चंडीगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को हरियाणा के दौरे पर पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका लगभग 12 वर्षों में 18वां हरियाणा दौरा होगा। इस बार उनका कार्यक्रम कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि वे जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके साथ ही राज्य को रेलवे, सड़क, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे से जुड़ी कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात भी मिलेगी।
प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे हरियाणा और उत्तर भारत की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जींद शहर को कार्यक्रम से पहले दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन बनेगी आकर्षण का केंद्र
इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण भारत की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन होगी, जिसे प्रधानमंत्री जींद से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह ट्रेन प्रारंभिक चरण में जींद से सोनीपत के बीच संचालित की जाएगी।
हाइड्रोजन आधारित ट्रेन को भारतीय रेलवे के हरित ऊर्जा अभियान की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस तकनीक से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित भारत-2047 के लक्ष्य का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

हरियाणा को मिलेंगी कई बड़ी विकास परियोजनाएं
प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान राज्य को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात मिलने वाली है। इनमें स्वास्थ्य, सड़क, रेलवे और पर्यटन से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
मुख्य परियोजनाओं में शामिल हैं:
- देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ।
- भिवानी और नारनौल मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन।
- कुरुक्षेत्र में 10 किलोमीटर एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का शुभारंभ।
- कालाअंब ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरिडोर विस्तार।
- दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के हरियाणा खंड का उद्घाटन।
- जींद-गोहाना NH-352A, हांसी-बरवाला फोरलेन और बीकानेर-सिवानी-सोनीपत सड़क परियोजनाओं का विस्तार।
- कुरुक्षेत्र में अत्याधुनिक सिख संग्रहालय का शिलान्यास।
इन परियोजनाओं से राज्य में परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जींद क्यों है राजनीतिक रूप से अहम?
हरियाणा की राजनीति में जींद को लंबे समय से राजनीतिक केंद्र माना जाता है। प्रदेश के भौगोलिक मध्य में स्थित होने के कारण यहां आयोजित रैलियों और राजनीतिक कार्यक्रमों का प्रभाव पूरे राज्य पर देखा जाता है।
इनेलो, कांग्रेस और भाजपा सहित लगभग सभी प्रमुख दलों ने समय-समय पर जींद से अपने बड़े राजनीतिक अभियान शुरू किए हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री द्वारा इस जिले को कार्यक्रम के लिए चुनना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा आगामी राजनीतिक रणनीतियों और संगठनात्मक मजबूती का भी संकेत दे सकता है।
सरकार और संगठन का संयुक्त शक्ति प्रदर्शन
हरियाणा में लगातार तीसरी बार सरकार बनने के बाद भाजपा संगठन को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं, जबकि पार्टी संगठन भी व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुटा हुआ है।
प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में यह कार्यक्रम सरकार और संगठन के समन्वय का भी बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण का भी दिया जाएगा संदेश
प्रधानमंत्री की जींद रैली को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा गया है। भाजपा का दावा है कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिक ई-वाहनों के माध्यम से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेंगे।
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन और पर्यावरण-अनुकूल आयोजन के जरिए स्वच्छ ऊर्जा, हरित परिवहन और टिकाऊ विकास का संदेश देने की तैयारी की गई है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी रहेगा कार्यक्रम का असर
प्रधानमंत्री का संबोधन केवल हरियाणा तक सीमित नहीं रहेगा। रेलवे आधुनिकीकरण, हरित ऊर्जा, एक्सप्रेसवे, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक परिवहन व्यवस्था जैसे विषयों के माध्यम से केंद्र सरकार अपने विकास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का प्रयास करेगी।
निष्कर्ष:
17 जुलाई का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हरियाणा दौरा विकास, हरित ऊर्जा और राजनीतिक संदेश—तीनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ भारतीय रेलवे के लिए एक नई शुरुआत हो सकता है, जबकि विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन से हरियाणा के बुनियादी ढांचे को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

