नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेला जा रहा पहला टेस्ट मैच टीम इंडिया के लिए सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 की रेस के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती श्रीलंकाई टीम से ज्यादा मौसम बनता दिखाई दे रहा है। गॉल में लगातार बारिश के कारण खेल प्रभावित हो रहा है और दूसरे दिन भी बारिश ने मैच की शुरुआत में बाधा डाली।
भारत ने 15 अगस्त को मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। बारिश से प्रभावित पहले दिन भारत ने 73 ओवर में 2 विकेट पर 288 रन बनाए। देवदत्त पडिक्कल ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ते हुए नाबाद 131 रन बनाए, जबकि ऋषभ पंत भी क्रीज पर मौजूद थे।
बारिश बनी टीम इंडिया की सबसे बड़ी चिंता
गॉल टेस्ट में पहले दिन से ही बारिश का असर देखने को मिला। दूसरे दिन भी बारिश के कारण खेल शुरू होने में देरी हुई और मौसम ने मुकाबले की गति पर ब्रेक लगाया। आने वाले दिनों में भी मौसम मैच के नतीजे को प्रभावित कर सकता है।
भारत इस समय बल्लेबाजी की स्थिति में मजबूत नजर आ रहा है। ऐसे में अगर टीम को पर्याप्त समय मिलता है तो वह श्रीलंका पर दबाव बनाने की कोशिश कर सकती है। लेकिन लगातार बारिश के कारण ओवर कम होते गए तो टेस्ट मैच का नतीजा निकालना मुश्किल हो सकता है।
ड्रॉ हुआ तो WTC में क्या होगा?
WTC में टीमों की स्थिति केवल जीत और हार से नहीं, बल्कि Points Percentage (PCT) से तय होती है। भारत फिलहाल 48.15 प्रतिशत अंक के साथ पांचवें स्थान पर है। भारत के लिए श्रीलंका के खिलाफ जीत इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे फाइनल की दौड़ में उसके अंक प्रतिशत को बढ़ाने का मौका मिलेगा।
इसके उलट मुकाबला ड्रॉ होने पर भारत को जीत की तुलना में काफी कम अंक मिलेंगे। इसका सीधा असर उसके PCT पर पड़ेगा। इसलिए टीम इंडिया के लिए बारिश का हर अतिरिक्त घंटा महत्वपूर्ण हो गया है।
हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि एक ड्रॉ के साथ भारत की WTC फाइनल की उम्मीदें खत्म हो जाएंगी। लेकिन मौजूदा स्थिति में हर टेस्ट का परिणाम महत्वपूर्ण है और अंक गंवाने से आगे की राह कठिन जरूर हो सकती है।

बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर मचाया बड़ा उलटफेर
भारत की चिंता केवल गॉल के मौसम तक सीमित नहीं है। WTC की रेस में दूसरी टीमों के परिणाम भी समीकरण बदल रहे हैं।
बांग्लादेश ने डार्विन में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर बांग्लादेश की पहली टेस्ट जीत है। इस जीत के बाद बांग्लादेश का PCT बढ़कर 66.67 प्रतिशत हो गया और वह अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया की हार से उसका PCT भी गिरा है, हालांकि वह अभी शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। इससे WTC की रेस में कई टीमों के बीच अंतर कम हुआ है।
भारत के लिए आगे की राह आसान नहीं
भारत के WTC अभियान की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम को फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए अब आने वाले टेस्ट मैचों में लगातार अच्छे नतीजे हासिल करने होंगे।
कप्तान शुभमन गिल भी पहले ही इस सीरीज की अहमियत पर जोर दे चुके हैं। भारत को श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट खेलने हैं और इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ भी टेस्ट सीरीज खेलनी है।
ऐसे में गॉल टेस्ट में जीत भारत के लिए आत्मविश्वास के साथ-साथ WTC अंक तालिका के लिहाज से भी बेहद उपयोगी होगी।
पडिक्कल ने संभाली भारत की पारी
गॉल टेस्ट के पहले दिन भारत के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक खबर देवदत्त पडिक्कल का शानदार प्रदर्शन रहा। उन्होंने 131 रन की नाबाद पारी खेलकर टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला शतक पूरा किया।
भारत ने दिन का खेल 288/2 पर समाप्त किया था। बारिश के कारण ओवरों की संख्या कम होने के बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
अब टीम इंडिया की कोशिश होगी कि मौसम साथ दे तो पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा किया जाए और श्रीलंका को दबाव में लाया जाए।
क्या भारत के लिए बारिश बनेगी विलेन?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि गॉल का मौसम मैच को कितनी देर तक प्रभावित करता है। भारत मजबूत स्थिति से शुरुआत कर चुका है, लेकिन टेस्ट मैच में समय सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक होता है।
अगर लगातार बारिश के कारण पर्याप्त खेल नहीं हो पाया और मुकाबला ड्रॉ की ओर बढ़ा, तो भारत को WTC तालिका में जीत से मिलने वाले महत्वपूर्ण अंक नहीं मिल पाएंगे।
निष्कर्ष
गॉल टेस्ट में भारत के सामने श्रीलंका के साथ-साथ मौसम की चुनौती भी है। पहले दिन 288/2 का मजबूत स्कोर बनाने के बाद टीम इंडिया अच्छी स्थिति में है, लेकिन बारिश लगातार मैच की लय बिगाड़ रही है। उधर बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत ने WTC फाइनल की रेस को और प्रतिस्पर्धी बना दिया है। ऐसे में भारत के लिए गॉल टेस्ट में नतीजा हासिल करना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।

