आगरा: के ताजगंज इलाके में लगा चौपाटी मेला रविवार रात अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गया। मेले में लगे एक झूले का कुंडा टूटने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें 14 वर्षीय किशोर कुणाल अग्रवाल की जान चली गई।
हादसे के बाद पूरे मेले में भगदड़ जैसे हालात बन गए। लोग इधर-उधर भागने लगे और कुछ देर के लिए मेले का माहौल पूरी तरह डर और तनाव में बदल गया।
मृतक कुणाल अग्रवाल फिरोजाबाद का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि वह परिवार के साथ मेले में घूमने आया था। इसी दौरान वह झूले पर बैठा हुआ था, तभी अचानक झूले का कुंडा टूट गया और वह नीचे गिर पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत किशोर को उठाया और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हादसे के बाद मेले में मचा हड़कंप
घटना की जानकारी मिलते ही मेले में मौजूद लोगों के बीच डर का माहौल बन गया। कई लोग अपने बच्चों को लेकर तुरंत वहां से निकलने लगे।
हादसे के बाद मेले के अन्य झूलों को भी कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई।
कई प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मेले में लगे झूलों की तकनीकी जांच को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही थाना ताजगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और झूले की स्थिति की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी और सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर हादसे की वजह स्पष्ट नहीं की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद मेले में सुरक्षा इंतजामों को लेकर बहस शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले में बड़ी संख्या में बच्चे और परिवार आते हैं, ऐसे में झूलों की नियमित जांच बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मेले में लगाए जाने वाले बड़े झूलों की फिटनेस जांच, बोल्ट-कुंडों की मजबूती और मशीनों की टेस्टिंग समय-समय पर होनी चाहिए। छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। कई यूजर्स ने मेले के आयोजकों की जिम्मेदारी तय करने की बात कही है।
परिवार में पसरा मातम
कुणाल की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस मेले में परिवार खुशियां मनाने पहुंचा था, वही कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गया।
स्थानीय लोगों ने भी घटना पर दुख जताया है और प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा नियम लागू किए जाएं।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि झूले की फिटनेस जांच हुई थी या नहीं और संचालन में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई।
यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
आगरा के इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर मेलों और सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों की जरूरत को सामने ला दिया है।


