नई दिल्ली: दिल्ली में प्रदर्शन से पहले CJP नेता अभिजीत दीपके को विमान के भीतर हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आने के बाद उनके परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। अभिजीत की मां अनीता दीपके ने कहा कि उनके बेटे ने उन्हें उस दिन टीवी न देखने और मोबाइल चेक न करने के लिए कहा था। लेकिन मां का दिल नहीं माना और उन्होंने टीवी पर अपने बेटे को विमान में देखा। इसके बाद उन्हें पता चला कि अभिजीत को हिरासत में ले लिया गया है।
इस घटनाक्रम के बाद अनीता दीपके ने सवाल उठाया कि जब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तो उनके बेटे को हिरासत में क्यों लिया गया? परिवार का कहना है कि विमान के भीतर इस तरह की कार्रवाई को लेकर उन्हें चिंता है। वहीं, अभिजीत के पिता भगवानराव दीपके ने भी बेटे का समर्थन करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
मां को पहले से था कार्रवाई का अंदेशा
अनीता दीपके के मुताबिक, अभिजीत ने उन्हें टीवी देखने और फोन चेक करने से मना किया था। इसके बावजूद उन्होंने टीवी देखा और एक वीडियो में अपने बेटे को विमान में बैठे हुए देखा। बाद में उन्हें पता चला कि अभिजीत को विमान के भीतर ही हिरासत में ले लिया गया है।
अनीता ने बताया कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि उनके बेटे के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, उन्हें इस बात पर हैरानी हुई कि पुलिस विमान के भीतर कैसे पहुंची और वहां मौजूद लोगों को हिरासत में कैसे लिया गया।
मां के लिए यह स्थिति भावनात्मक रूप से बेहद कठिन थी। एक तरफ बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता थी, तो दूसरी तरफ यह सवाल भी था कि आखिर उसने ऐसा कौन-सा अपराध किया था, जिसके कारण उसे इस तरह हिरासत में लिया गया। अनीता ने कहा कि अगर उनके बेटे को कुछ होता है, तो इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
‘राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को क्यों नहीं किया हिरासत में?’
अनीता दीपके ने अपने बयान में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि जब दोनों नेता भी विरोध प्रदर्शन में शामिल थे, तो उनके बेटे को ही हिरासत में क्यों लिया गया?
यह सवाल ऐसे समय उठाया गया, जब CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया था। पार्टी की ओर से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे।
हालांकि, अलग-अलग नेताओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई, इसका आकलन करने के लिए संबंधित घटनाओं और पुलिस के आधिकारिक पक्ष को देखना जरूरी है। परिवार की आपत्ति और उसके सवाल उनके अपने बयान हैं; इन्हें पुलिस की कार्रवाई पर अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

पिता भगवानराव दीपके ने भी जताई नाराजगी
अभिजीत के पिता भगवानराव दीपके को अपने बेटे की हिरासत की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। उन्होंने बेटे का समर्थन करते हुए पुलिस और कानून-व्यवस्था को लेकर तीखी टिप्पणी की।
भगवानराव दीपके ने आरोप लगाया कि आम लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेजी से होती है, जबकि गंभीर अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ वैसी तत्परता दिखाई नहीं देती। उन्होंने बलात्कारियों, आतंकवादियों और देश का पैसा लेकर भागने वालों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती।
उनका बयान परिवार की नाराजगी और बेटे के समर्थन को दर्शाता है। हालांकि, यह उनकी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया है। किसी भी मामले में पुलिस की कार्रवाई या अपराध से जुड़े आरोपों का आकलन संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
विमान में हिरासत की घटना से क्यों बढ़ा विवाद?
अभिजीत दीपके के साथ आशुतोष रांका और सौरभ दास को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। घटना से जुड़े वीडियो में तीनों नेताओं को विमान के भीतर हंगामे के बीच ले जाए जाते हुए देखा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में उन्हें दिल्ली और गुरुग्राम के अलग-अलग हिरासत केंद्रों में ले जाया गया।
इस घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े किए। क्या प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे नेताओं को पहले से किसी कार्रवाई की आशंका थी? विमान के भीतर पुलिस की कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई? और हिरासत में लिए गए लोगों को कहां ले जाया गया? इन सवालों का पूरा जवाब संबंधित अधिकारियों के पक्ष और उपलब्ध दस्तावेजों से ही स्पष्ट हो सकता है।
यहां हिरासत और गिरफ्तारी के बीच अंतर को समझना भी जरूरी है। किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया जाना अपने आप में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों और पुलिस कार्रवाई की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक जानकारी आवश्यक है।
परिवार को अब किस बात की चिंता?
अभिजीत की मां और पिता के बयानों से स्पष्ट है कि परिवार अपने बेटे की सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई को लेकर चिंतित है। अनीता दीपके ने बेटे को विमान में देखे जाने के बाद कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि पिता ने भी सरकार और पुलिस के रवैये की आलोचना की।
इस पूरे मामले में अब महत्वपूर्ण यह होगा कि हिरासत की परिस्थितियों और आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक तौर पर क्या जानकारी सामने आती है। परिवार के सवालों का जवाब मिलने और घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
निष्कर्ष
अभिजीत दीपके को विमान के भीतर हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद उनकी मां अनीता दीपके ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का जिक्र करते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि बेटे ने उन्हें टीवी और मोबाइल से दूर रहने को कहा था, लेकिन टीवी पर उसे विमान में देखकर उन्हें हिरासत की जानकारी मिली। पिता भगवानराव दीपके ने भी बेटे का समर्थन किया। अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और हिरासत की परिस्थितियों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण अहम होगा।

