अहमदाबाद में आसाराम के आश्रम पर चला बुलडोजर, हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
गुजरात: के अहमदाबाद में रविवार को उस समय बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली जब मोटेरा क्षेत्र में स्थित विवादित आसाराम आश्रम पर बुलडोजर चला दिया गया। अहमदाबाद महानगरपालिका (AMC) ने हजारों वर्गमीटर में फैले इस आश्रम के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई से पहले प्रशासन ने आश्रम को आवंटित भूमि की मंजूरी निरस्त कर दी थी और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह कदम उठाया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई गुजरात हाईकोर्ट के फैसले के बाद की गई। अदालत ने आश्रम को दी गई जमीन के उपयोग में नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए आश्रम प्रबंधन की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद अहमदाबाद महानगरपालिका ने बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया।

33 हजार वर्गमीटर जमीन पर बना था आश्रम
जानकारी के अनुसार मोटेरा क्षेत्र में स्थित यह आश्रम लगभग 33 हजार वर्गमीटर भूमि पर फैला हुआ था। प्रशासन का आरोप था कि जिस उद्देश्य के लिए जमीन आवंटित की गई थी, उसका पालन नहीं किया गया और भूमि का उपयोग निर्धारित शर्तों के विपरीत किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि भूमि उपयोग संबंधी कई नियमों का उल्लंघन हुआ है। इसी आधार पर संबंधित विभागों ने भूमि आवंटन की मंजूरी रद्द कर दी थी।
हाईकोर्ट ने नहीं दी राहत
आश्रम प्रबंधन ने प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में आश्रम परिसर को ध्वस्त करने पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि अदालत ने राज्य सरकार और महानगरपालिका के पक्ष को सही मानते हुए याचिका खारिज कर दी।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि संबंधित भूमि पर किए गए निर्माण को नियमों के तहत नियमित नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में केवल शुल्क जमा कर अवैध निर्माण को वैध घोषित करने का प्रावधान लागू नहीं होता।

अक्टूबर 2025 में खारिज हुआ था आवेदन
महानगरपालिका के अधिकारियों के मुताबिक आश्रम प्रबंधन ने निर्माण को नियमित कराने के लिए आवेदन दिया था। लेकिन अक्टूबर 2025 में इस आवेदन को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा, जहां से भी आश्रम को राहत नहीं मिली।
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू की और सुरक्षा व्यवस्था के बीच रविवार को कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
भारी सुरक्षा के बीच चला अभियान
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन को आशंका थी कि कार्रवाई के दौरान विरोध प्रदर्शन हो सकता है, इसलिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
सुबह से ही नगर निगम की टीम, पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। बुलडोजरों और अन्य मशीनों की मदद से आश्रम परिसर के कई हिस्सों को ध्वस्त किया गया।
चर्चा में आया मामला
आसाराम पहले से ही विभिन्न कानूनी मामलों और विवादों के कारण चर्चा में रहे हैं। ऐसे में उनके आश्रम पर हुई यह कार्रवाई राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गई है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई अवैध निर्माण और भूमि उपयोग नियमों के उल्लंघन के मामलों में प्रशासन की सख्ती का संकेत है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे कानून के समान अनुपालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।
आगे क्या होगा?
प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि यदि अन्य किसी हिस्से में भी नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल पूरे मामले की निगरानी की जा रही है और संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा जारी है।
इस कार्रवाई के बाद मोटेरा क्षेत्र में स्थित आश्रम का बड़ा हिस्सा जमींदोज हो चुका है और प्रशासन ने इसे कानून के अनुसार की गई कार्रवाई बताया है।
निष्कर्ष:
अहमदाबाद में आसाराम आश्रम पर चली बुलडोजर कार्रवाई ने एक बार फिर अवैध निर्माण और भूमि उपयोग नियमों को लेकर बहस छेड़ दी है। हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए आश्रम के बड़े हिस्से को ध्वस्त कर दिया। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी नजर बनी रहेगी।

