमकी देकर लगातार मानसिक दबाव बनाया।
गोल्ड लोन विवाद कैसे बना केस?
बैंक के अनुसार, संतोष कुमार ने वर्ष 2023 में करीब 7.14 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया था। बैंक का आरोप है कि गिरवी रखे गए सोने की बाद में जांच कराने पर उसकी गुणवत्ता और वजन दस्तावेजों से अलग पाया गया। इसके बाद बैंक ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया और पुलिस जांच शुरू हुई।
इसी विवेचना के दौरान रिश्वत मांगने का यह कथित मामला सामने आया।
पुलिस ने क्या कहा?
रहीमाबाद थाना पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार वीडियो की सत्यता की पुष्टि की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिक स्तर पर आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया गया है।
भ्रष्टाचार पर फिर उठे सवाल
यह मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर फिर बहस तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के कारण लोग पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष:
लखनऊ के रहीमाबाद थाने का यह मामला पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वायरल वीडियो के बाद आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन पूरे प्रकरण की सच्चाई अब विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो यह भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है।

